January 15, 2026
दिल्ली दिल्ली-एनसीआर

साउथ ब्लॉक को विदाई, सेवा तीर्थ में नई पारी: पीएमओ की ऐतिहासिक शिफ्टिंग

  • January 13, 2026
  • 0

रिधि दर्पण/ हरि सिंह रावत जनसेवा का नया केंद्र बनेगा ‘सेवा तीर्थ’, यहां से चलेगा देश का शासन देश की सत्ता का सबसे अहम पता अब बदलने जा

रिधि दर्पण/ हरि सिंह रावत

जनसेवा का नया केंद्र बनेगा ‘सेवा तीर्थ’, यहां से चलेगा देश का शासन

देश की सत्ता का सबसे अहम पता अब बदलने जा रहा है। आज़ादी के बाद से जिस साउथ ब्लॉक से प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) देश की नीतियों और फैसलों को दिशा देता रहा, वह अब इतिहास बनने की ओर है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का कार्यालय जल्द ही अपने नए और अत्याधुनिक परिसर ‘सेवा तीर्थ’ में स्थानांतरित होने जा रहा है।
सरकारी सूत्रों के अनुसार, नया पीएमओ परिसर लगभग पूरी तरह तैयार हो चुका है और अंतिम चरण का फिनिशिंग कार्य जारी है। संभावना है कि 14 जनवरी के बाद प्रधानमंत्री कार्यालय साउथ ब्लॉक को अलविदा कहकर विजय चौक के पास, रायसीना हिल के नीचे बने सेवा तीर्थ परिसर से कामकाज शुरू कर देगा।
तीन हाईटेक इमारतों में होगा सत्ता का संचालन
सेवा तीर्थ परिसर में तीन आधुनिक और सुरक्षित भवन बनाए गए हैं—

सेवा तीर्थ-1: यहां प्रधानमंत्री कार्यालय कार्य करेगा।

सेवा तीर्थ-2: कैबिनेट सचिवालय पहले ही यहां शिफ्ट हो चुका है।

सेवा तीर्थ-3: राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय का केंद्र होगा, जहां राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल का कार्यालय रहेगा।

यह पूरा परिसर सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट का अहम हिस्सा है। इसके तहत नई संसद भवन, उपराष्ट्रपति एन्क्लेव और मंत्रालयों के लिए नए कर्तव्य भवन पहले ही तैयार किए जा चुके हैं।
बदला नाम, बदली पहचान


नए पीएमओ परिसर को पहले ‘एग्जीक्यूटिव एन्क्लेव’ कहा जा रहा था, लेकिन दिसंबर 2025 में इसका नाम बदलकर ‘सेवा तीर्थ परिसर’ कर दिया गया। सरकार का उद्देश्य इसे सत्ता के बजाय जनसेवा के केंद्र के रूप में स्थापित करना है।
यहीं पास में प्रधानमंत्री के नए आवास का निर्माण भी चल रहा है। इसके पूरा होते ही प्रधानमंत्री का निवास 7 लोक कल्याण मार्ग से यहां स्थानांतरित किया जाएगा।
अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस नया पीएमओ
सेवा तीर्थ परिसर में कैबिनेट बैठकों के लिए विशेष कक्ष, विदेशी मेहमानों के स्वागत हेतु हाईटेक मीटिंग रूम और अधिकारियों के लिए आधुनिक ओपन फ्लोर वर्कस्पेस तैयार किए गए हैं। इसके साथ ही परिसर में भारतीय संस्कृति, परंपरा और विरासत की झलक भी देखने को मिलेगी।
साउथ ब्लॉक बनेगा संग्रहालय
सत्ता का केंद्र बदलने के साथ ही साउथ और नॉर्थ ब्लॉक की ऐतिहासिक इमारतों की भूमिका भी बदलेगी। अब ये प्रशासनिक भवन नहीं रहेंगे, बल्कि इन्हें ‘युगे-युगीन भारत संग्रहालय’ के रूप में विकसित किया जाएगा, जहां देश के गौरवशाली इतिहास और विरासत को प्रदर्शित किया जाएगा।
इस तरह साउथ ब्लॉक का एक ऐतिहासिक अध्याय समाप्त होगा और सेवा तीर्थ से देश के शासन और नीति-निर्धारण की नई शुरुआत होगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *