आईसीजीएस संकल्प का मॉरीशस के पोर्ट लुईस में आगमन
- January 17, 2026
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@पोर्ट लुईस, मॉरीशस भारतीय तटरक्षक बल (Indian Coast Guard) का अपतटीय गश्ती पोत आईसीजीएस संकल्प 17 जनवरी 2026 को अपनी जारी ओवरसीज डिप्लॉयमेंट (Overseas Deployment) के तहत मॉरीशस
@पोर्ट लुईस, मॉरीशस भारतीय तटरक्षक बल (Indian Coast Guard) का अपतटीय गश्ती पोत आईसीजीएस संकल्प 17 जनवरी 2026 को अपनी जारी ओवरसीज डिप्लॉयमेंट (Overseas Deployment) के तहत मॉरीशस
@पोर्ट लुईस, मॉरीशस
भारतीय तटरक्षक बल (Indian Coast Guard) का अपतटीय गश्ती पोत आईसीजीएस संकल्प 17 जनवरी 2026 को अपनी जारी ओवरसीज डिप्लॉयमेंट (Overseas Deployment) के तहत मॉरीशस के पोर्ट लुईस पहुँचा। यह दौरा हिंद महासागर क्षेत्र (IOR) में मित्र देशों के साथ समुद्री सहयोग को सुदृढ़ करने, पारस्परिक कार्यक्षमता बढ़ाने तथा भारत–मॉरीशस के घनिष्ठ द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने की भारत की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
इस तैनाती के दौरान जहाज पर दो महिला अधिकारी भी तैनात हैं, जो समुद्री अभियानों में लैंगिक समावेशन और महिला सशक्तिकरण के प्रति भारतीय तटरक्षक बल की प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है।
यह तैनाती भारत के समुद्री दृष्टिकोण सागर (SAGAR – क्षेत्र में सभी के लिए सुरक्षा और विकास) के अनुरूप है, जिसका उद्देश्य क्षेत्रीय समुद्री सुरक्षा, संरक्षा और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देना है। पोर्ट लुईस में प्रवास के दौरान आईसीजीएस संकल्प, मॉरीशस के नेशनल कोस्ट गार्ड (NCG) तथा अन्य समुद्री एजेंसियों के साथ व्यावसायिक संवाद करेगा, जिससे प्रमुख परिचालन क्षेत्रों में सर्वोत्तम प्रथाओं के आदान-प्रदान और आपसी समझ को बढ़ावा मिलेगा।

इस पोर्ट कॉल के दौरान एक व्यापक प्रशिक्षण कार्यक्रम भी आयोजित किया गया है, जिसमें समुद्र एवं बंदरगाह अभ्यास, तेल प्रदूषण नियंत्रण, क्षति नियंत्रण (NBCD) अभ्यास तथा अग्निशमन अभ्यास शामिल हैं। इसके अतिरिक्त विजिट, बोर्ड, सर्च एंड सीजर (VBSS) संयुक्त प्रशिक्षण, नेविगेशन ब्रिज और मशीनरी कंट्रोल रूम (MCR) एकीकरण अभ्यास भी किए जाएंगे, जिससे परिचालन समन्वय और तैयारियों को और सुदृढ़ किया जा सके।
व्यावसायिक गतिविधियों के साथ-साथ, इस दौरे के दौरान मैत्रीपूर्ण खेल प्रतियोगिताएँ और सांस्कृतिक आदान-प्रदान भी आयोजित किए जाएंगे, जिससे आपसी सौहार्द और जन-से-जन संपर्क को बढ़ावा मिलेगा। जहाज का चालक दल सामुदायिक सेवा गतिविधियों में भी भाग लेगा, जो भारत की सकारात्मक पहुँच और सद्भावना को दर्शाता है। यह यात्रा भारत की स्वदेशी जहाज निर्माण क्षमता को प्रदर्शित करने का भी अवसर प्रदान करती है, जो “आत्मनिर्भर भारत” की अवधारणा को सशक्त बनाती है।
मॉरीशस में आईसीजीएस संकल्प की यह यात्रा विस्तारित पड़ोस में समुद्री साझेदारियों को गहराई देने के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को पुनः पुष्ट करती है। यह भारतीय तटरक्षक बल की एक विश्वसनीय क्षेत्रीय भागीदार के रूप में भूमिका को दर्शाती है, जो समुद्री सुरक्षा, संरक्षा, क्षमता निर्माण और पर्यावरण संरक्षण के लिए निरंतर प्रयासरत है।
मॉरीशस यात्रा के उपरांत आईसीजीएस संकल्प हिंद महासागर क्षेत्र में अपनी ओवरसीज डिप्लॉयमेंट के अगले चरण के तहत सेशेल्स के लिए प्रस्थान करेगा, जिससे प्रमुख द्वीपीय देशों के साथ भारत की समुद्री पहुँच और साझेदारी को और बल मिलेगा।