January 15, 2026
दिल्ली दिल्ली-एनसीआर

प्रदूषण से लड़ने के लिए हर राज्य में खुलेगा चेस्ट क्लिनिक

  • November 13, 2025
  • 0

केंद्र सरकार ने जारी की सख्त एडवाइजरी, अस्पतालों को दी गई तैयार रहने की हिदायतें नई दिल्ली अरुण शर्मा रिधि दर्पण! देश में लगातार बढ़ते वायु प्रदूषण के

केंद्र सरकार ने जारी की सख्त एडवाइजरी, अस्पतालों को दी गई तैयार रहने की हिदायतें

नई दिल्ली अरुण शर्मा रिधि दर्पण!

देश में लगातार बढ़ते वायु प्रदूषण के खतरे को देखते हुए भारत सरकार ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को एक विस्तृत एडवाइजरी जारी की है। इस एडवाइजरी में केंद्र ने राज्यों से कहा है कि वे अपने-अपने जिलों के अस्पतालों, मेडिकल कॉलेजों और शहरी स्वास्थ्य केंद्रों में “चेस्ट क्लिनिक” (Chest Clinic) स्थापित करें ताकि प्रदूषण से जुड़ी बीमारियों की पहचान और समय पर उपचार सुनिश्चित किया जा सके।

स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा जारी 33 पन्नों की गाइडलाइन में कहा गया है कि ये क्लिनिक विशेष रूप से सितंबर से मार्च तक — जब वायु प्रदूषण का स्तर सबसे अधिक होता है — रोज़ाना कम से कम दो घंटे निश्चित समय पर संचालित किए जाएं। इन क्लीनिकों में सांस, दिल, और प्रदूषण जनित बीमारियों से ग्रसित मरीजों की जांच, इलाज और दीर्घकालिक निगरानी की जाएगी।

केंद्र ने अस्पतालों को निर्देश दिए हैं कि वे ऑक्सीजन सिलेंडर, नेबुलाइज़र, वेंटिलेटर, आवश्यक दवाएं, स्ट्रेचर, व्हीलचेयर, एंबुलेंस और अतिरिक्त बेड की पर्याप्त व्यवस्था रखें, ताकि किसी भी आपात स्थिति से निपटा जा सके। स्वास्थ्य विभाग को यह भी कहा गया है कि वे प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा जारी वायु गुणवत्ता (AQI) रिपोर्ट पर सतत निगरानी रखें और स्थानीय स्तर पर आवश्यक कार्रवाई करें।

एडवाइजरी में राज्यों से निर्माण कार्यों, कचरा व पराली जलाने, तथा प्लास्टिक जलाने पर सख्त रोक लगाने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही, स्कूलों के लिए विशेष दिशा-निर्देश जारी करते हुए कहा गया है कि जब वायु गुणवत्ता बहुत खराब श्रेणी में हो, तब बच्चों को दौड़ने-खेलने जैसी बाहरी गतिविधियों से रोका जाए।

केंद्र ने शिक्षकों और मेडिकल स्टाफ को प्रदूषण से संबंधित बीमारियों की पहचान और प्रबंधन की विशेष ट्रेनिंग देने को कहा है। स्कूलों में छात्रों में जागरूकता बढ़ाने के लिए कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, ताकि बच्चे स्वयं पर्यावरण संरक्षण के प्रयासों में सहभागी बन सकें।

सरकार ने चेतावनी दी है कि प्रदूषण का प्रभाव केवल सांस और आंखों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह दिल की बीमारियों, कैंसर और दीर्घकालिक फेफड़ों की समस्याओं का भी प्रमुख कारण बन सकता है। इसलिए, केंद्र ने राज्यों को निर्देशित किया है कि पहले चरण में नेशनल क्लीन एयर प्रोग्राम (NCAP) से जुड़े शहरों में चेस्ट क्लिनिक की शुरुआत की जाए और बाद में इसे ग्रामीण व अर्धशहरी क्षेत्रों तक विस्तार दिया जाए।

साथ ही, इन क्लीनिकों में आने वाले सभी मरीजों का रिकॉर्ड इंटीग्रेटेड हेल्थ इन्फॉर्मेशन प्लेटफॉर्म (IHIP) जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म पर दर्ज करने के निर्देश भी दिए गए हैं, ताकि राष्ट्रीय स्तर पर डेटा विश्लेषण और नीति निर्माण में मदद मिल सके।

केंद्र सरकार का यह कदम प्रदूषण से होने वाले स्वास्थ्य प्रभावों को लेकर अब तक का सबसे ठोस और संरचित प्रयास माना जा रहा है

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *