पारस टिएरा सोसायटी में देर रात तक काउंटिंग के बाद नई एओए का गठन
- March 3, 2026
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पारस टिएरा एओए के अध्यक्ष बने सुखपाल सिंह राणा, नई कार्यकारिणी घोषित @नोएडा नोएडा। सेक्टर-137 स्थित पारस टिएरा सोसायटी में रविवार को हुए चुनाव के बाद देर रात
पारस टिएरा एओए के अध्यक्ष बने सुखपाल सिंह राणा, नई कार्यकारिणी घोषित @नोएडा नोएडा। सेक्टर-137 स्थित पारस टिएरा सोसायटी में रविवार को हुए चुनाव के बाद देर रात
पारस टिएरा एओए के अध्यक्ष बने सुखपाल सिंह राणा, नई कार्यकारिणी घोषित
@नोएडा
नोएडा। सेक्टर-137 स्थित पारस टिएरा सोसायटी में रविवार को हुए चुनाव के बाद देर रात तक चली काउंटिंग के उपरांत नई एओए (अपार्टमेंट ओनर्स एसोसिएशन) का गठन कर दिया गया। चुनाव प्रक्रिया के दौरान पर्ची वितरण को लेकर हुए विवाद से करीब आधे घंटे तक मतदान बाधित रहा, हालांकि बाद में स्थिति सामान्य होने पर मतदान और मतगणना पूरी कर परिणाम घोषित किए गए।

चुनाव अधिकारी की देखरेख में सुबह 10 बजे से मतदान शुरू हुआ। प्रारंभिक घंटों में शांतिपूर्ण मतदान हुआ, लेकिन दोपहर में मतदाताओं को पर्चियां बांटने के मुद्दे पर दो पक्षों के बीच तीखी नोकझोंक हो गई। विवाद बढ़ने पर मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों को हस्तक्षेप करना पड़ा। स्थिति नियंत्रित होने के बाद शाम तक मतदान संपन्न हुआ।
शाम छह बजे से शुरू हुई मतगणना देर रात करीब 1:30 बजे तक चली। इसके बाद चुनाव अधिकारी ने नई कार्यकारिणी की घोषणा की।
सुखपाल सिंह राणा बने अध्यक्ष
चुनाव परिणाम के अनुसार सुखपाल सिंह राणा को अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी सौंपी गई। उनके साथ नई टीम में
अनंगपाल चौहान – उपाध्यक्ष
विकास सालार – सचिव
आदित्य देव – कोषाध्यक्ष
संगीता तलुजा – संयुक्त सचिव
डॉ. जॉली गुप्ता जैन, आस्था शर्मा और डॉ. अमरनाथ, सोमेश्वर झा – सदस्य
को चुना गया।
अध्यक्ष पद संभालने के बाद सुखपाल सिंह राणा ने कहा कि सोसायटी में पारदर्शिता और निवासियों के हित सर्वोपरि रहेंगे। उन्होंने भरोसा दिलाया कि लंबित कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा कराया जाएगा और सभी निवासियों के सहयोग से बेहतर प्रबंधन सुनिश्चित किया जाएगा।
नियमों को लेकर हुआ था विरोध
निवासियों के अनुसार मतदान के दौरान मतदाताओं को पर्चियां बांटने को लेकर नियमों का हवाला देते हुए आपत्ति दर्ज कराई गई थी। इसी मुद्दे पर विवाद हुआ, जिससे मतदान कुछ समय के लिए रुका रहा। बाद में प्रशासन और चुनाव अधिकारियों के हस्तक्षेप से प्रक्रिया दोबारा शुरू कराई गई।
नई एओए के गठन के साथ ही अब सोसायटी में विकास कार्यों और प्रशासनिक निर्णयों को नई दिशा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है