January 15, 2026
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तीन घंटे में पुलिस ने सुलझाया बच्चे के अपहरण का ब्लाइंड केस

  • October 22, 2025
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उत्तर रोहिणी पुलिस की सतर्कता से 4 वर्षीय बालक सकुशल बरामद, आरोपी महिला गिरफ्तार हरि सिंह रावत रिधि दर्पण। दिल्ली के रोहिणी जिले की उत्तर रोहिणी थाना पुलिस

उत्तर रोहिणी पुलिस की सतर्कता से 4 वर्षीय बालक सकुशल बरामद, आरोपी महिला गिरफ्तार

घटना

20 अक्टूबर 2025 को सुबह करीब 6:36 बजे थाना उत्तर रोहिणी में एक पीसीआर कॉल प्राप्त हुई, जिसमें चार वर्षीय बच्चे के अपहरण की सूचना दी गई थी। कॉलर शाहजाद पुत्र इद. मोहम्मद, निवासी सेक्टर-20, रोहिणी, दिल्ली (आयु 39 वर्ष) थे। शिकायत के आधार पर थाना उत्तर रोहिणी में एफआईआर संख्या 661/25, धारा 137(2)/140(3) भारतीय न्याय संहिता (BNS) के अंतर्गत मामला दर्ज कर जांच प्रारंभ की गई।

जांच एवं गिरफ्तारी

मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना प्रभारी इंस्पेक्टर दलजीत के नेतृत्व में एसआई रंदीप, एएसआई रविंद्र, एचसी धर्मेश, एचसी पवन, कॉन्स्टेबल आदित्य, सुरेंद्र एवं महिला कॉन्स्टेबल गीताांजलि की एक विशेष टीम गठित की गई। टीम का पर्यवेक्षण एसीपी रोहिणी श्री अतुल सूद द्वारा तथा संपूर्ण निगरानी डीसीपी रोहिणी श्री राजीव रंजन द्वारा की जा रही थी।

पुलिस टीम ने तुरंत अस्पताल के अंदर और बाहर लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाले। फुटेज में रात करीब 2:50 बजे एक महिला को शिकायतकर्ता के बेटे “आर” के साथ खेलते और 3:00 बजे उसे लेकर अस्पताल से बाहर जाते हुए देखा गया। एक अन्य फुटेज में महिला को ऑटो चालकों से बात करते और एक ऑटो में बैठते हुए देखा गया।

पुलिस ने फौरन अपने सूचना तंत्र को सक्रिय किया और रोहिणी के विभिन्न सेक्टरों में टीम तैनात की। लगातार प्रयासों के बाद ऑटो चालक अब्दुल रहमान को ट्रेस किया गया, जिसने बताया कि उसने उक्त महिला को लिबासपुर में छोड़ा था। पुलिस ने तत्परता से बताए गए स्थान पर छापा मारा और महिला को गिरफ्तार कर बच्चे को सकुशल बरामद कर लिया।

आरोपी महिला की पहचान ज्योति उर्फ प्रीति पत्नी उमेश, निवासी श्रद्धानंद कॉलोनी, लिबासपुर, दिल्ली (आयु 39 वर्ष) के रूप में हुई। बच्चा चिकित्सीय परीक्षण के बाद उसके माता-पिता को सौंप दिया गया। उल्लेखनीय है कि पुलिस को कॉल सुबह 6:36 बजे मिली थी और बच्चा सुबह 9:16 बजे तक बरामद कर लिया गया — यानी सिर्फ तीन घंटे में मामला सुलझा लिया गया।

मकसद

प्रारंभिक जांच में सामने आया कि आरोपी महिला ज्योति उर्फ प्रीति अस्थमा के इलाज के लिए बीएसए अस्पताल में नियमित रूप से जाती थी। वहीं उसकी मुलाकात इस बच्चे से हुई और वह उससे लगाव महसूस करने लगी। चूंकि उसके या उसके भाई के कोई पुत्र नहीं थे, इसलिए उसने इस बच्चे को अपने साथ ले जाने की योजना बना ली।

उत्तर रोहिणी थाना पुलिस की तीव्र कार्रवाई और सूझबूझ भरे प्रयासों से यह “ब्लाइंड केस” महज तीन घंटे में सुलझाया गया। पुलिस की त्वरित कार्रवाई और कुशल टीमवर्क के कारण बच्चे को सकुशल माता-पिता से मिलवाया जा सका, जिससे स्थानीय लोगों ने भी पुलिस की सराहना की है।

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