January 15, 2026
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टीबी मुक्त भारत 2025: सरकार की पहल सराहनीय — डॉ. मधु चंदा पाणी“टीबी पूरी तरह ठीक होने वाली बीमारी है, बशर्ते मरीज दवा नियमित लें और पोषण पर ध्यान दें”

  • October 25, 2025
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पूर्वी दिल्ली अरुण शर्मा रिधि दर्पण! भारत सरकार वर्ष 2025 तक टीबी मुक्त भारत का लक्ष्य लेकर तेज़ी से काम कर रही है। इस दिशा में केंद्र और

पूर्वी दिल्ली अरुण शर्मा रिधि दर्पण!

भारत सरकार वर्ष 2025 तक टीबी मुक्त भारत का लक्ष्य लेकर तेज़ी से काम कर रही है। इस दिशा में केंद्र और राज्य सरकारें मिलकर व्यापक जागरूकता, जांच और इलाज के कार्यक्रम चला रही हैं।

दिल्ली नगर निगम के श्यामा प्रसाद मुखर्जी अस्पताल, पूर्व-पटपड़गंज की मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. मधु चंदा पाणी ने सरकार की इस मुहिम की सराहना करते हुए कहा कि “टीबी के खिलाफ जंग अब सिर्फ अस्पतालों तक सीमित नहीं रही, बल्कि यह समाज और शासन दोनों की साझा ज़िम्मेदारी बन चुकी है।”

उन्होंने बताया कि हर मरीज को अब सरकार की ओर से ₹1000 प्रति माह की सहायता राशि दी जा रही है ताकि वे पौष्टिक भोजन ले सकें और दवा का कोर्स बीच में न छोड़ें। साथ ही, हर मरीज की नियमित निगरानी स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा की जा रही है ताकि इलाज पूरी तरह सफल हो।

टीबी से डरने की नहीं, लड़ने की ज़रूरत है।
आज इलाज, पोषण और आर्थिक सहायता — सभी सुविधाएँ सरकार द्वारा उपलब्ध हैं।
यदि मरीज अनुशासनपूर्वक दवा लें तो यह बीमारी पूरी तरह ठीक हो सकती है।”
— डॉ. मधु चंदा पाणी, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, श्यामा प्रसाद मुखर्जी अस्पताल, पूर्व-पटपड़गंज, दिल्ली

ड्रग रेजिस्टेंस टीबी: नई चुनौती

स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, देश में लगभग 3–4% टीबी मरीज अब ड्रग रेजिस्टेंस टीबी (Drug-Resistant TB) से पीड़ित हैं — यानी जब टीबी का जीवाणु सामान्य दवाओं के प्रति प्रतिरोधक बन जाता है।

MDR-TB (Multi Drug Resistant TB) – जब पहली श्रेणी की दो प्रमुख दवाएं असर नहीं करतीं।
XDR-TB (Extensively Drug Resistant TB) – जब दूसरी श्रेणी की कई दवाएं भी बेअसर हो जाती हैं।

डॉ. पाणी ने बताया कि “इस स्थिति में इलाज लंबा और कठिन होता है, लेकिन नियमित दवा, निगरानी और पोषण से मरीज पूरी तरह स्वस्थ हो सकता है।”

सरकार के DOTS प्रोग्राम के तहत नियमित दवा लें।

कभी भी दवा बीच में न छोड़ें, चाहे लक्षण कम क्यों न हों।

स्वास्थ्यकर्मी की निगरानी में ही दवा लें।

पौष्टिक आहार — दूध, अंडा, दालें, फल और हरी सब्ज़ियाँ लें।

खांसते-छींकते समय मुंह ढकें और अपने बर्तन अलग रखें।

घर का कमरा हवादार और धूपदार रखें।

विषय जानकारी

सरकारी सहायता ₹1000 प्रति माह प्रति मरीज
जांच सुविधा नज़दीकी स्वास्थ्य केंद्रों पर मुफ्त जांच
दवाएं सरकार द्वारा पूरी तरह मुफ्त
ड्रग रेजिस्टेंस मरीज लगभग 3–4%
इलाज अवधि 18–24 महीने तक
राष्ट्रीय लक्ष्य 2025 तक टीबी मुक्त भारत

डॉ. मधु चंदा पाणी की सलाह

टीबी अब लाइलाज नहीं रही।
अगर मरीज नियमित दवा लें, पौष्टिक आहार अपनाएं और अनुशासन बनाए रखें, तो बीमारी पूरी तरह ठीक हो सकती है।
सरकार की ‘टीबी मुक्त भारत’ योजना ने इस दिशा में बड़ी आशा जगाई है।”

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का संदेश:

“दवा, अनुशासन और पोषण — यही टीबी पर विजय के तीन मंत्र हैं।”

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