February 9, 2026
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प्रधानमंत्री मोदी के ‘विकसित भारत–स्वस्थ भारत’ विज़न को नई उड़ानमेक इन इंडिया के तहत भारत में एआई-सर्जिकल रोबोट, सस्ती रोबोटिक सर्जरी की ऐतिहासिक पहल

  • February 6, 2026
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नई दिल्ली रिधि दर्पण/ अरुण शर्माप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत, स्वस्थ भारत और आत्मनिर्भर भारत’ के विज़न को साकार करने की दिशा में भारत ने हेल्थकेयर टेक्नोलॉजी

नई दिल्ली रिधि दर्पण/ अरुण शर्मा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत, स्वस्थ भारत और आत्मनिर्भर भारत’ के विज़न को साकार करने की दिशा में भारत ने हेल्थकेयर टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में एक और ऐतिहासिक छलांग लगाई है।
शुक्रा फार्मास्यूटिकल्स लिमिटेड और बॉर्न्स मेडिकल रोबोटिक्स इंक. के बीच हुए समझौता ज्ञापन (एमओयू) के साथ भारत में एआई-संचालित ‘वीर सर्जिकल रोबोट’ को पेश किया गया है, जो पूरे देश और एशिया में किफायती, सुलभ और विश्व-स्तरीय रोबोटिक सर्जरी की राह खोलेगा।


यह साझेदारी मेक इन इंडिया और आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत भारत को ग्लोबल मेडिकल टेक्नोलॉजी हब के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक निर्णायक कदम मानी जा रही है।
डॉ. मीनाक्षी लाते: आत्मनिर्भर भारत की दिशा में हेल्थकेयर क्रांति
शुक्रा फार्मास्यूटिकल्स की सीईओ और ग्लोबल हेड डॉ. मीनाक्षी लाते ने इस पहल को राष्ट्रीय महत्व का बताते हुए कहा—
“बॉर्न्स के साथ यह साझेदारी आत्मनिर्भर भारत की सोच का विस्तार है। हमारा उद्देश्य उन्नत सर्जिकल तकनीक को उन मरीजों तक पहुंचाना है, जो अब तक इससे वंचित रहे हैं—खासतौर पर ग्रामीण और अर्ध-शहरी भारत में।”
उन्होंने कहा कि यह पहल भारत में हेल्थकेयर इक्विटी को मजबूत करेगी और तकनीक को केवल बड़े शहरों तक सीमित नहीं रहने देगी।


डॉ. अलेक्जेंडर टी. टीचमैन: भारत से एशिया तक स्केलेबल हेल्थकेयर मॉडल
बॉर्न्स मेडिकल रोबोटिक्स इंक. के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अलेक्जेंडर टी. टीचमैन ने कहा—
“यह संयुक्त उद्यम बॉर्न्स की एआई-संचालित रोबोटिक्स और शुक्रा की गहरी बाजार समझ को जोड़ता है। हम भारत और एशिया के लिए एक ऐसा स्केलेबल हेल्थकेयर इंफ्रास्ट्रक्चर बना रहे हैं, जो सटीक, सुरक्षित और किफायती सर्जरी को नया मानक बनाएगा।”
उन्होंने इसे ग्लोबल हेल्थकेयर के भविष्य की नींव करार दिया।
दक्षेश शाह: अब रोबोटिक सर्जरी सिर्फ मेट्रो शहरों तक सीमित नहीं
शुक्रा फार्मास्यूटिकल्स के चेयरमैन व प्रबंध निदेशक दक्षेश शाह ने स्पष्ट शब्दों में कहा—
“हर भारतीय को सर्वश्रेष्ठ हेल्थकेयर टेक्नोलॉजी का अधिकार है। हमारी प्रतिबद्धता है कि विश्व-स्तरीय रोबोटिक सर्जरी अब केवल प्रीमियम अस्पतालों या बड़े शहरों तक सीमित न रहे।”
उन्होंने कहा कि यह साझेदारी भारत में सर्जिकल उपचार के लोकतंत्रीकरण की दिशा में एक बड़ा कदम है।
डॉ. विवेक बिंदल: रोबोटिक सर्जरी का लोकतंत्रीकरण शुरू
मैक्स इंस्टीट्यूट ऑफ रोबोटिक सर्जरी, पटपड़गंज के निदेशक एवं प्रमुख सर्जन डॉ. विवेक बिंदल, जो ‘वीर’ रोबोट के शुरुआती उपयोगकर्ताओं में शामिल रहे, ने कहा—
“उच्च लागत के कारण रोबोटिक सर्जरी सीमित थी। ‘वीर’ जैसे नेक्स्ट-जेन प्लेटफॉर्म के साथ अब सिंगल-पोर्ट सर्जरी, एआई-सुरक्षा फीचर्स और उन्नत माइक्रो-इंस्ट्रूमेंट्स आम मरीजों तक पहुंचेंगे।”
उनके अनुसार, यह तकनीक टियर-2 और टियर-3 शहरों में मिनिमली इनवेसिव सर्जरी को नई दिशा देगी।
भारत में बनेगा सर्जिकल रोबोटिक्स का मजबूत ईकोसिस्टम
इस साझेदारी के तहत भारत में—
विनिर्माण और वितरण यूनिट्स स्थापित होंगी
सर्जनों के लिए व्यापक प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू होंगे
टियर-2 और टियर-3 शहरों में उन्नत सर्जिकल विकल्प उपलब्ध होंगे
यह पूरी पहल मेक इन इंडिया के तहत भारत को मेडिकल डिवाइस निर्माण में आत्मनिर्भर बनाएगी।
क्लीनिकल ट्रायल में सफल, 2026 से अस्पतालों में तैनाती
‘वीर सर्जिकल रोबोट’ के पहले ह्यूमन क्लीनिकल ट्रायल में इसकी सुरक्षा, सटीकता और उत्कृष्ट क्लीनिकल परिणाम सामने आए हैं।
इन निष्कर्षों को—
प्रमुख अंतरराष्ट्रीय जर्नल्स में प्रकाशित किया गया
सीडीएससीओ को रिपोर्ट किया गया
इसे 2026 की दूसरी तिमाही से देश के प्रमुख अस्पतालों में तैनात किया जाएगा।
ग्रेटर नोएडा में 600 करोड़ का निवेश, 3,000 से अधिक रोजगार
शुक्रा फार्मास्यूटिकल्स को यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण से मेडिकल डिवाइस पार्क, ग्रेटर नोएडा में 10 एकड़ भूमि का आशय पत्र मिला है।
यहां—
₹600 करोड़ का निवेश
सर्जिकल रोबोटिक्स और BNCT तकनीक का उत्पादन
900 से अधिक प्रत्यक्ष और लगभग 2,000 अप्रत्यक्ष रोजगार
सृजित होंगे, जिससे भारत वैश्विक स्वास्थ्य नवाचार का केंद्र बनेगा।
निष्कर्ष
यह साझेदारी केवल एक व्यावसायिक करार नहीं, बल्कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत, स्वस्थ भारत और आत्मनिर्भर भारत के सपने को जमीन पर उतारने की दिशा में एक ऐतिहासिक राष्ट्रीय पहल है—जो भारत को हेल्थकेयर टेक्नोलॉजी में वैश्विक नेतृत्व दिलाने की क्षमता रखती है।

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