January 15, 2026
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इंडिगो की ‘फेल फ्लाइट्स’ पर हाईकोर्ट सख़्त जनता से लूट तो सरकार क्या कर रही है,5,000 का टिकट 35,000 में!

  • December 11, 2025
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नई दिल्ली, अरुण शर्मा रिधि दर्पण ! दिल्ली हाईकोर्ट ने इंडिगो की रद्द उड़ानों, टिकटों की मनमानी कीमतें और यात्रियों की बढ़ती परेशानी पर कड़े सवाल उठाते हुए

नई दिल्ली, अरुण शर्मा रिधि दर्पण !

दिल्ली हाईकोर्ट ने इंडिगो की रद्द उड़ानों, टिकटों की मनमानी कीमतें और यात्रियों की बढ़ती परेशानी पर कड़े सवाल उठाते हुए केंद्र सरकार से पूछा है कि जब इंडिगो अपनी जिम्मेदारी निभाने में फेल हो गई, तो सरकार ने क्या कदम उठाए?

हाईकोर्ट ने विशेष रूप से यह जानना चाहा कि ₹5,000 का टिकट ₹35,000 में कैसे बेच दिया गया? अदालत ने कहा कि यह सीधे-सीधे उपभोक्ताओं के अधिकारों का उल्लंघन है और इसकी जवाबदेही तय होनी चाहिए।

DGCA पर भी सवाल—कौन देख रहा है एयरलाइंस की मनमानी?

अदालत ने DGCA से पूछा कि अगर एयरलाइन फ्लाइट कैंसल करती है, तो इसकी भरपाई कैसे सुनिश्चित की जा रही है? क्या यात्रियों को समय पर जानकारी दी जा रही है? क्या उन्हें वैकल्पिक उड़ानें या रिफंड समय पर मिल रहा है?

कोर्ट ने कहा कि टिकट 5,000 का हो और उसे 35,000 में बेचा जाए—यह अनियंत्रित प्राइसिंग का उदाहरण है। ऐसी मनमानी रोकने के लिए क्या नियम लागू हैं और उनका पालन कौन करवा रहा है?

सरकार का जवाब

केंद्र सरकार ने बताया कि DGCA ने इंडिगो समेत अन्य एयरलाइंस को नोटिस जारी किया है और जवाब मांगा है। अधिक किराया वसूले जाने के मामलों की जांच की जा रही है।

सरकार ने अदालत को बताया कि जिन यात्रियों की फ्लाइट रद्द हुई, उन्हें वैकल्पिक फ्लाइट देने और जरूरत पड़ने पर रिफंड देने के आदेश पहले ही दिए जा चुके हैं।

यात्रियों की परेशानी—कोर्ट ने कहा: सिस्टम सुधारो

अदालत ने कहा कि उड़ानें रद्द होने से हजारों यात्री फंस जाते हैं, उनके कामकाज, बिजनेस और जरूरी यात्रा प्रभावित होती है। ऐसे में एयरलाइंस की गलती का बोझ जनता पर क्यों डाला जा रहा है?

हाईकोर्ट ने इस मामले की अगली सुनवाई 22 जनवरी को तय की है और तब तक विस्तृत रिपोर्ट तलब की

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