January 15, 2026
क्राइम ख़बरें दिल्ली दिल्ली-एनसीआर

लाल किले के पास कार ब्लास्ट से सुरक्षा एजेंसियों में अलर्ट, जम्मू-कश्मीर मॉड्यूल की गतिविधियों पर बढ़ी नजर

  • November 11, 2025
  • 0

हरि सिंह रावत रिधि दर्पण। दिल्ली के अत्यंत संवेदनशील क्षेत्र लाल किले के निकट सोमवार शाम चलती कार में हुआ धमाका अब बड़े आतंकी नेटवर्क की कड़ी माना

हरि सिंह रावत रिधि दर्पण।

दिल्ली के अत्यंत संवेदनशील क्षेत्र लाल किले के निकट सोमवार शाम चलती कार में हुआ धमाका अब बड़े आतंकी नेटवर्क की कड़ी माना जा रहा है। सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि यह घटना महज़ संयोग नहीं हो सकती क्योंकि इसी दिन फरीदाबाद से करीब 2900 ग्राम विस्फोटक बरामद हुआ, लखनऊ में जैश से जुड़े एक महिला डॉक्टर की गिरफ्तारी हुई, और कुछ ही समय बाद कार ब्लास्ट की वारदात सामने आ गई।

अधिकारियों के अनुसार, फरीदाबाद से मिले विस्फोटक और कार में उपयोग किए गए विस्फोटक की संरचना की वैज्ञानिक जांच कर समानता खोजी जा रही है। एनआईए तमाम पहलुओं को जोड़कर मामले की गहराई से जांच कर रही है और देर रात दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र से कई संदिग्ध व्यक्तियों को हिरासत में लिया गया है।

जैश-ए-मोहम्मद और अंसार गजवत उल हिंद के स्लीपर सेल पर गहरी शंका

सूत्रों के मुताबिक इन आतंकी संगठनों की कोशिश देशभर में रहने वाले पढ़े-लिखे कश्मीरी युवाओं के माध्यम से स्लीपर सेल तैयार करने की है। सुरक्षाबलों का मानना है कि घाटी में सख्त निगरानी के कारण आतंकियों ने अपना फोकस देश के अन्य प्रमुख शहरों पर कर दिया है, जहां प्रोफेशनल युवाओं के जरिए नेटवर्क खड़ा किया जा सके।

हाल ही में सहारनपुर से कश्मीर निवासी डॉ. आदिल अहमद और फरीदाबाद से पकड़े गए डॉ. मुजम्मिल शकील इसी नेटवर्क का हिस्सा बताए गए। जांच में यह भी सामने आया कि मुजम्मिल ने अपने संपर्कों में लखनऊ निवासी डॉक्टर शाहीन शाहिद को भी जोड़ लिया था।

दिल्ली-एनसीआर में सक्रिय नेटवर्क के संकेत

जांच एजेंसियों को पता चला है कि मुजम्मिल और आदिल स्थानीय स्तर पर कई कट्टरपंथी युवाओं से संपर्क में थे और लंबे समय से संगठन के लिए काम कर रहे थे। इन्हीं कड़ियों की जांच चल ही रही थी कि दिल्ली में ब्लास्ट हुआ। घटना में उपयोग की गई कार गुरुग्राम नंबर की आई-20 पाई गई, जिसे नदीम नामक युवक चला रहा था। नदीम अपने जीजा से यह कार लेकर आया था। अब एजेंसियां उसके जीजा और पूरे नेटवर्क की जांच में जुटी हैं।

फरीदाबाद, सहारनपुर और लखनऊ की कड़ियाँ जोड़ने की कोशिश

एजेंसियों को यह भी शक है कि फरीदाबाद में बरामद विस्फोटक, लखनऊ से गिरफ्तार महिला डॉक्टर, और दिल्ली ब्लास्ट—इन सबके बीच कोई बड़ा लिंक हो सकता है। पूछताछ में सामने आया था कि मुजम्मिल के साथियों ने दिल्ली के जामा मस्जिद क्षेत्र की पहले रेकी भी की थी। अब जांच यह पता लगाने पर केंद्रित है कि यह हमला पहले से तय था या फिर नेटवर्क के खुलासे के बाद जल्दबाजी में अंजाम दिया गया।

ब्लास्ट स्थल से मिले सैंपलों की लैब जांच

ब्लास्ट में विस्फोटक की तीव्रता बेहद अधिक थी, जिसके कारण कार के पास मौजूद लोग गंभीर रूप से प्रभावित हुए। वैज्ञानिक टीमें घटनास्थल से जुटाए गए नमूनों की तुलना फरीदाबाद से मिले विस्फोटक से करेंगी, ताकि दोनों घटनाओं के बीच संबंध स्थापित किया जा सके।

स्लीपर सेल की तलाश में ताबड़तोड़ छापेमारी

एनआईए, दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल और अन्य सुरक्षा एजेंसियां जैश और गजवत उल हिंद से जुड़े संभावित स्लीपर सेल की तलाश में दिल्ली-एनसीआर के साथ-साथ मेरठ, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, जामिया, सीलमपुर, जाफराबाद, वेलकम और नूर-ए-इलाही समेत कई जगहों पर छापे मार रही हैं। अब तक करीब दो दर्जन संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा चुकी है।


Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *