उत्तराखंड की अस्मिता पर हमला बर्दाश्त नहीं होगा-माहरा
- December 29, 2025
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@नई दिल्ली हरि सिंह रावत रिधि दर्पण अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की कार्य समिति के सदस्य करण माहरा ने कहा है कि उत्तराखंड की अस्मिता पर होने वाला
@नई दिल्ली हरि सिंह रावत रिधि दर्पण अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की कार्य समिति के सदस्य करण माहरा ने कहा है कि उत्तराखंड की अस्मिता पर होने वाला
@नई दिल्ली हरि सिंह रावत रिधि दर्पण
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की कार्य समिति के सदस्य करण माहरा ने कहा है कि उत्तराखंड की अस्मिता पर होने वाला कोई भी हमला कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। श्री माहरा नई दिल्ली स्थित उत्तराखंड सदन में प्रसिद्ध राज्य आंदोलनकारी और उक्रांद नेता फील्ड मार्शल दिवाकर भट्ट और भाकपा माले नेता राजा बहुगुणा की याद में आयोजित श्रद्धांजलि सभा को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि जिस राज्य की प्राप्ति के लिए जनता ने ऐतिहासिक लड़ाई लड़ी उसकी अस्मिता की रक्षा के लिए सभी को आगे आना होगा। राज्य के पूर्व मंत्री और कांग्रेस प्रवक्ता धीरेंद्र प्रताप की अध्यक्षता में आयोजित इस श्रद्धांजलि सभा में बड़ी संख्या में राज्य आंदोलनकारियों, पत्रकारों तथा सामाजिक एवं राजनीतिक क्षेत्रों से जुड़े कार्यकर्ताओं ने भाग लिया।

श्रद्धांजलि सभा को भारतीय जनता पार्टी के विधायक किशोर उपाध्याय वरिष्ठ पत्रकार दाताराम चमोली, सुरेश नौटियाल, देव सिंह रावत, चारू तिवारी, सतेन्द्र रावत, राज्य आंदोलनकारी व कांग्रेस के पूर्व सचिव हरिपाल रावत, दिल्ली अचिन्हित आंदोलनकारी समिति के अध्यक्ष मनमोहन शाह एवं संरक्षक अनिल पंत, महिला प्रकोष्ठ की अध्यक्षा श्रीमती उमा जोशी व महासचिव पुष्पा घुघतयाल, बुद्धिजीवी डॉक्टर प्रेम बहुखंडी, राज्य आंदोलनकारी व नाटककार खुशाल सिंह बिष्ट, साहित्यकार दिनेश ध्यानी, करण बुटोला, पत्रकार जगमोहन डांगी, शिवानंद बलूनी, धर्मेंद्र रावत, डॉक्टर विनोद बछेती, वरिष्ठ भाजपा कार्यकर्ता गिरीश बलूनी व अर्जुन राणा समेत अनेक लोगों ने संबोधित किया। सभी वक्ताओं ने एक स्वर में दिवाकर भट्ट के उत्तराखंड आंदोलन में योगदान को ऐतिहासिक बताया। किशोर उपाध्याय और हरिपाल रावत ने कहा दिवाकर भट्ट ने राज्य आंदोलन को कई मोड़ दिए। उनका योगदान ऐतिहासिक रहा। अब नई पीढ़ी को चाहिए कि राज्य को बचाने के लिए आगे आए। धीरेंद्र प्रताप ने उत्तराखंड के गांधी स्वर्गीय इंद्रमणि बडोनी, फील्ड मार्शल दिवाकर भट्ट एवं राजा बहुगुणा के राज्य आंदोलन के योगदान को विशेष तौर पर याद किया। उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी को इन महापुरुषों के योगदान से प्रेरणा लेते हुए राज्य की अस्मिता की रक्षा और विकास के लिए आगे आना होगा।

भाकपा माले के नेता पुरुषोत्तम शर्मा ने सभा को संबोधित करते हुए राजा बहुगुणा के योगदान को अविस्मरणीय बताया और कहा कि उन्होंने अपनी जवानी के बहुत अच्छे दिन उत्तराखंड आंदोलन और गरीब और कमजोर वर्ग की शक्तियों को मजबूती प्रदान करने में लगाए। उत्तराखंड क्रांति दल के नेता विनोद रावत ने दिवाकर भट्ट को जुझारू नेता बताया। वरिष्ठ पत्रकार दाताराम चमोली ने कहा कि दिवाकर भट्ट आंदोलन के स्तंभ ही नहीं, बल्कि लोकप्रिय श्रमिक नेता, सामाजिक कार्यकर्ता और चिंतक भी थे।
श्रद्धांजलि सभा में भाजपा कांग्रेस समेत तमाम राजनीतिक दलों के नेता मौजूद थे। लिहाजा एक बार विचार भिनन्ता की स्थिति भी पैदा हुई। सभा में अंकिता भंडारी कांड का जिक्र आने पर कुछ भाजपा कार्यकर्ताओं ने कहा कि यह कार्यक्रम श्रद्धांजलि का है, तो मूल विषय पर ही बात होनी चाहिए, जबकि कांग्रेस कार्यकर्ताओं का मानना था कि यदि राज्य की अस्मिता पर कोई भी राजनीतिक दल चोट पहुंचाएगा तो उसके विरोध में आवाज उठेगी ही। हमने उत्तराखंड मातृशक्ति को अपमानित करने के लिए नहीं बनाया है और मातृशक्ति ने इसके लिए कुर्बानियां नहीं दी हैं कि कोई राज्य की अस्मिता पर हमला करे।
सभा में अंकिता हत्याकांड के दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा देने का प्रस्ताव पारित किया गया और जल्दी ही दिल्ली में नए साल में अंकिता भंडारी के दोषियों को सजा दिलाए जाने की मांग को लेकर एक विशाल जन प्रदर्शन आयोजित किए जाने की बात कही गई। सभा के अध्यक्ष धीरेंद्र प्रताप ने कहा कि उत्तराखंडी अपनी मां- बहनों की इज्जत पर डाका डालने वालों को कभी माफ नहीं करेंगे।
सभा में उत्तराखंड लोक मंच के उपाध्यक्ष पंचम सिंह रावत, किशोर रावत, प्रताप थलवाल, पत्रकार दीप सिलोड़ी आदि अनेक आंदोलनकारी एवं सामाजिक कार्यकर्ता शामिल हुए।