January 15, 2026
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लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज में सुरक्षा ठेका घोटाला उजागर!

  • December 2, 2025
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अरुण शर्मा रिधि दर्पण ! आपराधिक मामलों में दोषी और ब्लैकलिस्टेड कंपनी को कैसे मिला 449 गार्डों का कॉन्ट्रैक्ट?हाई कोर्ट में सुनवाई, कई विभागों की भूमिका पर सवाल

अरुण शर्मा रिधि दर्पण !

आपराधिक मामलों में दोषी और ब्लैकलिस्टेड कंपनी को कैसे मिला 449 गार्डों का कॉन्ट्रैक्ट?
हाई कोर्ट में सुनवाई, कई विभागों की भूमिका पर सवाल

नई दिल्ली।
देश के प्रतिष्ठित और संवेदनशील मेडिकल संस्थानों में शामिल लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज एवं एस.के. अस्पताल में सुरक्षा ठेका घोटाले का बड़ा खुलासा हुआ है। एक गोपनीय व अत्यावश्यक कानूनी नोटिस में दावा किया गया है कि जिस कंपनी को 449 सुरक्षा कर्मियों की तैनाती का ठेका दिया गया, वह कंपनी आपराधिक मामलों में दोषी, ब्लैकलिस्टेड, झूठा हलफनामा देने वाली, और भ्रष्टाचार में लिप्त पाई गई है।

सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि—
कई विभागों द्वारा कंपनी को भ्रष्ट, दोषी और अयोग्य घोषित करने के बावजूद, भारत सरकार द्वारा संचालित इस प्रतिष्ठित संस्थान का कॉन्ट्रैक्ट कंपनी को दे दिया गया।

गंभीर आरोप: ठगी, फर्जीवाड़ा, धमकी, तथ्य छिपाना और झूठा हलफनामा

एडवोकेट नवीनंदु अग्रवाल द्वारा भेजे गए नोटिस में कंपनी Isha Protectional Security Guard Pvt. Ltd. और इसके डायरेक्टर सुनील सिंह पर लगे आरोप चौंकाने वाले हैं—

  • Contract Labour Act की धारा 23/24 में दोषी घोषित
  • Bonus Act, 1965 में भी अपराध सिद्ध
  • GeM पर झूठा हलफनामा — “कोई केस नहीं”
  • MHOW Cantonment Board द्वारा ब्लैकलिस्टेड
  • फिरोजपुर कैंटोनमेंट बोर्ड ने बोली खारिज की
  • PF विभाग ने दंड लगाया

और सबसे बड़ा खुलासा—

  • दिल्ली के फर्श बाजार थाना, शाहदरा में FIR दर्ज

FIR नं.– 0578/2025
धाराएं — 318(2), 351(2), 3(5)

आरोप—

ठगी

वसूली

धोखाधड़ी

सुरक्षा गार्ड तैनाती के नाम पर अवैध कैश वसूली

धमकी और क्रिमिनल इंटिमिडेशन

मीडिया में पहले से बदनाम — फिर भी मिला सरकारी ठेका!

पत्र में यह भी उल्लेख है कि राष्ट्रीय स्तर की मीडिया संस्थाओं ने पहले ही कंपनी के फर्जीवाड़े और भ्रष्टाचार का खुलासा किया था।
इसके बावजूद मेडिकल कॉलेज जैसे अति-संवेदनशील संस्थान को सुरक्षा देने की जिम्मेदारी इसी कंपनी को सौंप दी गई।

यह सवाल खड़ा करता है कि—

क्या कुछ अधिकारी इस भ्रष्ट कंपनी को बचा रहे थे?

क्या कॉन्ट्रैक्ट “मिलीभगत” से दिया गया?

पत्र में साफ आरोप है कि—
“कंपनी ने झूठा हलफनामा और कुछ अधिकारियों की मिलीभगत से ठेका हासिल किया।”
क्यों है मामला अत्यंत संवेदनशील?

लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज—

हजारों MBBS और MD विद्यार्थियों का प्रमुख केंद्र

गोपनीय मेडिकल परीक्षाओं का संस्थान

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्य चिकित्सा सुविधाओं का केंद्र

ऐसे संस्थान में आपराधिक रिकॉर्ड वाली एजेंसी को सुरक्षा की जिम्मेदारी देना, नोटिस के मुताबिक—

“राष्ट्रहित और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा”

है।

एडवोकेट की मांग — ठेका तुरंत रद्द हो, FIR दर्ज की जाए

नोटिस में दो मुख्य मांगें रखी गई हैं—

  1. 1 दिसंबर से सुरक्षा कर्मियों की तैनाती तुरंत रोकी जाए
  2. कंपनी और निदेशकों पर कड़ी धाराओं में FIR दर्ज कर कार्रवाई की जाए

एडवोकेट ने यह पत्र सिर्फ LHMC प्रशासन को ही नहीं, बल्कि—

स्वास्थ्य मंत्री

DGHS

भारत सरकार के वरिष्ठ अधिकारी

केंद्रीय सतर्कता आयोग (CVC)

दिल्ली पुलिस आयुक्त

को भी भेजा है, ताकि कार्रवाई सुनिश्चित हो।

मामला अब हाई कोर्ट में — आज होगी सुनवाई

घोटाले ने कानूनी मोड़ ले लिया है।
रिट याचिका संख्या 18124/2025 (Gaurav Enterprises vs LHMC)
की सुनवाई आज (1 दिसंबर 2025) दिल्ली हाई कोर्ट की चीफ जस्टिस बेंच में सूचीबद्ध है।

यह सुनवाई पूरे मामले की दिशा तय कर सकती है।

सबकी निगाहें अब सरकार और प्रशासन पर

घोटाले में यह बड़ा सवाल उठ रहा है—

जब कंपनी पर इतने गंभीर आरोप थे, तो उसे 449 सुरक्षा कर्मियों का संवेदनशील ठेका कैसे मिला?

क्या भ्रष्टाचार और मिलीभगत से सरकारी संस्थानों के ठेके हासिल किए जा सकते हैं?

क्या अब सरकार और एजेंसियाँ कार्रवाई करेंगी, या मामला फाइलों में दब जाएगा?

यह मामला—

राष्ट्रीय सुरक्षा

छात्रों और मरीजों की सुरक्षा

सरकारी सिस्टम की पारदर्शिता

और बड़े भ्रष्टाचार के नेटवर्क—

सभी पर गहरे सवाल खड़े करता है।

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