January 15, 2026
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भारतीय तटरक्षक बल ने तकनीकी व लॉजिस्टिक प्रबंधन सम्मेलन एवं मिड-ईयर रिफिट समीक्षा सफलतापूर्वक सम्पन्न

  • November 29, 2025
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हरि सिंह रावत रिधि दर्पण। भारतीय तटरक्षक बल (ICG) ने 28 नवम्बर 2025 को 17वां तकनीकी एवं लॉजिस्टिक प्रबंधन सम्मेलन (TLMC) और 29 नवम्बर 2025 को मिड-ईयर रिफिट

हरि सिंह रावत रिधि दर्पण।

भारतीय तटरक्षक बल (ICG) ने 28 नवम्बर 2025 को 17वां तकनीकी एवं लॉजिस्टिक प्रबंधन सम्मेलन (TLMC) और 29 नवम्बर 2025 को मिड-ईयर रिफिट समीक्षा (MYRR) का सफल आयोजन कोर्ग, कर्नाटक में किया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए महानिदेशक परमेश शिवामणि, AVSM, PTM, TM ने तटरक्षक सेवा में डेटा-आधारित तकनीकी प्रबंधन की दिशा में हो रहे बदलाव पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), मशीन लर्निंग (ML) और उन्नत डिजिटल तकनीकों के उपयोग से प्रेडिक्टिव मेंटेनेंस, उपकरणों की हेल्थ मॉनिटरिंग और लॉजिस्टिक ऑप्टिमाइजेशन को नई दिशा मिल रही है।


DGICG ने नए पीढ़ी के तटरक्षक बेड़े हेतु अत्याधुनिक प्रणालियों, स्वचालन प्रौद्योगिकी और उन्नत सेंसरों को संचालन हेतु तकनीकी रूप से दक्ष मानव संसाधन की आवश्यकता पर बल दिया।

महानिदेशक ने यह भी बताया कि कोस्ट गार्ड प्लेटफॉर्म पर अत्याधुनिक मशीनरी सिस्टम लगाए जा रहे हैं तथा निचली ऊंचाई से होने वाले विषम खतरों का मुकाबला करने के लिए एंटी-ड्रोन तकनीक का इस्तेमाल बढ़ाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि डिफेंस प्रोक्योरमेंट मैनुअल 2025 से खरीद प्रक्रियाएं सरल होंगी, स्पेयर पार्ट्स की उपलब्धता तेज होगी और रिफिट प्रक्रियाएं अधिक पारदर्शी व प्रभावी बनेंगी।

सम्मेलन में डॉकिंग इंटरवल रेशनलाइजेशन, टेक अफ्लोट सपोर्ट यूनिट्स को सशक्त बनाने, मल्टी-रिफिट कॉन्ट्रैक्ट, रिफिट के दौरान क्वालिटी एश्योरेंस, कंडीशन-बेस्ड प्रेडिक्टिव मेंटेनेंस (CBPM) और रिफिट-स्पेयर प्रबंधन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा हुई। इन विचार-विमर्शों ने शेड्यूल-आधारित मेंटेनेंस से प्रदर्शन-आधारित, कंडीशन-बेस्ड लाइफसाइकिल सपोर्ट की ओर बदलाव को मजबूत किया।

29 नवम्बर को इंस्पेक्टर जनरल सुधीर साहनी, TM, उप-महानिदेशक (मैटेरियल एवं मेंटेनेंस) ने मिड-ईयर रिफिट समीक्षा की। समीक्षा में समय-सीमा पालन, कॉन्ट्रैक्ट प्रबंधन, वेंडर परफॉर्मेंस और फ्लीट रेडीनेस से जुड़े पहलुओं का मूल्यांकन किया गया।
DDG (M&M) ने सभी इकाइयों से आह्वान किया कि तटरक्षक बल के स्वर्णिम जयन्ती वर्ष 2027 के दृष्टिकोण के अनुरूप स्वयं को भविष्य-उन्मुख और तकनीकी रूप से सशक्त बनाएं।

सम्मेलन का समापन आत्मनिर्भर भारत, तकनीकी आधुनिकीकरण और उत्कृष्ट परिचालन क्षमता के प्रति तटरक्षक बल की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए हुआ।
तटरक्षक बल ने अपने ध्येय वाक्य — “वयम् रक्षामः – We Protect” — के साथ भविष्य के लिए दृढ़ संकल्प व्यक्त किया।

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