January 15, 2026
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एम्स का स्वर्णिम अध्याय: देश की चिकित्सा शिक्षा के गौरवशाली 50 वर्ष पूरे

  • October 27, 2025
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मानेकशॉ सेंटर में भव्य दीक्षांत समारोह, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा और नीति आयोग सदस्य प्रो. वी.के. पॉल हुए शामिल नई दिल्ली अरुण शर्मा रिधि दर्पण ! अखिल

मानेकशॉ सेंटर में भव्य दीक्षांत समारोह, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा और नीति आयोग सदस्य प्रो. वी.के. पॉल हुए शामिल

नई दिल्ली अरुण शर्मा रिधि दर्पण !


अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), नई दिल्ली ने शनिवार को अपना 50वां दीक्षांत समारोह बड़े ही भव्य और गरिमामय वातावरण में मनाया। यह ऐतिहासिक आयोजन दिल्ली छावनी स्थित मानेकशॉ सेंटर के जोरावर ऑडिटोरियम में संपन्न हुआ।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि थे केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री और रासायनिक व उर्वरक मंत्री श्री जगत प्रकाश नड्डा, जो एम्स के अध्यक्ष भी हैं।
विशिष्ट अतिथि के रूप में नीति आयोग के सदस्य प्रो. विनोद कुमार पॉल उपस्थित रहे।

326 स्नातक डॉक्टरों को मिली डिग्री, भावनाओं से भरा हुआ क्षण

दीक्षांत समारोह में 326 विद्यार्थियों को स्नातक की उपाधि प्रदान की गई। इस दौरान पूरे सभागार में गर्व, भावनाओं और प्रेरणा का वातावरण व्याप्त था।
कार्यक्रम में प्रो. एम. श्रीनिवास, निदेशक, एम्स, नई दिल्ली ने स्वागत भाषण देते हुए संस्थान की विगत उपलब्धियों और नए शोध कार्यों का विवरण प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि एम्स निरंतर स्वास्थ्य, शिक्षा और अनुसंधान के क्षेत्र में देश का मार्गदर्शन कर रहा है और आज भी चिकित्सा उत्कृष्टता का प्रतीक है।

एम्स दिल्ली कोई संस्था नहीं, एक ब्रांड है”: जे.पी. नड्डा

अपने प्रेरक संबोधन में केंद्रीय मंत्री श्री जगत प्रकाश नड्डा ने कहा

“एम्स दिल्ली सिर्फ एक संस्थान नहीं है, बल्कि यह भारत की चिकित्सा उत्कृष्टता का प्रतीक ब्रांड है। इसे बनाए रखना हम सबकी सामूहिक जिम्मेदारी है।”

उन्होंने बताया कि आज देश में 23 एम्स की स्थापना हो चुकी है, जिनमें से 20 पूरी तरह कार्यरत हैं और 3 शीघ्र शुरू होने वाले हैं।
श्री नड्डा ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के निरंतर प्रयासों से देश में मेडिकल कॉलेजों की संख्या 819 तक पहुंच गई है, जबकि एमबीबीएस सीटें बढ़कर 1.29 लाख हो चुकी हैं।

स्नातक छात्रों को संदेश देते हुए उन्होंने कहा कि उनकी सफलता उनके माता-पिता के त्याग और भावनात्मक सहयोग का परिणाम है। उन्होंने डॉक्टरों से आग्रह किया कि वे समाज और देश की सेवा में सदैव समर्पित रहें।

“हर नागरिक का परिश्रम राष्ट्र को सशक्त बना रहा है”: प्रो. वी.के. पॉल

अपने प्रेरक संबोधन में नीति आयोग के सदस्य प्रो. विनोद कुमार पॉल ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के शब्दों का उद्धरण देते हुए कहा—

“यह हर सामान्य भारतीय का परिश्रम है, जिसके बल पर देशभर में नए एम्स स्थापित हो रहे हैं। हमें याद रखना चाहिए कि यह प्रयास एक सशक्त भारत के निर्माण का हिस्सा है।”

उन्होंने विद्यार्थियों को संवेदनशीलता और निष्ठा से सेवा करने का आह्वान किया और कहा कि चिकित्सा केवल पेशा नहीं, बल्कि मानवता की सेवा का मार्ग है।

विशिष्ट योगदान करने वालों को मिला लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड

समारोह में लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड, स्वर्ण पदक और पुस्तक पुरस्कार प्रदान किए गए, जिससे चिकित्सा जगत में उत्कृष्ट योगदान देने वाले शिक्षकों और विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम में सांसद बंसुरी स्वराज भी उपस्थित रहीं। उन्होंने कहा कि एम्स देश की चिकित्सा सेवा में अपनी अग्रणी भूमिका निभा रहा है और सरकार स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच और गुणवत्ता दोनों में सुधार के लिए प्रतिबद्ध है।

कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान और स्नातकों की शपथ के साथ हुआ — यह शपथ केवल चिकित्सा सेवा की नहीं, बल्कि जनसेवा और मानवता के प्रति समर्पण नड्डा और प्रो. वी.के. पॉल एम्स निदेशक प्रो. एम. श्रीनिवास के साथ दीक्षांत समारोह में उपस्थित रहे

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