January 15, 2026
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गढ़वाल भवन स्थापना दिवस पर ऐतिहासिक सम्मान समारोह, कई विभूतियाँ हुईं सम्मानित

  • December 29, 2025
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लोकसंस्कृति, साहित्य और समाजसेवा की त्रिवेणी में सजा भव्य आयोजन 67 वर्षों की गौरवशाली यात्रा, सम्मान–संस्कृति–एकजुटता का संदेश @नई दिल्ली हरि सिंह रावत रिधि दर्पण !गढ़वाल भवन के

@नई दिल्ली हरि सिंह रावत रिधि दर्पण !
गढ़वाल भवन के स्थापना दिवस के अवसर पर रविवार को गढ़वाल भवन, पंचकुइयाँ मार्ग में एक भव्य एवं ऐतिहासिक आयोजन किया गया। यह पहला अवसर था जब गढ़वाल हितैषिणी सभा द्वारा औपचारिक रूप से गढ़वाल भवन स्थापना दिवस मनाया गया। दिल्ली सरकार की गढ़वाली–कुमाऊनी–जौनसारी भाषा अकादमी के सहयोग से आयोजित इस समारोह में गढ़वाली हितैषिणी सभा और गुंजन कला केंद्र के संयुक्त तत्वावधान में लोकगीतों, नृत्य और संस्कृति की भव्य रंगारंग सांस्कृतिक संध्या सजी।इस अवसर पर श्री देव सुमन वरिष्ठ नागरिक सम्मान 2025 तथा गढ़ गौरव वीर चंद्र सिंह गढ़वाली सम्मान 2025 समाज के उन प्रतिष्ठित व्यक्तित्वों को प्रदान किए गए, जिन्होंने भाषा, साहित्य, समाजसेवा, पत्रकारिता, कला और संस्कृति के क्षेत्र में उत्कृष्ट एवं उल्लेखनीय योगदान दिया है। समारोह में विभिन्न क्षेत्रों की कई विभूतियों को सम्मानित किया गया।

सौ वर्ष पुरानी संस्था, सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक

गढ़वाल हितैषिणी सभा की स्थापना वर्ष 1923 में हुई थी और वर्ष 1958 में दिल्ली के पंचकुइयाँ मार्ग पर गढ़वाल भवन की नींव रखी गई। लगभग एक सदी से अधिक समय से यह संस्था सामाजिक, सांस्कृतिक और शैक्षिक गतिविधियों में निरंतर सक्रिय रही है। दिल्ली की सौ वर्ष पुरानी संस्थाओं में गढ़वाल हितैषिणी सभा का अग्रणी स्थान रहा है।
वरिष्ठों का सम्मान, उपलब्धियों का अभिनंदन

समारोह में 80 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठजनों को श्रीदेव सुमन वरिष्ठ नागरिक सम्मान से सम्मानित किया गया। वहीं समाज के विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल करने वाले प्रतिष्ठित व्यक्तित्वों को गढ़ गौरव वीर चंद्र सिंह गढ़वाली उपलब्धि सम्मान प्रदान किया गया।
इनमें IAS परीक्षा में 98वीं रैंक प्राप्त करने वाले श्री प्रद्युम्न बिजल्वाण सामाजिक क्षेत्र से जुड़े उत्तराखंड समाज के अनेक विशिष्ट जन शामिल रहे।

साहित्य, भाषा और संस्कृति को मिला सम्मान

समारोह में वरिष्ठ साहित्यकार ललित केशवान, जबर सिंह कैंतुरा तथा दिनेश ध्यानी को वीर चंद्र सिंह गढ़वाली स्मृति साहित्य सम्मान प्रदान किया गया।
ललित केशवान ने बाल साहित्य, हास्य सहित विभिन्न विधाओं में गढ़वाली और हिंदी भाषाओं में दो दर्जन से अधिक पुस्तकों की रचना की है और वे पिछले 60 वर्षों से साहित्य सेवा में सक्रिय हैं।
जबर सिंह कैंतुरा गढ़वाली भाषा में अनेक पुस्तकों के रचनाकार हैं।
दिनेश ध्यानी, उत्तराखंड लोक-भाषा साहित्य मंच, दिल्ली के संयोजक हैं, जो गढ़वाली भाषा शिक्षण कक्षाओं के माध्यम से नई पीढ़ी को भाषा से जोड़ने का कार्य कर रहे हैं। साथ ही वे गढ़वाली और कुमाऊनी भाषाओं को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल कराने के लिए भी निरंतर प्रयासरत हैं।फिल्म जगत में गीत लेखन के लिए डॉ. सतीश कालेश्वरी को भी सम्मानित किया गया।

पत्रकारों और समाजसेवियों का अभिनंदन

पत्रकारिता के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले पत्रकारों को विशेष सम्मान प्रदान किया गया जिसमें वरिष्ठ पत्रकार सुनील नेगी , पूनम बिष्ट ,जगमोहन जिज्ञासु ,हरीश रावत , दीप सिलोडी , अमर चंद,योगेश भट्ट ,जगमोहन डांगी, डी एस नेगी इसके अतिरिक्त अनेक वरिष्ठ समाजसेवियों को भी मंच से सम्मान प्रदान किया गया।

रंगारंग सांस्कृतिक संध्या बनी आकर्षण का केंद्र

कार्यक्रम में गढ़वाली–कुमाऊनी–जौनसारी भाषा अकादमी के माध्यम से श्री सर्वेश्वर बिष्ट एवं उनके समूह द्वारा शानदार सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ दी गईं। सुप्रसिद्ध लोक गायिका मनोरमा तिवारी भट्ट सहित अन्य कलाकारों की प्रस्तुतियों को दर्शकों ने खूब सराहा।
इस अवसर पर हाल ही में नियुक्त भारतीय प्रशासनिक सेवा के नव अधिकारी प्रद्युम्न बिजल्वाण की उपस्थिति भी विशेष आकर्षण का केंद्र रही।

गणमान्य अतिथियों की रही गरिमामयी उपस्थिति

समारोह में समाज के विभिन्न क्षेत्रों से अनेक प्रतिष्ठित व्यक्तित्व उपस्थित रहे, जिनमें प्रमुख रूप से—
मयूर पब्लिक स्कूल के चेयरमैन मनवर सिंह रावत, दिल्ली विधानसभा के उपाध्यक्ष मोहन सिंह बिष्ट, टिहरी सांसद माला राज्यलक्ष्मी शाह, , दिलशाद गार्डेन के निगम पार्षद वीर सिंह पंवार, टिहरी विधायक किशोर उपाध्याय,पांडव नगर से पार्षद श्री यशपाल कैंतुरा ,रोशन रतूड़ी वरिष्ठ साहित्यकार श्री रमेश चंद्र घिल्डियाल ‘सरस’, फिल्म निर्देशक श्रीमती सुशीला रावत, गढ़वाल हितैषिणी सभा के पूर्व अध्यक्ष नरेंद्र सिंह नेगी, उत्तराखंड लोक मंच के अध्यक्ष बृजमोहन उप्रेती, लेखिका डॉ. हेमा उनियाल सहित अनेक साहित्यकार, पत्रकार, कलाकार और समाजसेवी शामिल रहे।

सफल संचालन और प्रेरक संदेश
कार्यक्रम की शुरुआत गढ़वाल हितैषिणी सभा के अध्यक्ष श्री सूरत सिंह रावत के स्वागत भाषण से हुई, जिसमें उन्होंने संस्था के गौरवशाली इतिहास, संघर्ष और उपलब्धियों पर प्रकाश डाला। समारोह का कुशल, सुस्पष्ट और गरिमामयी संचालन महासचिव डॉ. पवन कुमार मैठाणी द्वारा किया गया, जिससे कार्यक्रम और भी प्रभावशाली व यादगार बन गया।
कार्यक्रम का समापन उपाध्यक्ष श्री शैलेन्द्र नेगी के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। समस्त कार्यकारिणी को उनकी जिम्मेदारियों के सफल निर्वहन के लिए साधुवाद दिया गया।
गौरव, प्रेरणा और भविष्य का संकल्प


इस ऐतिहासिक समारोह में सम्मिलित होना उपस्थित सभी लोगों के लिए गौरव और सौभाग्य का विषय रहा। श्रीदेव सुमन एवं गढ़ गौरव वीर चंद्र सिंह गढ़वाली के नाम पर सम्मानित सभी महानुभावों को हार्दिक बधाई दी गई। यह संदेश स्पष्ट रूप से उभरकर आया कि सम्मान व्यक्ति को श्रेष्ठ कार्यों के लिए प्रेरित करता है और समाज को नई दिशा प्रदान करता है।
समारोह के अंत में सभा के सभी पदाधिकारियों, कार्यकारिणी सदस्यों एवं उपस्थित गणमान्यजनों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी गईं तथा आयोजन हेतु पूरी टीम के प्रति आभार व्यक्त किया गया।
साथ ही यह सामूहिक आह्वान भी किया गया कि—
हम सभी मिलकर गढ़वाल भवन के सौंदर्यीकरण, रखरखाव और आधुनिक सुविधाओं के विकास हेतु निरंतर प्रयास करें, ताकि यह ऐतिहासिक धरोहर आने वाली पीढ़ियों के लिए भी पहाड़ की पहचान, संस्कृति और एकता का सशक्त प्रतीक बनी रहे।

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