February 8, 2026
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माता-पिता की सालगिरह से पहले बुझ गया घर का चिराग: खुले सीवर गड्ढे में गिरकर बैंक मैनेजर की मौत, लापरवाही पर सवाल

  • February 7, 2026
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रिधि दर्पण/ रोहित नेगी करीब आधी रात का वक्त था। गुरुवार रात 11:53 बजे 25 वर्षीय कमल ध्यानी ने अपने जुड़वां भाई करण को फोन कर कहा था—“बस

रिधि दर्पण/ रोहित नेगी

करीब आधी रात का वक्त था। गुरुवार रात 11:53 बजे 25 वर्षीय कमल ध्यानी ने अपने जुड़वां भाई करण को फोन कर कहा था—“बस 10 मिनट में घर पहुंच रहा हूं।” घर में माहौल खुशियों से भरा था। माता-पिता की शादी की सालगिरह के लिए केक सजा था, कीर्तन और छोटी पार्टी की तैयारी चल रही थी। परिवार कमल का इंतजार करता रहा, लेकिन वक्त बीतता गया।

10 मिनट, फिर 30 मिनट… कमल नहीं आया। फोन बार-बार मिलाया गया, मगर दूसरी तरफ सन्नाटा था। बेचैन माता-पिता और परिजन रात में ही उसे ढूंढने निकल पड़े। दफ्तर, पार्क, सड़कें—हर जगह तलाश हुई। सागरपुर, डाबड़ी, मंगोलपुरी, जनकपुरी, पालम और रोहिणी के कई थानों के चक्कर लगाए गए, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला।

कमल के दोस्त मयंक का आरोप है कि पुलिस ने शुरुआत में यह कहकर शिकायत दर्ज करने से मना कर दिया कि 24 घंटे पूरे नहीं हुए हैं। हालांकि मदद के लिए दो पुलिसकर्मी भेजे गए, लेकिन रात भर कोई जानकारी हाथ नहीं लगी। परिवार को सुबह 11 बजे आकर गुमशुदगी दर्ज कराने को कहा गया।

अगली सुबह वह खबर आई जिसने पूरे परिवार को तोड़कर रख दिया। रोहिणी स्थित HDFC बैंक ब्रांच में असिस्टेंट मैनेजर के पद पर कार्यरत कमल ध्यानी की मौत हो चुकी थी। जनकपुरी इलाके में दिल्ली जल बोर्ड (DJB) के सीवर प्रोजेक्ट के लिए खोदे गए करीब 15 फुट गहरे गड्ढे में उनकी बाइक गिर गई थी। इसी हादसे में उनकी जान चली गई।

दोस्त अल्ताफ आलम ने बताया कि आखिरी बार कमल ने अपने भाई से बात की थी और कहा था कि वह घर पहुंचने वाला है। शुक्रवार को उसने छुट्टी भी ले रखी थी, ताकि परिवार के साथ समय बिता सके।

पुलिस जांच में सामने आया है कि हादसे की जानकारी उसी रात एक परिवार ने दी थी, जिन्होंने कमल को गड्ढे में गिरते देखा। उन्होंने मौके पर तैनात सुरक्षा गार्ड और पास के तंबू में रहने वाले एक व्यक्ति को सूचना दी। आरोप है कि सुरक्षा गार्ड ने तुरंत उप-ठेकेदार राजेश प्रजापति के अधीन काम करने वाले एक कनिष्ठ कर्मचारी को फोन किया। उस कर्मचारी ने रात करीब 12:22 बजे प्रजापति को हादसे की जानकारी दी और मौके पर आने को कहा।

पुलिस के मुताबिक, प्रजापति घटनास्थल पर पहुंचा और गड्ढे के अंदर एक मोटरसाइकिल देखी, लेकिन न तो उसने अंदर झांककर जांच की और न ही किसी तरह की राहत या बचाव कार्रवाई शुरू की। कई घंटों तक कोई कदम नहीं उठाया गया।

दिल्ली पुलिस ने इस मामले में उप-ठेकेदार राजेश प्रजापति को हिरासत में ले लिया है। उसके खिलाफ और दिल्ली जल बोर्ड के संबंधित अधिकारियों पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 105 (गैर-इरादतन हत्या) के तहत जनकपुरी थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है। प्रजापति की गिरफ्तारी की संभावना जताई जा रही है और उससे पूछताछ जारी है।

इस घटना के बाद दिल्ली सरकार ने जांच के आदेश दे दिए हैं। वहीं कमल के परिवार ने दिल्ली जल बोर्ड पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए मौत के पीछे साजिश की आशंका भी जताई है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच प्राथमिकता के आधार पर की जा रही है और जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई होगी।

खुशियों के लिए सजा घर, केक और कीर्तन—सब अधूरे रह गए। एक बेटे की वापसी का इंतजार करता परिवार अब इंसाफ की उम्मीद में खड़ा है।

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