February 9, 2026
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कपिल मिश्रा के नेतृत्व में ऐतिहासिक श्रम सुधार

  • January 17, 2026
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गिग और निर्माण श्रमिकों को मिलेगा व्यापक सामाजिक सुरक्षा कवचगिग और निर्माण श्रमिकों को मिलेगा व्यापक सामाजिक सुरक्षा कवच नई दिल्ली | अरुण शर्मादेश के श्रम क्षेत्र में

गिग और निर्माण श्रमिकों को मिलेगा व्यापक सामाजिक सुरक्षा कवचगिग और निर्माण श्रमिकों को मिलेगा व्यापक सामाजिक सुरक्षा कवच

नई दिल्ली | अरुण शर्मा
देश के श्रम क्षेत्र में एक ऐतिहासिक और दूरगामी पहल करते हुए केंद्र/दिल्ली सरकार ने गिग और निर्माण क्षेत्र के लाखों श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा के दायरे में लाने की प्रक्रिया तेज कर दी है। श्रम मंत्री कपिल मिश्रा के नेतृत्व में शुरू की गई यह पहल असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के लिए सुरक्षा, सम्मान और स्थायित्व सुनिश्चित करने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है।
इस पहल के तहत गिग और प्लेटफॉर्म वर्कर्स का पंजीकरण और पहचान की जा रही है, ताकि उन्हें स्वास्थ्य बीमा, दुर्घटना बीमा, पेंशन योजनाओं और अन्य कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ा जा सके। श्रम मंत्री कपिल मिश्रा ने स्पष्ट किया है कि सरकार का उद्देश्य साफ है—कोई भी श्रमिक सामाजिक सुरक्षा से वंचित न रहे।
आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, इस कदम से श्रमिकों को न केवल आर्थिक सुरक्षा मिलेगी, बल्कि उनके कार्यस्थलों पर सम्मान और सामाजिक पहचान भी मजबूत होगी। विशेषज्ञों का मानना है कि यह पहल असंगठित श्रम क्षेत्र में एक नई शुरुआत है, जो “सबका साथ, सबका विकास” के संकल्प को जमीन पर उतारती है।


मुनीश कुमार गौर ने बताया साहसिक और स्वागतयोग्य फैसला
‘श्रमिकों को बड़ी राहत, श्रम कल्याण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता’
भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व कर्मचारी मुआवजा आयुक्त मुनीश कुमार गौर ने सरकार के इस फैसले की सराहना करते हुए इसे ऐतिहासिक और दूरदर्शी बताया है। उन्होंने इस पहल का श्रेय श्रम मंत्री कपिल मिश्रा को देते हुए कहा कि यह निर्णय वर्षों से हाशिए पर रहे श्रमिकों को मुख्यधारा में लाने का माध्यम बनेगा।
गौर ने कहा, “गिग और निर्माण श्रमिक लंबे समय से सामाजिक सुरक्षा से बाहर थे। यह फैसला उन्हें सुरक्षा और राहत देने वाला है।” उन्होंने इसे श्रमिक हितैषी और साहसिक कदम बताते हुए कहा कि सरकार की नीतियां अब कागजों तक सीमित नहीं, बल्कि ज़मीनी स्तर पर प्रभावी रूप से लागू हो रही हैं।
कुल मिलाकर, यह पहल लाखों श्रमिकों के भविष्य को सुरक्षित करने के साथ-साथ भारत को एक अधिक समानतापूर्ण और सशक्त कार्यबल की ओर ले जाने वाली महत्वपूर्ण सुधार के रूप में देखी जा रही है।

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