February 9, 2026
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दिल्ली नगर निगम को मिला सशक्त नेतृत्व: संजीव खिरवार के कंधों पर राजधानी को नई दिशा देने की बड़ी जिम्मेदारी

  • January 22, 2026
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नई दिल्ली | : अरुण शर्मादेश की राजधानी दिल्ली को शहरी प्रशासन के मोर्चे पर नई ऊर्जा और स्पष्ट दिशा देने के उद्देश्य से दिल्ली नगर निगम (एमसीडी)

नई दिल्ली | : अरुण शर्मा
देश की राजधानी दिल्ली को शहरी प्रशासन के मोर्चे पर नई ऊर्जा और स्पष्ट दिशा देने के उद्देश्य से दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) को नया कमिश्नर मिल गया है। वरिष्ठ आईएएस अधिकारी संजीव खिरवार की नियुक्ति को प्रशासनिक हलकों में एक मजबूत और निर्णायक कदम के रूप में देखा जा रहा है। जमीनी प्रशासन, नीति-निर्माण और कठिन परिस्थितियों में परिणाम देने के अनुभव के चलते उनसे दिल्ली नगर निगम की कार्यप्रणाली में ठोस सुधार की उम्मीदें बंधी हैं।
दिल्ली आज जिन जटिल शहरी समस्याओं से जूझ रही है, उनमें वायु प्रदूषण, कचरा प्रबंधन, स्वच्छता, जलभराव, अवैध निर्माण और बुनियादी नागरिक सेवाओं की गुणवत्ता प्रमुख हैं। एमसीडी जैसी विशाल संस्था का नेतृत्व ऐसे समय में संभालना किसी चुनौती से कम नहीं, लेकिन प्रशासनिक सूत्रों का मानना है कि संजीव खिरवार का अनुभव और कार्यशैली इन समस्याओं से निपटने में निर्णायक साबित हो सकती है।


प्रदूषण पर निर्णायक कार्रवाई सबसे बड़ी चुनौती
दिल्ली की पहचान आज दुनिया के सबसे प्रदूषित शहरों में होने लगी है। सर्दियों में जहरीली हवा, निर्माण कार्यों से उड़ती धूल, कचरा जलाने की घटनाएं और सड़कों की बदहाल सफाई व्यवस्था सीधे तौर पर एमसीडी के दायरे में आती हैं। नए कमिश्नर से अपेक्षा है कि वे सड़क धूल नियंत्रण, ठोस कचरा प्रबंधन और निगरानी व्यवस्था को आक्रामक ढंग से लागू करेंगे, ताकि राजधानी की हवा में वास्तविक सुधार दिखे।


स्वच्छता और कचरा प्रबंधन पर फोकस
दिल्ली नगर निगम की सबसे बड़ी पहचान उसकी सफाई व्यवस्था से जुड़ी है। जगह-जगह कूड़े के ढेर, समय पर कचरा उठान की समस्या और कर्मचारियों से जुड़े प्रशासनिक मसले लंबे समय से निगम की छवि पर असर डालते रहे हैं। संजीव खिरवार से उम्मीद है कि वे तकनीक, जवाबदेही और सख्त मॉनिटरिंग के जरिए स्वच्छता व्यवस्था को पटरी पर लाएंगे और निगम को “रिएक्टिव” से “प्रोएक्टिव” प्रशासन की ओर ले जाएंगे।
नागरिक सेवाओं में सुधार की दरकार
एमसीडी के अंतर्गत आने वाले प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, स्कूल, पार्क, सड़कें और सार्वजनिक सुविधाएं सीधे आम नागरिक के जीवन को प्रभावित करती हैं। नए कमिश्नर के सामने चुनौती होगी कि इन सेवाओं को सिर्फ फाइलों तक सीमित न रखते हुए जमीनी स्तर पर प्रभावी और पारदर्शी बनाया जाए। विशेषज्ञ मानते हैं कि संजीव खिरवार का प्रशासनिक अनुभव इस दिशा में बड़े सुधार ला सकता है।
राजनीतिक दबावों के बीच प्रशासनिक संतुलन
दिल्ली नगर निगम में राजनीतिक समीकरण अक्सर प्रशासनिक फैसलों को प्रभावित करते रहे हैं। ऐसे में नए कमिश्नर के सामने यह भी बड़ी परीक्षा होगी कि वे राजनीतिक दबावों से ऊपर उठकर नियम, पारदर्शिता और जनहित को प्राथमिकता दें। वरिष्ठ अधिकारियों का मानना है कि संजीव खिरवार की छवि एक दृढ़ और नियम-आधारित प्रशासक की रही है, जो निगम के लिए सकारात्मक संकेत है।
नई उम्मीदों का दौर
संजीव खिरवार की नियुक्ति के साथ ही दिल्ली नगर निगम को लेकर एक बार फिर चर्चाएं तेज हो गई हैं। राजधानी के नागरिकों की नजर अब इस बात पर है कि क्या एमसीडी प्रदूषण, सफाई और बुनियादी सेवाओं जैसे मुद्दों पर ठोस बदलाव दिखा पाएगा। प्रशासनिक गलियारों में यह भरोसा भी जताया जा रहा है कि नए कमिश्नर के नेतृत्व में निगम सिर्फ विवादों में नहीं, बल्कि परिणामों के लिए चर्चा में रहेगा।
देश की राजधानी को स्वच्छ, स्वस्थ और सुव्यवस्थित बनाने की जिम्मेदारी अब संजीव खिरवार के कंधों पर है—और दिल्ली को उनसे बड़े फैसलों और तेज़ बदलाव की उम्मीद है।

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