EWS मरीजों को बड़ी राहत
- January 4, 2026
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@नई दिल्ली रिधि दर्पण अरुण शर्मा ! अब ₹5 लाख तक सालाना आय वाले मरीजों को मिलेगा मुफ्त इलाजDGHS का आदेश, DDA की ज़मीन पर बने निजी अस्पतालों
@नई दिल्ली रिधि दर्पण अरुण शर्मा ! अब ₹5 लाख तक सालाना आय वाले मरीजों को मिलेगा मुफ्त इलाजDGHS का आदेश, DDA की ज़मीन पर बने निजी अस्पतालों
@नई दिल्ली रिधि दर्पण अरुण शर्मा !
अब ₹5 लाख तक सालाना आय वाले मरीजों को मिलेगा मुफ्त इलाज
DGHS का आदेश, DDA की ज़मीन पर बने निजी अस्पतालों में लागू होगा नियम
दिल्ली और देशभर के आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) के मरीजों के लिए बड़ी राहत की खबर है। डायरेक्टर जनरल ऑफ हेल्थ सर्विसेज (DGHS) ने एक अहम आदेश जारी करते हुए EWS श्रेणी के तहत इलाज की सालाना आय सीमा ₹2.20 लाख से बढ़ाकर ₹5 लाख कर दी है। इस फैसले से लाखों जरूरतमंद मरीजों को निजी अस्पतालों में भी मुफ्त इलाज का लाभ मिल सकेगा।
यह आदेश DDA की जमीन पर बने निजी अस्पतालों में लागू होगा, जहां अब ₹5 लाख तक की वार्षिक आय वाले मरीज भी EWS कोटे के तहत इलाज करा सकेंगे। यह निर्णय दिल्ली हाईकोर्ट के 2 सितंबर और 31 अक्टूबर 2025 के आदेशों के अनुपालन में गठित स्पेशल कमेटी की बैठक में लिया गया।
अब ज्यादा मरीज होंगे EWS के दायरे में

आय सीमा बढ़ने से बड़ी संख्या में जरूरतमंद परिवार EWS श्रेणी में आ सकेंगे। ऐसे मरीजों को दिल्ली सरकार द्वारा चिन्हित निजी अस्पतालों में इलाज की सुविधा मिलेगी, जिससे मध्यम और निम्न आय वर्ग को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
DGHS ने सभी मेडिकल सुपरिंटेंडेंट्स और नोडल अधिकारियों को निर्देश दिया है कि EWS मरीजों के इलाज से जुड़े दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन किया जाए। आदेश में साफ किया गया है कि किसी भी अस्पताल द्वारा नियमों की अनदेखी को गंभीरता से लिया जाएगा और दोषी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई होगी।
देशभर के मरीजों को भी होगा फायदा
हेल्थ एक्सपर्ट अशोक अग्रवाल के अनुसार, दिल्ली में इस समय 62 अस्पताल इस दायरे में आते हैं, जहां नियम के तहत कुल बेड्स का 10 प्रतिशत EWS मरीजों के लिए आरक्षित है। वर्तमान में दिल्ली में लगभग 1000 बेड्स EWS श्रेणी के लिए उपलब्ध हैं।
चूंकि ये अस्पताल DDA की जमीन पर बने हैं और केंद्र सरकार के अधीन आते हैं, इसलिए इस आदेश का लाभ पूरे देश के मरीजों को मिलेगा। आय प्रमाण पत्र के आधार पर कोई भी पात्र मरीज यहां निःशुल्क इलाज करा सकता है।
पहले पेज के लिए संदेश
यह फैसला न सिर्फ स्वास्थ्य सेवाओं में समानता की दिशा में बड़ा कदम है, बल्कि यह भी साबित करता है कि सरकारी नीतियों का सही क्रियान्वयन आम आदमी की जिंदगी में वास्तविक बदलाव ला सकता है।
EWS मरीजों के लिए यह आदेश इलाज के साथ-साथ सम्मान और भरोसे की नई उम्मीद लेकर आया है।