हनुमान मंदिर, कनॉट प्लेस में होली मिलन समारोह व भव्य कवि सम्मेलन का आयोजन
- February 28, 2026
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रिधि दर्पण/हरि सिंह रावत नई दिल्ली। राजधानी के हृदय स्थल और “दिल्ली का दिल” कहे जाने वाले कनॉट प्लेस स्थित प्राचीन हनुमान मंदिर परिसर में होली के पावन
रिधि दर्पण/हरि सिंह रावत नई दिल्ली। राजधानी के हृदय स्थल और “दिल्ली का दिल” कहे जाने वाले कनॉट प्लेस स्थित प्राचीन हनुमान मंदिर परिसर में होली के पावन
रिधि दर्पण/हरि सिंह रावत
नई दिल्ली। राजधानी के हृदय स्थल और “दिल्ली का दिल” कहे जाने वाले कनॉट प्लेस स्थित प्राचीन हनुमान मंदिर परिसर में होली के पावन अवसर पर मंदिर पीठाधीश्वर महंत सुरेश शर्मा के सान्निध्य में भव्य होली मिलन समारोह एवं कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में राजनीतिक, सामाजिक और व्यावसायिक जगत की कई प्रतिष्ठित हस्तियों ने अपनी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराई।
इस अवसर पर पूर्व सांसद जयप्रकाश अग्रवाल, दिल्ली विधानसभा के उपाध्यक्ष मोहन सिंह बिष्ट, पूर्व केंद्रीय मंत्री जगदीश टाइटलर, पटेल नगर से विधायक प्रवेश रत्न, इंजी. एस. के. गोयल (एमडी, इंफिनिटी ग्रुप) तथा विजय कपूर (एमडी, एसके ग्रुप) सहित अनेक गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।

रंग, रस और कविता से सराबोर हुआ मंदिर प्रांगण
कार्यक्रम की शुरुआत भगवान हनुमान जी की आरती से हुई, जिसके बाद कवि सम्मेलन का शुभारंभ किया गया। देश-प्रदेश से आए कवियों ने हास्य, व्यंग्य, वीर रस और श्रृंगार रस से परिपूर्ण रचनाओं के माध्यम से उपस्थित जनसमूह को मंत्रमुग्ध कर दिया। होली के रंगों, भाईचारे और सामाजिक समरसता पर आधारित कविताओं ने वातावरण को उत्साह और उल्लास से भर दिया।
मंदिर परिसर फूलों और रंग-बिरंगी सजावट से सुसज्जित था। उपस्थित अतिथियों और श्रद्धालुओं ने एक-दूसरे को गुलाल लगाकर होली की शुभकामनाएं दीं।
मंदिर पीठाधीश्वर का संदेश
मंदिर पीठाधीश्वर महंत सुरेश शर्मा जी ने अपने संबोधन में कहा,
“होली केवल रंगों का त्योहार नहीं, बल्कि आपसी प्रेम, भाईचारे और सामाजिक सद्भाव का संदेश देने वाला पर्व है। हमें अपने मन के विकारों को त्यागकर सकारात्मकता और सद्भाव के रंगों से जीवन को सजाना चाहिए।”
उन्होंने आगे कहा कि कनॉट प्लेस का यह ऐतिहासिक हनुमान मंदिर वर्षों से आध्यात्मिक और सांस्कृतिक गतिविधियों का केंद्र रहा है, और ऐसे आयोजन समाज को जोड़ने का कार्य करते हैं।
महंत जी का सरल, सौम्य और आत्मीय व्यवहार उपस्थित जनों को विशेष रूप से प्रभावित करता है। वे सभी अतिथियों से व्यक्तिगत रूप से मिलकर उनका स्वागत करते नजर आए। उनका विनम्र स्वभाव और समाज के प्रति समर्पण भाव मंदिर की गरिमा को और अधिक बढ़ाता है।
होली का धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व
होली हिंदू पंचांग के अनुसार फाल्गुन मास की पूर्णिमा को मनाई जाती है। यह पर्व बुराई पर अच्छाई की विजय का प्रतीक है, जिसका संबंध भक्त प्रह्लाद और होलिका दहन की कथा से जुड़ा है। अगले दिन रंगों की होली खेली जाती है, जो सामाजिक समरसता और आनंद का प्रतीक है।
देशभर में होली अलग-अलग परंपराओं के साथ मनाई जाती है — कहीं फूलों की होली, कहीं लठमार होली, तो कहीं सांस्कृतिक आयोजनों और कवि सम्मेलनों के माध्यम से।
सौहार्द का संदेश
कार्यक्रम के अंत में सभी अतिथियों ने देशवासियों को होली की हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए शांति, समृद्धि और सद्भाव की कामना की।
कनॉट प्लेस स्थित हनुमान मंदिर में आयोजित यह होली मिलन समारोह न केवल रंगों का उत्सव बना, बल्कि सामाजिक एकता, सांस्कृतिक समृद्धि और आध्यात्मिक चेतना का भी प्रतीक साबित हुआ।