January 15, 2026
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स्कूलों तक पहुँचा कैंसर अस्पताल, बच्चों को मिले ‘पंख’

  • December 27, 2025
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दिल्ली स्टेट कैंसर इंस्टीट्यूट की अनूठी पहल से जागरूकता की उड़ान पूर्वी दिल्ली अरुण शर्मा रिधि दर्पण ! एक स्वस्थ समाज और सुरक्षित भविष्य की परिकल्पना को साकार

दिल्ली स्टेट कैंसर इंस्टीट्यूट की अनूठी पहल से जागरूकता की उड़ान

पूर्वी दिल्ली अरुण शर्मा रिधि दर्पण !

एक स्वस्थ समाज और सुरक्षित भविष्य की परिकल्पना को साकार करने की दिशा में दिल्ली स्टेट कैंसर इंस्टीट्यूट (DSCI) ने एक सराहनीय और अभिनव पहल की है। “कैंसर हॉस्पिटल @ स्कूल विद पंख” नामक इस जन-जागरूकता कार्यक्रम के माध्यम से स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को कैंसर के प्रति जागरूक किया जा रहा है, ताकि वे कम उम्र से ही स्वस्थ जीवनशैली और रोकथाम के महत्व को समझ सकें।


करीब एक वर्ष पूर्व शुरू हुई इस पहल के अंतर्गत अब तक दिल्ली के एक दर्जन से अधिक सरकारी स्कूलों में हजारों छात्रों को कैंसर से जुड़ी आवश्यक जानकारी दी जा चुकी है। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य कैंसर की रोकथाम, प्रारंभिक पहचान और स्वस्थ आदतों को बढ़ावा देना है।


‘पंख’ का संदेश—ज्ञान, जागरूकता और आशा
DSCI द्वारा संचालित इस अभियान का नाम PANKH अपने आप में एक सार्थक संदेश समेटे हुए है—
P – Prevention (रोकथाम)
A – Awareness (जागरूकता)
N – Nutrition (पोषण)
K – Knowledge (ज्ञान)
H – Hope (आशा)
यह अभियान DSCI @ School with PANKH के बैनर तले चलाया जा रहा है, जिसका उद्देश्य बच्चों को सही जानकारी देकर उन्हें स्वयं और समाज दोनों के लिए जिम्मेदार बनाना है।


विचार से जमीन तक—टीम वर्क की मिसाल
इस पहल की परिकल्पना डॉ. पंकज त्यागी, एसोसिएट प्रोफेसर (गैस्ट्रोएंटरोलॉजी), DSCI ने की। कार्यक्रम का सफल क्रियान्वयन सुश्री रंजना कुमारी, पीआर एक्जीक्यूटिव, DSCI द्वारा किया जा रहा है, जो स्कूलों से समन्वय स्थापित कर वरिष्ठ फैकल्टी और डॉक्टरों के साथ मिलकर जागरूकता सत्रों का संचालन सुनिश्चित करती हैं।


“स्वस्थ और समझदार भविष्य की ओर कदम”
इस पहल पर डॉ. विनोद कुमार, निदेशक, DSCI ने कहा—
“यह एक अभिनव प्रयास है, जिसमें अस्पताल स्कूलों तक पहुँचकर देश के लिए एक स्वस्थ, समझदार और उज्ज्वल भविष्य की नींव रख रहा है। पूरी कैंसर जागरूकता टीम प्रशंसा की पात्र है और सहयोग के लिए मैं सभी स्कूलों का आभार व्यक्त करता हूँ।”
हर महीने स्कूल, हर बच्चा जागरूक—लक्ष्य स्पष्ट
कार्यक्रम के मार्गदर्शक डॉ. पंकज त्यागी ने बताया—
“हमने एक सफल शुरुआत की है और इसे निरंतर विस्तार देने के लिए प्रतिबद्ध हैं। हमारा लक्ष्य हर महीने दो से तीन स्कूलों में कैंसर जागरूकता फैलाना है। जागरूकता और सतर्कता कैंसर के जोखिम को कम करने और उसकी शीघ्र पहचान में निर्णायक भूमिका निभाती है।”
जीवनशैली से जुड़ी रोकथाम पर विशेष जोर
कार्यक्रम के तहत कक्षा 6 से 12 तक के छात्रों को कैंसर के विभिन्न पहलुओं से अवगत कराया जाता है।
डॉ. शांभवी शर्मा, सहायक प्रोफेसर (क्लिनिकल ऑन्कोलॉजी) ने बताया कि 200 से अधिक प्रकार के कैंसरों में से विशेष रूप से उन कैंसरों पर ध्यान केंद्रित किया जाता है, जिन्हें स्वस्थ जीवनशैली, स्वच्छता, संतुलित आहार, अल्ट्रावॉयलेट किरणों और विकिरण से सुरक्षा द्वारा रोका जा सकता है। कार्यक्रम में परिवर्तनीय जोखिम कारकों (Modifiable Risk Factors) पर विशेष बल दिया जाता है।


संवाद से समाधान—छात्रों से सीधा संवाद
कार्यक्रम समन्वयक सुश्री रंजना कुमारी ने बताया कि तीन से चार फैकल्टी सदस्यों की एक समर्पित टीम स्कूलों का दौरा करती है, जिसमें हर सत्र में चार से पाँच विभागों के डॉक्टर भाग लेते हैं।
छात्रों को सर्वाइकल, सिर-गर्दन, स्तन, फेफड़े और यकृत कैंसर की रोकथाम से जुड़ी जानकारी दी जाती है। प्रत्येक सत्र में प्रश्नोत्तर संवाद आयोजित किया जाता है, जिससे छात्र अपने सवाल सीधे विशेषज्ञों से पूछ सकें।
12 से 30 स्कूलों तक—भविष्य की बड़ी तैयारी
दिल्ली स्टेट कैंसर इंस्टीट्यूट इस अभियान को और विस्तार देने की योजना पर काम कर रहा है। वर्तमान में 12 स्कूलों तक सीमित इस कार्यक्रम को प्रति वर्ष 25 से 30 स्कूलों तक पहुँचाने का लक्ष्य रखा गया है, ताकि कम उम्र से ही शिक्षा के माध्यम से कैंसर की रोकथाम संभव हो सके और भारत का स्वस्थ भविष्य सुनिश्चित किया जा सके।
यह पहल न सिर्फ जागरूकता का माध्यम है, बल्कि बच्चों को ज्ञान के ‘पंख’ देकर उन्हें बेहतर और सुरक्षित जीवन की ओर उड़ान भरने की प्रेरणा भी देती है।

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