February 9, 2026
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चांदनी चौक में सक्रिय महिला चोर गैंग का पर्दाफाश, तीन आरोपी गिरफ्तार

  • February 5, 2026
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@नई दिल्ली रिधि दर्पण ! नई दिल्ली। चांदनी चौक और किनारी बाजार जैसे भीड़भाड़ वाले इलाकों में चोरी और जेबतराशी की वारदातों को अंजाम देने वाली एक महिला

@नई दिल्ली रिधि दर्पण !

नई दिल्ली। चांदनी चौक और किनारी बाजार जैसे भीड़भाड़ वाले इलाकों में चोरी और जेबतराशी की वारदातों को अंजाम देने वाली एक महिला चोर गैंग का कोतवाली थाना पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने मध्य प्रदेश से दिल्ली आकर वारदात करने वाली तीन महिलाओं को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से चोरी किए गए सोने-हीरे के गहने बरामद किए हैं।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, 28 जनवरी को योजना विहार निवासी एस. गर्गा, जो पेशे से हाईकोर्ट की वकील हैं, किनारी बाजार में अपने सोने और हीरे के गहनों की मरम्मत कराने आई थीं। मरम्मत के बाद जब वह बाजार से बाहर निकल रही थीं, तभी अज्ञात महिलाओं ने भीड़ का फायदा उठाकर उनके बैग से कीमती हार और एक जोड़ी सोने की बालियां चोरी कर लीं। पीड़िता की शिकायत पर कोतवाली थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की।

एसीपी शंकर बनर्जी की निगरानी में तथा एसएचओ सुमन कुमार के निर्देशन में इंस्पेक्टर ज्ञान प्रकाश की टीम ने चांदनी चौक और किनारी बाजार में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। फुटेज में दो संदिग्ध महिलाएं पीड़िता के बैग से गहने निकालते हुए नजर आईं, जिन्हें बाद में ऑटो-रिक्शा से जाते हुए भी देखा गया।

पुलिस ने ह्यूमैन इंटेलिजेंस और ऑटो चालक से पूछताछ के आधार पर मयूर विहार के चिल्ला गांव में छापेमारी कर प्रीति और अनमोल को गिरफ्तार किया। दोनों आरोपी जिला राजगढ़, मध्य प्रदेश की रहने वाली हैं। अनमोल के पास से चोरी किए गए हार के 28 पत्थर बरामद किए गए। उनकी निशानदेही पर तीसरी आरोपी सन्नो को भी उसके किराए के कमरे से गिरफ्तार किया गया, जिसके पास से हार का बचा हुआ हिस्सा और एक जोड़ी झुमके बरामद हुए।

पूछताछ में खुलासा हुआ कि तीनों महिलाएं ट्रेन से दिल्ली आती थीं और मयूर विहार के चिल्ला गांव में किराए पर कमरा लेकर रहती थीं। इसके बाद चांदनी चौक, किनारी बाजार और अन्य भीड़भाड़ वाले बाजारों में चोरी और जेबतराशी की वारदातों को अंजाम देती थीं। वारदात के बाद पुलिस से बचने के लिए अलग-अलग ऑटो-रिक्शा बदलकर अपने ठिकानों पर लौट जाती थीं और कुछ ही दिनों में दिल्ली छोड़ देती थीं।

पुलिस के अनुसार, यह गैंग पिछले 10 से 12 वर्षों से सक्रिय था। फिलहाल पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर उनके अन्य साथियों और पुराने मामलों की जानकारी जुटाने में लगी है।

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