AI समिट में प्रदर्शित रोबोट के संबंध में निष्पक्ष जाँच की मांग
- February 19, 2026
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@ नई दिल्ली :- हाल ही में आयोजित एक AI समिट में एक निजी विश्वविद्यालय द्वारा प्रदर्शित किए गए रोबोट को उनका स्वयं का आविष्कार बताया गया। इस
@ नई दिल्ली :- हाल ही में आयोजित एक AI समिट में एक निजी विश्वविद्यालय द्वारा प्रदर्शित किए गए रोबोट को उनका स्वयं का आविष्कार बताया गया। इस
@ नई दिल्ली :-
हाल ही में आयोजित एक AI समिट में एक निजी विश्वविद्यालय द्वारा प्रदर्शित किए गए रोबोट को उनका स्वयं का आविष्कार बताया गया। इस संबंध में विभिन्न समाचार माध्यमों एवं सोशल मीडिया पर ऐसी सूचनाएँ प्रसारित हुई हैं कि उक्त रोबोट कथित रूप से विदेशी तकनीक, विशेषकर चीन में विकसित तकनीक, से संबंधित हो सकता है।

इन्हीं मीडिया रिपोर्ट्स और सार्वजनिक चर्चाओं के आधार पर, कानून के छात्र दिव्यांशु निशाना, अधिवक्ता कार्तिक गुलाटी एवं कुणाल, तथा शिकायतकर्ता मयंक शर्मा और श्रेयोसी सरकार द्वारा संयुक्त रूप से संबंधित प्राधिकरणों के समक्ष एक औपचारिक शिकायत प्रस्तुत की गई है। शिकायत में अनुरोध किया गया है कि मामले की निष्पक्ष एवं स्वतंत्र जाँच कराई जाए, ताकि रोबोट के विकास, स्वामित्व और प्रस्तुति के संबंध में वास्तविक तथ्य स्पष्ट हो सकें।
शिकायतकर्ताओं का कहना है कि यदि मीडिया में प्रसारित दावे सत्य पाए जाते हैं, तो यह भ्रामक प्रस्तुति का मामला हो सकता है, जिससे देश की छवि और तकनीकी विश्वसनीयता पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका है। इस आधार पर उन्होंने संबंधित जिम्मेदार व्यक्तियों की भूमिका की जाँच और आवश्यक कानूनी कार्रवाई किए जाने का अनुरोध किया है।

इसके अतिरिक्त, दिव्यांशु निशाना ने प्रधानमंत्री से भी आग्रह किया है कि पूरे प्रकरण की जाँच राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (NIA) तथा अन्य संबंधित सुरक्षा एजेंसियों से कराई जाए। उनका कहना है कि उपलब्ध सूचनाओं को देखते हुए यह सुनिश्चित किया जाना आवश्यक है कि इस मामले में किसी विदेशी संस्था या देश से अनुचित संबंध तो नहीं हैं। उन्होंने राष्ट्रीय हित को ध्यान में रखते हुए सभी पहलुओं की गहन और निष्पक्ष जाँच कराने की मांग की है।
गलगोटिया यूनिवर्सिटी के चेयरमैन ,डायरेक्टर , तथा HoD के खिलाफ देशद्रोह तथा जालसाजी का मामला दर्ज किया जाए कहीं ऐसा तो नहीं यह यूनिवर्सिटी चीन से मिली हो
सभी शिकायतकर्ताओं ने स्वयं को जागरूक नागरिक बताते हुए स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य किसी संस्था या व्यक्ति की छवि धूमिल करना नहीं, बल्कि तथ्यों की सत्यता की पुष्टि और पारदर्शिता सुनिश्चित करना है, ताकि देश की गरिमा और विश्वसनीयता अक्षुण्ण रहे।