बुंदेलखंड में पर्यटन विकास को बढ़ावा देने के लिए पर्यटन मंत्रालय ने आयोजित किया हितधारक सम्मेलन और फेम (FAM) टूर
March 10, 2026
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@ झाँसी उत्तरप्रदेश :- भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय ने उत्तर प्रदेश टूरिज्म के सहयोग से 7 से 9 मार्च 2026 तक झाँसी एवं आसपास के पर्यटन स्थलों
@ झाँसी उत्तरप्रदेश :-
भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय ने उत्तर प्रदेश टूरिज्म के सहयोग से 7 से 9 मार्च 2026 तक झाँसी एवं आसपास के पर्यटन स्थलों में बुंदेलखंड पर्यटन हितधारक सम्मेलन तथा इसके उपरांत फेमिलराइजेशन (FAM) टूर का आयोजन किया।
यह सम्मेलन नटराज सरोवर पोर्टिको झाँसी में आयोजित किया गया, जिसमें लगभग 80 प्रतिभागियों ने भाग लिया। प्रतिभागियों में टूर ऑपरेटर, ट्रैवल एजेंट, टूर गाइड, होटल व्यवसायी, होमस्टे संचालक, बुंदेलखंड यूनिवर्सिटी के प्रतिनिधि, मीडिया प्रतिनिधि तथा पर्यटन मंत्रालय, उत्तर प्रदेश पर्यटन, राज्य पुरातत्व विभाग एवं झांसी संग्रहालय के अधिकारी शामिल थे।
इस पहल का उद्देश्य बुंदेलखंड क्षेत्र की समृद्ध पर्यटन संभावनाओं को उजागर करना तथा पर्यटन हितधारकों और सरकारी एजेंसियों के बीच सहयोग को सुदृढ़ करना है, ताकि इस क्षेत्र को एक उभरते हुए पर्यटन गंतव्य के रूप में विकसित किया जा सके।
कार्यक्रम की शुरुआत अतिथियों के स्वागत एवं दीप प्रज्वलन के साथ हुई। संदीप शुक्ला, सहायक निदेशक, पर्यटन मंत्रालय ने प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए बुंदेलखंड क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए सामूहिक प्रयासों के महत्व पर बल दिया। डी. के. शर्मा, क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी, उत्तर प्रदेश पर्यटन ने क्षेत्रीय आर्थिक विकास को बढ़ावा देने में समेकित पर्यटन विकास की भूमिका पर प्रकाश डाला।
अनिरुद्ध रावत, अध्यक्ष, बुंदेलखंड ट्रैवल एजेंट्स एसोसिएशन ने ट्रैवल ट्रेड साझेदारी के अवसरों और बुंदेलखंड को एक प्रमुख पर्यटन सर्किट के रूप में विकसित करने की रणनीतियों पर अपने विचार प्रस्तुत किए। वहीं बुंदेलखंड यूनिवर्सिटी के पर्यटन एवं होटल प्रबंधन संस्थान के विभागाध्यक्ष एवं डीन प्रो. देवेश निगम ने पर्यटन क्षेत्र को सुदृढ़ करने में कौशल विकास और अकादमिक सहयोग के महत्व को रेखांकित किया।
सम्मेलन को संबोधित करते हुए अरुण श्रीवास्तव, संयुक्त महानिदेशक एवं क्षेत्रीय निदेशक (उत्तर), पर्यटन मंत्रालय भारत सरकार ने पर्यटन को सतत और समावेशी बनाने तथा ट्रैवल एवं हॉस्पिटैलिटी उद्योग की भागीदारी बढ़ाने के लिए मंत्रालय द्वारा किए जा रहे विभिन्न प्रयासों और पहलों के बारे में जानकारी दी।
कार्यक्रम के दौरान पर्यटन मंत्रालय के अवनीश कुमार, टूरिस्ट इंफॉर्मेशन ऑफिसर द्वारा मंत्रालय के निधि पोर्टल पर सेवा प्रदाताओं के पंजीकरण की प्रक्रिया पर विस्तृत प्रस्तुति दी गई तथा हितधारकों को राष्ट्रीय पर्यटन डेटाबेस का हिस्सा बनने के लिए पंजीकरण हेतु प्रोत्साहित किया गया।
सम्मेलन का समापन संजय कुमार, टूरिस्ट इंफॉर्मेशन ऑफिसर, पर्यटन मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। इसके पश्चात एक बी2बी नेटवर्किंग सत्र आयोजित किया गया, जिसमें पर्यटन हितधारकों, मीडिया प्रतिनिधियों एवं अधिकारियों को आपसी संवाद और संभावित सहयोग के अवसरों पर विचार-विमर्श करने का अवसर मिला।
इस पहल के अंतर्गत 7 से 9 मार्च 2026 तक तीन दिवसीय फेम (FAM) टूर का भी आयोजन किया गया है, जिसके माध्यम से प्रतिभागियों को झांसी एवं बुंदेलखंड क्षेत्र के प्रमुख ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और विरासत स्थलों का भ्रमण कराया जाएगा। इस टूर का उद्देश्य ट्रैवल ट्रेड एवं मीडिया प्रतिनिधियों को इन स्थलों से परिचित कराना है, ताकि वे इन पर्यटन स्थलों का देश और विदेश में अधिक प्रभावी ढंग से प्रचार-प्रसार कर सकें।
यह पहल भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय और उत्तर प्रदेश पर्यटन की उस सतत प्रतिबद्धता को दर्शाती है, जिसके अंतर्गत बुंदेलखंड क्षेत्र को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर एक उभरते हुए पर्यटन गंतव्य के रूप में विकसित करने का प्रयास किया जा रहा है।
आये जानते है निधि पोर्टल के बारे मे :
NIDHI Scheme – पर्यटन मंत्रालय की रजिस्ट्रेशन योजना
निधि (आतिथ्य उद्योग का राष्ट्रीय एकीकृत डेटाबेस) भारत सरकार के Ministry of Tourism द्वारा शुरू की गई एक महत्वपूर्ण डिजिटल पहल है। इसका उद्देश्य देश के होटल, गेस्ट हाउस, होमस्टे, ट्रैवल एजेंसियों और अन्य पर्यटन सेवाओं से जुड़े संस्थानों का एक राष्ट्रीय डेटाबेस तैयार करना है। इससे भारत के पर्यटन क्षेत्र को संगठित करने और पर्यटकों को बेहतर सुविधाएँ प्रदान करने में मदद मिलती है।
NIDHI रजिस्ट्रेशन क्या है ?
NIDHI रजिस्ट्रेशन एक ऑनलाइन पंजीकरण प्रक्रिया है, जिसके माध्यम से पर्यटन उद्योग से जुड़े विभिन्न प्रतिष्ठान खुद को पर्यटन मंत्रालय के डेटाबेस में पंजीकृत कर सकते हैं। यह रजिस्ट्रेशन पूरी तरह डिजिटल है और इसके लिए मंत्रालय द्वारा एक विशेष पोर्टल उपलब्ध कराया गया है।
NIDHI रजिस्ट्रेशन का उद्देश्य :
इस योजना का मुख्य उद्देश्य पर्यटन क्षेत्र से जुड़े सभी हितधारकों की जानकारी एक ही प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराना है। इसके प्रमुख उद्देश्य इस प्रकार हैं:
•देश के पर्यटन उद्योग का संगठित डेटा तैयार करना
•पर्यटकों को विश्वसनीय और प्रमाणित सेवाएँ उपलब्ध कराना
•पर्यटन व्यवसायों को सरकारी योजनाओं से जोड़ना
•पर्यटन क्षेत्र में पारदर्शिता और गुणवत्ता बढ़ाना
•नीति निर्माण के लिए सरकार को सही जानकारी उपलब्ध कराना
किन-किन को NIDHI में रजिस्ट्रेशन करना चाहिए :
पर्यटन मंत्रालय के अनुसार निम्न प्रकार के संस्थान NIDHI पोर्टल पर पंजीकरण कर सकते हैं:
•होटल और रिसॉर्ट
•होमस्टे और गेस्ट हाउस
•ट्रैवल एजेंसियां
•टूर ऑपरेटर
•बेड एंड ब्रेकफास्ट यूनिट
•एडवेंचर टूरिज्म ऑपरेटर
•पर्यटन से जुड़े अन्य सेवा प्रदाता
NIDHI रजिस्ट्रेशन के फायदे :
NIDHI में पंजीकरण कराने से कई लाभ मिलते हैं:
1.पर्यटन मंत्रालय के डेटाबेस में आधिकारिक पहचान मिलती है।
2.सरकारी योजनाओं और सहायता कार्यक्रमों का लाभ मिल सकता है।
3.पर्यटकों का भरोसा बढ़ता है।
4.व्यवसाय की ऑनलाइन दृश्यता (Visibility) बढ़ती है।
5.पर्यटन नीति और योजनाओं में शामिल होने का अवसर मिलता है।
NIDHI रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया :
NIDHI पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन करने की प्रक्रिया सरल है:
1.पर्यटन मंत्रालय की आधिकारिक NIDHI वेबसाइट पर जाएं।
2.“Register” या “Sign Up” विकल्प चुनें।
3.अपना नाम, ई-मेल, मोबाइल नंबर और व्यवसाय से संबंधित जानकारी भरें।
4.आवश्यक दस्तावेज अपलोड करें।
5.आवेदन जमा करने के बाद सत्यापन प्रक्रिया पूरी होती है।
सत्यापन के बाद संस्थान को NIDHI ID प्रदान की जाती है, जिससे वह पर्यटन मंत्रालय के डेटाबेस में शामिल हो जाता है।
NIDHI योजना भारत के पर्यटन उद्योग को आधुनिक और संगठित बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे न केवल पर्यटन व्यवसायों को पहचान मिलती है, बल्कि सरकार को भी पर्यटन क्षेत्र की सही और व्यापक जानकारी मिलती है। भविष्य में यह पहल भारत के पर्यटन विकास और प्रबंधन को और अधिक मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
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