January 15, 2026
दिल्ली दिल्ली-एनसीआर

नए जिलों के गठन से जनता को बड़ी राहतप्रशासन होगा और नज़दीक, सेवाएं तेज़, शिकायतों का त्वरित समाधान

  • December 26, 2025
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@नई दिल्ली अरुण शर्मा रिधि दर्पण ! राजधानी दिल्ली में प्रशासनिक ढांचे के पुनर्गठन की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए नए जिलों के गठन की प्रक्रिया शुरू

@नई दिल्ली अरुण शर्मा रिधि दर्पण !

राजधानी दिल्ली में प्रशासनिक ढांचे के पुनर्गठन की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए नए जिलों के गठन की प्रक्रिया शुरू की गई है। इस बदलाव से आम जनता को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है। सरकार का उद्देश्य है कि प्रशासन नागरिकों के और करीब पहुंचे, सरकारी सेवाएं सुगम हों और वर्षों से चली आ रही प्रशासनिक जटिलताओं का अंत हो।
जनता को होंगे ये प्रमुख लाभ


नए जिलों के गठन से—
सरकारी सेवाओं तक आसान और त्वरित पहुंच सुनिश्चित होगी
प्रशासन नागरिकों के और करीब आएगा
शिकायत निवारण प्रणाली अधिक प्रभावी और तेज होगी
अधिकारियों पर बढ़ता कार्यभार कम होगा
जिला एवं उप-जिला सीमाओं को लेकर बना भ्रम समाप्त होगा
राजस्व विभाग, नगर निगम और अन्य एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल बनेगा
शहरी नियोजन, आपदा प्रबंधन और भूमि रिकॉर्ड व्यवस्था अधिक प्रभावी होगी
13 जिले और उनके अधीन एसडीएम कार्यालय
प्रस्तावित व्यवस्था के तहत राजधानी को 13 जिलों में विभाजित किया गया है, जिनके अंतर्गत निम्नलिखित एसडीएम कार्यालय कार्य करेंगे—
दक्षिण-पूर्व जिला: जंगपुरा, कालकाजी, बदरपुर
पुरानी दिल्ली जिला: सदर बाजार, चांदनी चौक
उत्तरी जिला: बुराड़ी, आदर्श नगर, बवाना
नई दिल्ली जिला: दिल्ली कैंट, नई दिल्ली
मध्य जिला: पटेल नगर, करोलबाग
मध्य-उत्तरी जिला: शकूर बस्ती, शालीमार बाग, मॉडल टाउन
दक्षिण-पश्चिमी जिला: नजफगढ़, मटियाला, द्वारका, बिजवासन
बाहरी उत्तरी जिला: मुंडका, नरेला, बवाना
उत्तर-पश्चिमी जिला: किराड़ी, नांगलोई जाट, रोहिणी
उत्तर-पूर्वी जिला: करावल नगर, गोकलपुरी, यमुना विहार, शाहदरा
पूर्वी जिला: गांधी नगर, विश्वास नगर, पटपड़गंज
दक्षिणी जिला: छतरपुर, मालवीय नगर, देवली, महरौली
पश्चिमी जिला: विकासपुरी, जनकपुरी, राजौरी गार्डन
बजट और अमल की तैयारी
सरकारी सूत्रों के अनुसार, इस प्रशासनिक बदलाव के लिए चालू वित्त वर्ष में प्रारंभिक बजट को स्वीकृति दे दी गई है। भूमि रिकॉर्ड, संपत्ति पंजीकरण और नागरिक सेवाओं में सुधार के साथ-साथ प्रशासनिक प्रक्रियाओं में तेजी लाई जाएगी।
जनता के लिए सुशासन की ओर कदम
नए जिलों का गठन विकेंद्रीकृत शासन की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। इससे पारदर्शिता, जवाबदेही और त्वरित निर्णय प्रक्रिया को बल मिलेगा। माना जा रहा है कि यह बदलाव राजधानी में जनता-केंद्रित प्रशासन की मजबूत नींव रखेगा।

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