February 9, 2026
हेल्थ

मेदांता की बड़ी पहल: 24×7 चेस्ट ट्रॉमा सपोर्ट सर्विस शुरू उत्तर भारत में इमरजेंसी केयर को मिलेगी नई रफ्तार, अब हर मिनट बनेगा जीवनरक्षक

  • February 7, 2026
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गुरुग्राम रिधि दर्पण/ हरि सिंह रावतदेश में हर दिन सड़क हादसों में सैकड़ों जिंदगियां काल के गाल में समा रही हैं। कई बार मरीज समय पर अस्पताल तो

गुरुग्राम रिधि दर्पण/ हरि सिंह रावत
देश में हर दिन सड़क हादसों में सैकड़ों जिंदगियां काल के गाल में समा रही हैं। कई बार मरीज समय पर अस्पताल तो पहुंच जाता है, लेकिन विशेषज्ञ डॉक्टर की अनुपलब्धता उसकी जान ले लेती है। इसी कड़वी सच्चाई को बदलने के उद्देश्य से मेदांता – मेडिसिटी ने उत्तर भारत में 24×7 चेस्ट ट्रॉमा सपोर्ट सर्विस की ऐतिहासिक शुरुआत की है।
यह पूरी तरह निःशुल्क सेवा प्राथमिक और द्वितीयक स्वास्थ्य केंद्रों के डॉक्टरों को सीधे मेडांटा के वरिष्ठ चेस्ट सर्जनों से जोड़ने का काम करेगी, ताकि गंभीर चेस्ट ट्रॉमा मामलों में इलाज का सही फैसला समय रहते लिया जा सके।
फ्रंटलाइन डॉक्टरों के लिए लाइफलाइन बनेगी यह सेवा
इस अत्याधुनिक सेवा की कमान संभाल रहे हैं
डॉ. अरविंद कुमार, चेयरमैन, इंस्टीट्यूट ऑफ चेस्ट सर्जरी, मेदांता

वर्चुअल प्लेटफॉर्म के जरिए अब डॉक्टर एक्स-रे, सीटी स्कैन, मरीज की हालत और इलाज की रणनीति पर तुरंत विशेषज्ञों से चर्चा कर सकेंगे। इससे वह कीमती समय बचेगा, जो अक्सर मरीज की जान तय करता है।
‘हर एक जान अनमोल’— सिर्फ नारा नहीं, संकल्प
डॉ. नरेश त्रेहान, चेयरमैन एवं मैनेजिंग डायरेक्टर, मेदांता, ने कहा—
“मेदांता देश के सबसे बड़े और अत्याधुनिक इंस्टीट्यूट ऑफ चेस्ट सर्जरी का केंद्र है। यह पहल हमारे मूल मंत्र ‘हर एक जान अनमोल’ को व्यवहार में उतारने की दिशा में एक मजबूत कदम है।”
युवा सबसे ज्यादा शिकार, चेस्ट ट्रॉमा बड़ी चुनौती
15 से 45 वर्ष की उम्र में सड़क हादसे मौत का बड़ा कारण
अस्पतालों में 10–15% ट्रॉमा केस चेस्ट ट्रॉमा के
पॉली-ट्रॉमा में यह आंकड़ा 70% तक
बड़े शहरों के बाहर विशेषज्ञ और ट्रॉमा सेंटर्स की भारी कमी
चेस्ट ट्रॉमा इसलिए भी खतरनाक है क्योंकि इसमें फेफड़े, दिल, श्वासनली और बड़ी रक्त नलिकाएं प्रभावित हो सकती हैं।
स्टैंडर्ड इलाज, सुरक्षित रेफरल और कम जटिलताएं
इस सेवा के तहत—
स्टैंडर्ड चेस्ट ट्यूब इंसर्शन पर विशेषज्ञ मार्गदर्शन
जटिलताओं में कमी और समय पर हस्तक्षेप
गंभीर मरीजों को मेदांता में सुरक्षित, सुपरवाइज्ड रेफरल
ट्रेनिंग से लेकर राष्ट्रीय रजिस्ट्री तक
मेडांटा करेगा—
डॉक्टरों के लिए ट्रेनिंग प्रोग्राम, वेबिनार और वर्कशॉप
डेडिकेटेड चेस्ट ट्रॉमा रजिस्ट्री की स्थापना
इलाज, नतीजों और डेटा के आधार पर राष्ट्रीय स्तर पर ट्रॉमा केयर को मजबूत
उत्तर भारत से शुरुआत, देशभर में विस्तार की तैयारी
यह 24×7 सेवा फिलहाल हरियाणा, पंजाब और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में शुरू की गई है, जिसे आने वाले समय में अन्य राज्यों तक ले जाने की योजना है।
डॉ. अरविंद कुमार का स्पष्ट संदेश—
“हमारा लक्ष्य फ्रंटलाइन डॉक्टरों को तुरंत विशेषज्ञ सहयोग देकर जटिल चेस्ट ट्रॉमा मामलों में उनका आत्मविश्वास बढ़ाना और मरीजों की जान बचाने की संभावना को कई गुना मजबूत करना है।”
आधुनिक तकनीक, विशेषज्ञता और मानवीय दृष्टिकोण का यह संगम
उत्तर भारत में इमरजेंसी हेल्थकेयर को नई दिशा देने वाला
एक ऐतिहासिक कदम साबित होने जा रहा है।

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