ओडिशा के पुरी में विश्वप्रसिद्ध जगन्नाथ रथ यात्रा आज भव्यता और आस्था के संग आरंभ हो गई है। इस ऐतिहासिक और धार्मिक आयोजन में देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु शामिल हो रहे हैं। तीन किलोमीटर लंबी इस रथ यात्रा की शुरुआत आज सुबह 6:00 बजे मंगल आरती के साथ हुई।
इसके बाद परंपरा अनुसार दोपहर 3:30 बजे सूर्य पूजा और छेरा पन्हारा जैसे महत्वपूर्ण अनुष्ठान संपन्न होंगे। छेरा पन्हारा वह रस्म है जिसमें पुरी के गजपति महाराज स्वयं झाड़ू लगाकर भगवान के रथ की सफाई करते हैं, जो समर्पण और समानता का प्रतीक मानी जाती है।
तीनों भगवान—भगवान जगन्नाथ, बहन सुभद्रा और भाई बलभद्र—विशाल और सुंदर रूप से सजाए गए तीन अलग-अलग रथों में विराजमान होकर श्रीगुंडिचा मंदिर के लिए प्रस्थान करते हैं। यह यात्रा नौ दिनों तक चलेगी, जिसके बाद भगवान वापस अपने मंदिर लौटेंगे।
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए सुरक्षा के पुख्ता इंतज़ाम किए गए हैं। ड्रोन से निगरानी, CCTV कैमरों और हजारों सुरक्षाकर्मियों की तैनाती के साथ प्रशासन पूरे आयोजन पर पैनी नजर बनाए हुए है।
यह रथ यात्रा न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि भारत की सांस्कृतिक एकता और परंपरा का भी जीवंत उदाहरण है।