March 6, 2026
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श्री बृजेश्वरी नगरकोट काली मंदिर में भव्य फागन होली महोत्सवबसंत ऋतु के उल्लास और सनातन परंपरा का दिव्य संगम

  • March 3, 2026
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@अरुण शर्मा पूर्वी दिल्ली स्थित Shri Brijeshwari Nagarkot Kali Mandir में इस वर्ष भी फागन होली महोत्सव अत्यंत श्रद्धा, उत्साह और भव्यता के साथ मनाया गया। मंदिर प्रांगण

@अरुण शर्मा

पूर्वी दिल्ली स्थित Shri Brijeshwari Nagarkot Kali Mandir में इस वर्ष भी फागन होली महोत्सव अत्यंत श्रद्धा, उत्साह और भव्यता के साथ मनाया गया। मंदिर प्रांगण भक्तों की उपस्थिति से गूंज उठा, जहां भजन-कीर्तन, गुलाल, फूलों की होली और आरती के साथ बसंत ऋतु का स्वागत किया गया।
भजनों से सजी भक्तिमय संध्या
प्रसिद्ध भजन गायिकाएं कोमल गुप्ता और मधुबाला गुप्ता ने अपने मधुर भजनों से श्रद्धालुओं का मन मोह लिया। फागुन के रंगों से सराबोर भजनों पर भक्त झूम उठे और पूरा वातावरण भक्ति एवं आनंद में डूब गया।
फूलों और गुलाल की पावन होली
कार्यक्रम में पंडित अशोक शर्मा सहित अनेक श्रद्धालुओं — मुकेश कुमार कामरा (मोनू), अरविंद गुप्ता, जतिन गुप्ता, ललित गुप्ता, पंकज गुप्ता, अनीता सिंगल, सर्वेश सुमन गुप्ता, खुशबू गुप्ता, पूजा गुप्ता, वरुण गुप्ता, नरेंद्र प्रजापति, उमाशंकर गुप्ता, मोहन दत्त शर्मा, रामलाल शर्मा, कुसुम शर्मा, संतोष प्रजापति एवं नरेश अरोड़ा — ने गुलाल और फूलों की होली खेलकर फागुन के उल्लास को जीवंत कर दिया।


अंत में सामूहिक रूप से हनुमान चालीसा पाठ, आरती और प्रसाद वितरण के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।
बसंत ऋतु और होली का सनातन महत्व
होली केवल रंगों का उत्सव नहीं, बल्कि अधर्म पर धर्म की विजय, नकारात्मकता पर सकारात्मकता की जीत और प्रकृति के नवजीवन का उत्सव है।
सनातन धर्म में होली का विशेष महत्व इस प्रकार है:
भक्ति और समर्पण का प्रतीक – प्रह्लाद की अटूट श्रद्धा की स्मृति
सामाजिक समरसता का संदेश – भेदभाव मिटाकर एकता का पर्व
बसंत ऋतु का स्वागत – प्रकृति में नव ऊर्जा और सृजन का आरंभ
प्रेम, सौहार्द और क्षमा का पर्व
विनोद कुमार गुप्ता का देशवासियों के नाम संदेश
मंदिर के सेवक विनोद कुमार गुप्ता ने श्रद्धालुओं का स्वागत करते हुए कहा:
“होली हमें यह सिखाती है कि हम अपने जीवन से अहंकार, द्वेष और नकारात्मकता को दूर कर प्रेम, भाईचारे और धर्म के मार्ग पर चलें। बसंत ऋतु की तरह हमारा जीवन भी नई ऊर्जा और सकारात्मकता से भर जाए। हम सब मिलकर सनातन संस्कृति के मूल्यों को आगे बढ़ाएं।”
उन्होंने देशवासियों से अपील की कि प्राकृतिक रंगों और पर्यावरण-सुरक्षित तरीकों से होली मनाएं, ताकि यह पर्व प्रकृति और मानवता दोनों के लिए मंगलकारी बने।
रंगों के साथ आध्यात्मिक संदेश
Shri Brijeshwari Nagarkot Kali Mandir में आयोजित यह महोत्सव केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि सनातन परंपरा, सांस्कृतिक एकता और आध्यात्मिक जागरण का प्रतीक बन गया।
यह पावन पर्व हमें याद दिलाता है कि जब समाज प्रेम, श्रद्धा और धर्म के रंग में रंगता है, तभी सच्चे अर्थों में होली का उत्सव सार्थक होता है।
आप सभी को होली की हार्दिक शुभकामनाएं!

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