March 10, 2026
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नेत्र ज्योति पर AIIMS का बड़ा अध्ययन: राजधानी दिल्ली में हर 10 में से 3 लोगों को चश्मे की जरूरतप्रो. प्रवीण वशिष्ठ ने जताई चिंता — बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक बढ़ रही दृष्टि दोष की समस्या

  • March 10, 2026
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@नई दिल्लीअरुण शर्मा देश की राजधानी Delhi में लोगों की नेत्र ज्योति (आंखों की रोशनी) को लेकर एक महत्वपूर्ण अध्ययन सामने आया है। देश के प्रतिष्ठित चिकित्सा संस्थान

@नई दिल्लीअरुण शर्मा

देश की राजधानी Delhi में लोगों की नेत्र ज्योति (आंखों की रोशनी) को लेकर एक महत्वपूर्ण अध्ययन सामने आया है। देश के प्रतिष्ठित चिकित्सा संस्थान All India Institute of Medical Sciences (AIIMS) के Dr Rajendra Prasad Centre for Ophthalmic Sciences द्वारा किए गए पायलट अध्ययन में पाया गया है कि राजधानी दिल्ली में लगभग हर 10 में से 3 लोगों को स्पष्ट देखने के लिए चश्मे की जरूरत है।
अध्ययन के निष्कर्ष साझा करते हुए Prof. Praveen Vashisth, प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष, कम्युनिटी ऑप्थैल्मोलॉजी विभाग ने कहा कि नेत्र ज्योति मानव जीवन की सबसे महत्वपूर्ण इंद्रियों में से एक है, लेकिन दिल्ली में बढ़ते रिफ्रैक्टिव एरर (दृष्टि दोष) के कारण बड़ी संख्या में लोग स्पष्ट दृष्टि से वंचित हो रहे हैं।
बुजुर्गों में सबसे अधिक प्रभावित नेत्र ज्योति
AIIMS के अध्ययन के अनुसार —
50 वर्ष से अधिक आयु के करीब 70% लोगों को चश्मे की जरूरत
लगभग 20% बच्चों में भी दृष्टि दोष पाया गया
विशेषज्ञों के अनुसार कम उम्र में मोबाइल, कंप्यूटर और स्क्रीन के बढ़ते उपयोग के कारण बच्चों की नेत्र ज्योति पर भी असर पड़ रहा है, जो आने वाले समय में गंभीर स्वास्थ्य चुनौती बन सकता है।
AIIMS विशेषज्ञ ने बताया आंखों की देखभाल क्यों जरूरी
प्रो. प्रवीण वशिष्ठ ने कहा कि दिल्ली में नेत्र रोग विशेषज्ञों की संख्या तो अच्छी है, लेकिन ऑप्टोमेट्रिस्ट की कमी एक बड़ी चुनौती बनती जा रही है।


दिल्ली में करीब 1,085 नेत्र रोग विशेषज्ञ
लगभग 489 ऑप्टोमेट्रिस्ट
करीब 249 संस्थान आंखों की स्वास्थ्य सेवाएं दे रहे हैं (अधिकांश निजी क्षेत्र में)
उन्होंने बताया कि ऑप्टोमेट्रिस्ट आंखों की जांच कर चश्मे का नंबर तय करते हैं, इसलिए नेत्र ज्योति को सुरक्षित रखने में उनकी भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है।
WHO मानकों से अभी पीछे दिल्ली
World Health Organization (WHO) के अनुसार हर 50,000 लोगों पर कम से कम एक ऑप्टोमेट्रिस्ट होना चाहिए, लेकिन राजधानी दिल्ली अभी इस मानक से पीछे है।
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में भी सीमित नेत्र सेवाएं
दिल्ली में करीब 270 आयुष्मान आरोग्य मंदिर केंद्र संचालित हैं, लेकिन
केवल लगभग 50 केंद्रों पर ही आंखों की जांच की सुविधा उपलब्ध है
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर नियमित नेत्र जांच की सुविधा बढ़ाई जाए और ऑप्टोमेट्रिस्ट की संख्या बढ़े, तो बच्चों और बुजुर्गों में नेत्र ज्योति से जुड़ी समस्याओं का समय रहते समाधान संभव हो सकेगा।
AIIMS का संदेश: नेत्र ज्योति है जीवन की अमूल्य संपत्ति
AIIMS के इस अध्ययन ने यह स्पष्ट किया है कि आंखों की रोशनी केवल देखने का माध्यम नहीं, बल्कि स्वस्थ और सुरक्षित जीवन की बुनियाद है।
विशेषज्ञों की सलाह है —
नियमित आंखों की जांच कराएं
बच्चों का स्क्रीन टाइम सीमित रखें
बुजुर्गों की दृष्टि की समय-समय पर जांच कराएं
ताकि राजधानी दिल्ली में हर व्यक्ति की नेत्र ज्योति सुरक्षित रह सके और स्वस्थ जीवन की रोशनी बना रही है

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