January 15, 2026
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धरने की नहीं, काम की राजनीति पर भरोसा: सीएम रेखा गुप्तानिजी आरोपों पर भावुक हुईं मुख्यमंत्री, सदन में दिया सुशासन और सम्मान का संदेश

  • January 10, 2026
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रिधि दर्पण/ अरुण शर्मा  दिल्ली विधानसभा में शुक्रवार को मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने स्पष्ट और भावनात्मक शब्दों में कहा कि उनकी सरकार का विश्वास धरना-प्रदर्शन में नहीं, बल्कि

रिधि दर्पण/ अरुण शर्मा 

दिल्ली विधानसभा में शुक्रवार को मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने स्पष्ट और भावनात्मक शब्दों में कहा कि उनकी सरकार का विश्वास धरना-प्रदर्शन में नहीं, बल्कि काम करने और परिणाम देने की राजनीति में है। निजी आरोपों और तीखी टिप्पणियों के बीच मुख्यमंत्री सदन में भावुक नजर आईं, लेकिन उन्होंने साफ किया कि सरकार का फोकस केवल जनता की सेवा, विकास और सुशासन पर रहेगा।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि चुनाव घोषणा-पत्र में किए गए सभी वादों को चरणबद्ध तरीके से पूरा किया जाएगा। उन्होंने सदन को आश्वस्त किया कि शिक्षा, स्वास्थ्य, जल, सड़क, बिजली और महिला सशक्तिकरण जैसे मुद्दों पर सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है। सीएम ने कहा, “हम आरोप-प्रत्यारोप की राजनीति में समय नष्ट नहीं करेंगे। दिल्ली की जनता ने हमें काम करने का जनादेश दिया है।”


निजी आरोपों पर दिखा भावुक पक्ष
सदन में चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री उस समय भावुक हो गईं, जब उनके खिलाफ लगाए गए व्यक्तिगत आरोपों का जिक्र हुआ। उन्होंने कहा कि आलोचना लोकतंत्र का हिस्सा है, लेकिन व्यक्तिगत सम्मान और मर्यादा का ध्यान रखा जाना चाहिए।
रेखा गुप्ता ने कहा, “मैं राजनीति में अपमान सहने नहीं, सेवा करने आई हूं। महिलाओं के सम्मान और गरिमा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।”
विकास कार्यों की गिनाई उपलब्धियां
मुख्यमंत्री ने सदन में सरकार की उपलब्धियों का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि बिना नई योजनाओं का ढिंढोरा पीटे, मौजूदा योजनाओं को मजबूत किया गया है। अस्पतालों के इंफ्रास्ट्रक्चर, जल आपूर्ति, यमुना सफाई, सड़क सुधार और डिजिटल सेवाओं में ठोस प्रगति हुई है।
सीएम ने यह भी कहा कि पिछली सरकारों की अधूरी परियोजनाओं को पूरा करना उनकी प्राथमिकता है, ताकि दिल्लीवासियों को वास्तविक राहत मिल सके।
राष्ट्रीय संदेश के साथ मजबूत नेतृत्व
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने अपने संबोधन में स्पष्ट संकेत दिए कि दिल्ली सरकार का मॉडल केवल राजधानी तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि सुशासन और जवाबदेही का एक राष्ट्रीय उदाहरण बनेगा।
उन्होंने कहा, “सरकार का मूल्यांकन नारों से नहीं, जमीन पर दिखने वाले काम से होना चाहिए।”
रेखा गुप्ता का यह बयान न केवल दिल्ली की राजनीति में, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर भी कामकाजी नेतृत्व, संवेदनशीलता और राजनीतिक मर्यादा का संदेश देता है। यह साफ है कि मुख्यमंत्री अपनी सरकार की पहचान धरनों से नहीं, बल्कि विकास और विश्वास से गढ़ना चाहती हैं।

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