January 15, 2026
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दिल्ली नगर निगम में बढ़ता भ्रष्टाचार:कर्मचारियों का एरियर फाइलों में उलझा, अधिकारियों की लापरवाही बनी बड़ी वजह

  • November 25, 2025
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अरुण शर्मा रिधि दर्पण! दिल्ली नगर निगम (MCD) में भ्रष्टाचार और प्रशासनिक अव्यवस्था एक बार फिर खुलकर सामने आई है। आए दिन घोटालों, देरी और धांधली की खबरों

अरुण शर्मा रिधि दर्पण!

दिल्ली नगर निगम (MCD) में भ्रष्टाचार और प्रशासनिक अव्यवस्था एक बार फिर खुलकर सामने आई है। आए दिन घोटालों, देरी और धांधली की खबरों के बीच अब लगभग 700 कर्मचारियों का एरियर फाइलों में फंसा हुआ है। यह मामला स्पष्ट रूप से दिखाता है कि किस प्रकार भ्रष्टाचार और लापरवाही निगम के कामकाज पर हावी है और कर्मचारी अपने ही अधिकारों से वंचित हो रहे हैं।

फाइनेंस विभाग ने बजट दिया—फिर भी एरियर अटका

फाइनेंस विभाग द्वारा दो बार बजट जारी करने के बावजूद शाहदरा नॉर्थ जोन में टीचर्स सहित कर्मचारियों का 7वें वेतन आयोग का एरियर अभी तक नहीं मिल पाया।
सूत्रों के अनुसार, विभागों की ढिलाई और फाइलों के “जाने–अनजाने” गायब होने के कारण महीनों से भुगतान लंबित है।

कर्मचारियों को वर्षों से इंतजार

शाहदरा साउथ जोन में एरियर भुगतान हुए लगभग एक साल हो चुके हैं, लेकिन नॉर्थ जोन में अब भी 700 कर्मचारी पैसे के इंतजार में हैं।
एक अन्य शिक्षण जोन में 1250 कर्मचारियों को एरियर मिल चुका है, लेकिन इस जोन में अभी भी 250–300 कर्मचारियों को उनका हक नहीं मिला।

फाइलें रिजेक्ट, कर्मचारी परेशान—क्योंकि भ्रष्टाचार हावी

कई कर्मचारियों की फाइलें बिना कारण बताये रिजेक्ट कर दी गईं और उनसे फिर से दस्तावेज जमा कराने के नाम पर दफ्तरों में बार–बार चक्कर लगवाए जा रहे हैं।
सूत्रों का कहना है कि कुछ अधिकारी “निजी हितों” के कारण फाइलें आगे नहीं बढ़ा रहे।
यानी काम के बदले फायदा—यह सोच MCD के भीतर गहरी जड़ें जमा चुकी है।

भ्रष्टाचार का जीता-जागता उदाहरण

फाइनेंस विभाग की अनुमति के बावजूद भुगतान की देरी

फाइलें गायब होना या वापस लौटा देना

अधिकारियों का टालमटोल रवैया

कर्मचारियों को लगातार परेशान करना

समाधान के बजाय बहानेबाजी

इन परिस्थितियों ने यह साबित कर दिया है कि दिल्ली नगर निगम में भ्रष्टाचार किस कदर हावी है, और आम कर्मचारी अपने ही वैधानिक अधिकार—एरियर—से वंचित होते जा रहे हैं।

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