January 15, 2026
डिफेंस दिल्ली

भारतीय तटरक्षक बल ने तेज गश्ती पोतों और एयर कुशन वाहनों के लिए कील बिछाने, प्लेट कटिंग समारोहों के साथ रचा नया कीर्तिमान

  • October 30, 2025
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@नई दिल्ली, 30 अक्तूबर 2025 भारतीय तटरक्षक बल (ICG) ने आज स्वदेशी रक्षा निर्माण के क्षेत्र में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि दर्ज की। मुंबई स्थित मजगांव डॉक शिपबिल्डर्सलिमिटेड

@नई दिल्ली, 30 अक्तूबर 2025

भारतीय तटरक्षक बल (ICG) ने आज स्वदेशी रक्षा निर्माण के क्षेत्र में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि दर्ज की। मुंबई स्थित मजगांव डॉक शिपबिल्डर्सलिमिटेड (MDL) तथा गोवा के चौगुले रासाइम यार्ड में क्रमशः दूसरे फास्ट पेट्रोल वेसल (FPV) की कील बिछाने, पाँचवें FPV की प्लेट कटिंग तथा दूसरे और तीसरे एयर कुशन व्हीकल (ACV) की गर्डर लेइंग समारोहों का आयोजन किया गया।इन समारोहों में आईजी हरमन प्रीत सिंह, उप महानिदेशक (तकनीकी) एवं कोस्ट गार्ड कमांडर (पश्चिमी समुद्री तट) तथा आईजी सुधीर साहनी, टीएम, उप महानिदेशक (मटेरियल एवं मेंटेनेंस), तटरक्षक मुख्यालय, मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। इस अवसर पर एमडीएल, चौगुले एंड कंपनी तथा तटरक्षक बल के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे।

14 FPV के डिजाइन एवं निर्माण हेतु अनुबंध 24 जनवरी 2024 को MDL के साथ संपन्न हुआ था। लगभग 340 टन विस्थापन क्षमता वाले ये वॉटर-जेट चालित पोत तटीय सुरक्षा, खोज एवं बचाव कार्यों तथा कानून प्रवर्तन अभियानों के लिए तैयार किए जा रहे हैं, जिनमें 60 प्रतिशत से अधिक स्वदेशी सामग्री का उपयोग किया जा रहा है।इन पोतों में मैसर्स त्रिवेणी, मैसूर द्वारा निर्मित गियरबॉक्स और मैसर्स MJP इंडिया के वॉटर जेट लगाए जा रहे हैं। साथ ही इनमें अत्याधुनिक तकनीक जैसे AI आधारित प्रेडिक्टिव मेंटेनेंस सिस्टम और मल्टीपर्पज ड्रोन भी शामिल होंगे, जो भारत की समुद्री रक्षा क्षमता में नई तकनीकी शक्ति का संचार करेंगे।इसके अतिरिक्त, छह एयर कुशन वाहनों (ACVs) के निर्माण हेतु रक्षा मंत्रालय और तटरक्षक बल के बीच 24 अक्तूबर 2024 को अनुबंध हुआ था। यह परियोजना आत्मनिर्भर भारत अभियान की दिशा में एक बड़ा कदम है।

ग्रिफॉन होवरवर्क (यूके) के सिद्ध डिज़ाइन पर आधारित ये अत्याधुनिक होवरक्राफ्ट 50% से अधिक स्वदेशी सामग्री के साथ भारत में निर्मित किए जा रहे हैं। इनका उपयोग तटीय गश्त, टोही, अवरोधन, बचाव कार्यों और हर मौसम में संचालन हेतु किया जाएगा।कील बिछाने, प्लेट कटिंग और गर्डर लेइंग समारोह इन परियोजनाओं की प्रगति के अहम मील के पत्थर हैं। 14 FPV और 6 ACV का निर्माण आत्मनिर्भर भारत के विजन के अनुरूप किया जा रहा है, जो हिंद महासागर क्षेत्र में भारतीय तटरक्षक बल की शक्ति को कई गुना बढ़ाएगा।

एमडीएल, चौगुले एंड कंपनी और भारतीय तटरक्षक बल के बीच यह ऐतिहासिक सहयोग भारत की स्वदेशी जहाज निर्माण क्षमता, तकनीकी नवाचार और राष्ट्रीय गौरव का सशक्त प्रतीक है — सचमुच “हवा के कुशन पर सवार भारत” की दिशा में एक और कदम।

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