January 15, 2026
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असाधारण सर्जरी से नई उम्मीद: काटे गए पैर की उंगली से दोबारा बनाया अंगूठा

  • November 4, 2025
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नई दिल्ली अरुण शर्मा नई दिल्ली स्थित सर गंगा राम अस्पताल के डॉक्टरों ने चिकित्सा जगत में एक अनोखा कारनामा कर दिखाया है। यहां डॉक्टरों की एक टीम

नई दिल्ली अरुण शर्मा

नई दिल्ली स्थित सर गंगा राम अस्पताल के डॉक्टरों ने चिकित्सा जगत में एक अनोखा कारनामा कर दिखाया है। यहां डॉक्टरों की एक टीम ने 20 वर्षीय युवक के अंगूठे का पुनर्निर्माण (रिकंस्ट्रक्शन) उसी के कटे हुए पैर की उंगली से सफलतापूर्वक किया। यह दुर्लभ और जटिल सर्जरी एक सड़क दुर्घटना के बाद की गई, जिसमें मरीज का बायां पैर घुटने के नीचे से और बायां अंगूठा पूरी तरह से कट गया था।

हादसे के बाद जब मरीज अस्पताल पहुंचा, तो ट्रॉमा टीम ने तुरंत उपचार शुरू किया। कटे हुए अंग (पैर और अंगूठा) की जांच की गई, लेकिन गंभीर कुचलने (क्रश) की वजह से उन्हें दोबारा जोड़ना संभव नहीं था। ऐसे में डॉक्टरों ने एक असाधारण निर्णय लेते हुए, कटे हुए पैर की दूसरी उंगली का उपयोग करके मरीज के हाथ में नया अंगूठा बनाया। इस सर्जरी ने न केवल हाथ की कार्यक्षमता को बहाल किया, बल्कि असेल्वेजेबल लिम्ब (जिसे बचाया नहीं जा सकता था) के ऊतकों का भी उपयोग किया गया।

यह जटिल माइक्रोसर्जरी डॉ. महेश मंगल (सीनियर कंसल्टेंट एवं हेड, प्लास्टिक, कॉस्मेटिक और हैंड माइक्रोसर्जरी विभाग) के मार्गदर्शन में उनकी टीम — डॉ. निखिल झुनझुनवाला (कंसल्टेंट, हैंड और माइक्रोसर्जन), डॉ. अर्जुन कृष्णा (डीएनबी रेजिडेंट) और डॉ. ऋषिका बचानी (डीएनबी रेजिडेंट) — द्वारा की गई।

सर गंगा राम अस्पताल के प्लास्टिक सर्जरी विभाग में माइक्रोसर्जरी की शुरुआत वर्ष 1981 में हुई थी। विभागाध्यक्ष डॉ. महेश मंगल के अनुसार, तब से अब तक यह विभाग देश में रीइंप्लांटेशन (कटे हुए अंगों को दोबारा जोड़ने) का एक प्रमुख केंद्र बन गया है। उन्होंने बताया, “हम अब तक 700 से अधिक रीइंप्लांटेशन कर चुके हैं — जिनमें उंगलियां, पैर की उंगलियां, जननांग, सिर की त्वचा (स्कैल्प), कान और ऊपरी अंग शामिल हैं।”

डॉ. मंगल ने कहा, “हादसे के समय सबसे महत्वपूर्ण है कि मरीज और कटे हुए अंग को जल्द से जल्द अस्पताल पहुंचाया जाए। हमेशा कोशिश करें कि दुर्घटनास्थल से कटे हुए अंग को ढूंढें और सुरक्षित तरीके से अस्पताल तक लाएं। समय पर और उचित परिवहन से ही अंग का सफल प्रत्यारोपण और कार्यक्षमता संभव हो पाती है।

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