January 15, 2026
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एआईआईएमएस यूरोलॉजी विभाग ने रीनल ट्रांसप्लांट के एक वर्ष पूरे किए, 40% वृद्धि के साथ 21 सफल प्रत्यारोपण दर्ज

  • December 8, 2025
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अरुण शर्मा रिधि दर्पण! अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS), नई दिल्ली के यूरोलॉजी विभाग ने किडनी प्रत्यारोपण सेवाओं में बड़ी उपलब्धि दर्ज करते हुए स्वतंत्र रूप से रीनल

अरुण शर्मा रिधि दर्पण!

अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS), नई दिल्ली के यूरोलॉजी विभाग ने किडनी प्रत्यारोपण सेवाओं में बड़ी उपलब्धि दर्ज करते हुए स्वतंत्र रूप से रीनल ट्रांसप्लांट करने के अपने पहले वर्ष को सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है। इस अवधि में विभाग ने 21 सफल किडनी प्रत्यारोपण किए, जिससे एआईआईएमएस में कुल प्रत्यारोपण संख्या में 40% की उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।

इस उपलब्धि को मनाने के लिए विभाग ने एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया, जिसमें टीम की मेहनत, बढ़ती क्षमता और विस्तारित नैदानिक जिम्मेदारियों को सराहा गया।

विभागाध्यक्ष प्रो. अमिलेश सेठ ने कहा, “हमने यह कार्यक्रम एक वर्ष पहले शुरू किया था और इसकी प्रगति अत्यंत उत्साहजनक रही है। यूरोलॉजी विभाग अब किडनी प्रत्यारोपण में अहम भूमिका निभा रहा है, जिससे ज्यादा से ज्यादा मरीजों की जान बचाने की क्षमता विकसित हो रही है।”

उन्होंने आगे कहा कि यह विस्तार उन मरीजों के लिए महत्वपूर्ण है जो प्रत्यारोपण के लिए लंबे समय से प्रतीक्षा सूची में रहते हैं।
“हमारी बढ़ी हुई क्षमता किडनी प्रत्यारोपण की प्रतीक्षा सूची को कम करने में मदद करेगी, जो अंतिम चरण की किडनी बीमारी से जूझ रहे मरीजों के लिए लंबे समय से एक चुनौती रही है,” उन्होंने बताया।

कार्यक्रम में वरिष्ठ विशेषज्ञों ने भी विभाग की उपलब्धियों की सराहना की।
यूरोलॉजी विभाग के डॉ. राजीव कुमार ने कहा, “पिछले एक वर्ष की सफलता टीमवर्क और उत्कृष्ट क्लिनिकल दक्षता का परिणाम है। इस पहल ने एआईआईएमएस के ट्रांसप्लांट कार्यक्रम को नई मजबूती दी है।”

नेफ्रोलॉजी विभाग के डॉ. राकेश यादव ने भी कार्यक्रम के प्रभाव को रेखांकित किया। उन्होंने कहा,
“यह पहल मरीजों के लिए बेहद परिवर्तनकारी साबित हुई है। प्रत्यारोपण की संख्या बढ़ने से अधिक परिवारों को नई उम्मीद मिली है और उपचार परिणामों में उल्लेखनीय सुधार आया है।”

यूरोलॉजी विभाग में वर्तमान में 44 बेड उपलब्ध हैं, जिनमें से पांच विशेष रूप से ट्रांसप्लांट मरीजों के लिए आरक्षित हैं। विभाग में नौ फैकल्टी सदस्य कार्यरत हैं, और बढ़ते कार्यभार को देखते हुए अतिरिक्त भर्ती की योजना है। मांग को पूरा करने के लिए विभाग सप्ताह में छह दिन चार ऑपरेशन थिएटर चलाता है और नेशनल सेंटर फॉर एजिंग तथा नेशनल कैंसर इंस्टिट्यूट में भी सर्जरी करता है। कुल मिलाकर विभाग हर सप्ताह करीब 30 सर्जरी करता है, जो उसकी बढ़ती क्षमता और विशेषज्ञता को दर्शाता है।

रीनल ट्रांसप्लांट कार्यक्रम के एक वर्ष पूरे होने पर एआईआईएमएस ने भारत की प्रत्यारोपण व्यवस्था को मजबूत करने और अधिक से अधिक मरीजों तक जीवनरक्षक उपचार पहुंचाने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है।

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