January 15, 2026
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भारतीय तट रक्षक ने आयोजित किया पहला शिपबिल्डिंग, स्वदेशीकरण एवं आईटी सम्मेलन

  • November 27, 2025
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मदिकेरी (कर्नाटक) में आत्मनिर्भरता और डिजिटल परिवर्तन की दिशा में बड़ा कदम नई दिल्ली, हरि सिंह रावत रिधि दर्पण। भारतीय तट रक्षक (ICG) ने कर्नाटक के मदिकेरी में

मदिकेरी (कर्नाटक) में आत्मनिर्भरता और डिजिटल परिवर्तन की दिशा में बड़ा कदम

नई दिल्ली, हरि सिंह रावत रिधि दर्पण।

भारतीय तट रक्षक (ICG) ने कर्नाटक के मदिकेरी में अपना प्रथम शिपबिल्डिंग, स्वदेशीकरण एवं आईटी सम्मेलन सफलतापूर्वक आयोजित किया। यह सम्मेलन देश की समुद्री क्षमता को और अधिक सुदृढ़ करने तथा आत्मनिर्भर भारत और डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन के लक्ष्य को आगे बढ़ाने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल साबित हुआ।

इस सम्मलेन में वरिष्ठ अधिकारियों, प्रमुख शिपयार्ड्स, उपकरण निर्माताओं, वर्गीकरण संस्थाओं तथा समुद्री क्षेत्र के विशेषज्ञों ने भाग लिया, जिससे सहयोग एवं नवाचार का एक प्रभावी मंच तैयार हुआ।

DGICG ने स्वदेशी शिपबिल्डिंग की अनिवार्यता पर जोर दिया

उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए महानिदेशक परमेश शिवमणि, AVSM, PTM, TM, महानिदेशक भारतीय तट रक्षक (DGICG) ने स्वदेशी नवाचार, मजबूत डिजिटल ढांचे और सक्षम सप्लाई चेन के माध्यम से आत्मनिर्भरता प्राप्त करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने भारतीय शिपबिल्डिंग उद्योग और उपकरण निर्माताओं के निरंतर सहयोग की सराहना की।

200वें स्वदेशी निर्मित पोत का समुद्री परीक्षण—एक महत्वपूर्ण उपलब्धि

DGICG ने 200वें स्वदेशी निर्मित पोत—चौथे प्रदूषण नियंत्रण पोत—के सफल समुद्री परीक्षण चरण की सराहना करते हुए इसे भारतीय तट रक्षक के तकनीकी कौशल का प्रमाण बताया। उन्होंने प्रोजेक्ट डिजिटल कोस्ट गार्ड की प्रगति का भी उल्लेख किया, जो ICG की सभी इकाइयों के लिए सुरक्षित, विस्तार योग्य और मजबूत डिजिटल नेटवर्क तैयार करेगा। उन्होंने साइबर सुरक्षा को डिजिटल विकास का अनिवार्य हिस्सा बताया।

ICG और CODISSIA-CDIIC के बीच एमओयू पर हस्ताक्षर

सम्मेलन की एक बड़ी उपलब्धि भारतीय तट रक्षक और कोयंबटूर डिस्ट्रिक्ट स्मॉल इंडस्ट्रीज एसोसिएशन (CODISSIA) तथा डिफेंस इनोवेशन एंड अटल इन्क्यूबेशन सेंटर (CDIIC) के बीच हुए समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर रहा। यह साझेदारी रक्षा नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करेगी तथा स्वदेशीकरण पहलों को गति प्रदान करेगी।

इस अवसर पर DGICG ने “इंडियन कोस्ट गार्ड में शिपबिल्डिंग का इतिहास” ई-बुक के टीज़र, आईसीजी के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस रोडमैप और आईसीजी साइबर क्राइसिस मैनेजमेंट प्लान–2025 का भी विमोचन किया।

तकनीकी रूप से उन्नत और पूर्णतः स्वदेशी तटरक्षक बल की दिशा में अहम कदम

सम्मेलन में सभी हितधारकों के बीच सार्थक विचार-विमर्श हुआ, जिससे दृष्टिकोणों के समन्वय, प्रयासों में तालमेल और भारतीय तट रक्षक की भविष्यगत आवश्यकताओं के निर्धारण में महत्वपूर्ण योगदान मिला।

यह सम्मेलन तकनीकी रूप से सक्षम, संचालनात्मक रूप से श्रेष्ठ और पूरी तरह स्वदेशी तट रक्षक बल की दिशा में एक निर्णायक कदम सिद्ध हुआ।

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