January 15, 2026
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पुराने मदरबोर्ड से नए मोबाइल तैयार करने वाली अवैध फैक्ट्री का भंडाफोड़, फैक्ट्री मालिक सहित 5 गिरफ्तार

  • November 28, 2025
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रिधि दर्पण संवादाता ! करोल बाग थाना पुलिस ने राजधानी में चल रही नकली मोबाइल फोन बनाने की एक बड़ी अवैध फैक्ट्री का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने

रिधि दर्पण संवादाता !

करोल बाग थाना पुलिस ने राजधानी में चल रही नकली मोबाइल फोन बनाने की एक बड़ी अवैध फैक्ट्री का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने फैक्ट्री में छापेमारी कर इसके संचालक समेत पाँच आरोपियों—अशोक कुमार, राम नारायण, धर्मेंद्र कुमार, दिपांशु और दीपक—को रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इनके कब्जे से एक लैपटॉप, आईएमईआई नंबर बदलने के लिए विशेष सॉफ्टवेयर, हजारों की संख्या में मोबाइल फोन के बॉडी पार्ट्स, मदरबोर्ड, मशीनें और अन्य उपकरण बरामद किए हैं।

मध्य जिले के डीसीपी निधिन वल्सन के अनुसार, करोल बाग थाना प्रभारी करूणा सागर के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई थी। टीम को सूचना मिली कि बीदनपुर की गली संख्या 19 स्थित एक इमारत के चौथे तल पर नकली मोबाइल फोन की मैनुफैक्चरिंग यूनिट चलाई जा रही है। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने योजना बनाकर मौके पर छापा मारा और पाँचों आरोपियों को नकली मोबाइल तैयार करते हुए रंगे हाथ पकड़ लिया।

मौके से पुलिस ने बड़ी मात्रा में तैयार और अधबने मोबाइल फोन तथा अन्य इलेक्ट्रॉनिक सामग्री बरामद की। पूछताछ में फैक्ट्री मालिक अशोक कुमार ने खुलासा किया कि वह पिछले दो सालों से यह अवैध धंधा चला रहा था। वह दिल्ली-एनसीआर के कबाड़ी बाजारों से पुराने मोबाइल फोन खरीदता था और उनमें से मदरबोर्ड निकाल लेता था। इन मदरबोर्ड पर तकनीकी काम करने के बाद इनके लिए मोबाइल बॉडी पार्ट्स चीन से मंगवाए जाते थे। मदरबोर्ड और बॉडी पार्ट्स को जोड़कर बिल्कुल नए जैसे मोबाइल फोन तैयार किए जाते थे।

आरोपियों ने यह भी स्वीकार किया कि विशेष सॉफ्टवेयर की मदद से इन मोबाइल फोन के आईएमईआई नंबर बदल दिए जाते थे। इसके बाद नए आईएमईआई नंबर वाले स्टीकर छपवाकर मोबाइल पर चिपका दिए जाते थे, जिससे खरीदार को बिल्कुल भी शक नहीं होता था कि मोबाइल फोन पुराना और अवैध तरीके से तैयार किया गया है।

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से कुल 1826 मोबाइल फोन—स्मार्टफोन और कीपैड फोन—बरामद किए हैं। फिलहाल पुलिस सभी आरोपियों से पूछताछ कर यह पता लगाने में जुटी है कि इस रैकेट से और कौन-कौन लोग जुड़े हुए हैं और ये मोबाइल किन-किन बाजारों में बेचे जाते थे।

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