February 9, 2026
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दिल्ली स्टेट कैंसर इंस्टीट्यूट के डॉक्टरों की बड़ी पहल: IOCL के सहयोग से विश्वस्तरीय रेडिएशन थेरेपी की ओर मजबूत कदम

  • January 22, 2026
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हाई-एंड लीनियर एक्सेलेरेटर से दिल्ली के सरकारी अस्पतालों में उन्नत कैंसर इलाज को मिलेगी नई दिशानई दिल्ली | विशेष संवाददाता: अरुण शर्माराष्ट्रीय राजधानी में सार्वजनिक कैंसर उपचार को

हाई-एंड लीनियर एक्सेलेरेटर से दिल्ली के सरकारी अस्पतालों में उन्नत कैंसर इलाज को मिलेगी नई दिशा
नई दिल्ली | विशेष संवाददाता: अरुण शर्मा
राष्ट्रीय राजधानी में सार्वजनिक कैंसर उपचार को नई मजबूती देते हुए दिल्ली स्टेट कैंसर इंस्टीट्यूट (DSCI) के डॉक्टरों ने इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन लिमिटेड (IOCL) के साथ मिलकर अत्याधुनिक हाई-एनर्जी लीनियर एक्सेलेरेटर स्थापित करने की दिशा में अहम पहल की है। यह अत्याधुनिक रेडिएशन थेरेपी मशीन कैंसर के सटीक और प्रभावी इलाज में विश्व स्तर पर

उपयोग की जाती है। परियोजना को IOCL की कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) योजना के तहत सहयोग दिया जा रहा है।


इस संबंध में 21 जनवरी 2026 को दिल्ली सचिवालय में एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए। कार्यक्रम में वरिष्ठ स्वास्थ्य अधिकारी, प्रमुख ऑन्कोलॉजिस्ट और IOCL सहित संबंधित संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। यह साझेदारी सरकारी अस्पतालों में आधुनिक और जीवनरक्षक कैंसर उपचार सुविधाओं को सशक्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
MoU साइनिंग के दौरान स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के विशेष सचिव श्री यश चौधरी, दिल्ली स्टेट कैंसर इंस्टीट्यूट के संयुक्त निदेशक डॉ. रविंदर सिंह और क्लिनिकल ऑन्कोलॉजी विभाग की प्रमुख डॉ. प्रज्ञा शुक्ला मौजूद रहीं। IOCL की ओर से कार्यकारी निदेशक (कोऑर्डिनेशन एवं CSR) श्री विभूति रंजन प्रधान और उप महाप्रबंधक (CSR) श्री नितिन वशिष्ठ उपस्थित रहे। वहीं, HLL इंफ्रा टेक सर्विसेज लिमिटेड (HITES) से श्री विनीट अग्रवाल और श्री नूर आलम ने भी कार्यक्रम में भाग लिया।


अधिकारियों के अनुसार हाई-एंड लीनियर एक्सेलेरेटर की आपूर्ति मार्च 2026 के अंत तक होने की उम्मीद है। मशीन की स्थापना, कमीशनिंग और परमाणु ऊर्जा नियामक बोर्ड (AERB) से अनिवार्य स्वीकृति के बाद इसे वर्ष के अंत तक पूरी तरह चालू कर दिया जाएगा।
इस अवसर पर दिल्ली स्टेट कैंसर इंस्टीट्यूट के निदेशक डॉ. विनोद कुमार ने इसे सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवा के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि बताया।
उन्होंने कहा,
“इस हाई-एनर्जी लीनियर एक्सेलेरेटर की स्थापना DSCI के लिए एक मील का पत्थर है। यह उन्नत तकनीक हमारे डॉक्टरों को अत्यंत सटीक और विश्वस्तरीय रेडिएशन थेरेपी देने में सक्षम बनाएगी, जिससे कैंसर मरीजों के इलाज के परिणामों में उल्लेखनीय सुधार होगा। IOCL के CSR सहयोग के लिए हम आभारी हैं।”
चिकित्सा विशेषज्ञों का मानना है कि इस मशीन से संस्थान की उपचार क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी और हर वर्ष हजारों मरीजों, विशेषकर आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के रोगियों को उन्नत व सुलभ इलाज मिल सकेगा।
क्लिनिकल ऑन्कोलॉजी विभाग की प्रमुख डॉ. प्रज्ञा शुक्ला ने इस पहल के सामाजिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा,
“सरकार के मजबूत समर्थन से यह परियोजना संभव हो पाई है और हमारा उद्देश्य है कि इस तकनीक का अधिकतम उपयोग कर समाज के सबसे गरीब कैंसर मरीजों को अनुशंसित उपचार उपलब्ध कराया जाए। IOCL ने मशीन के पूरी तरह कार्यशील होने के बाद भी सहयोग जारी रखने का आश्वासन दिया है।”
वहीं, DSCI के संयुक्त निदेशक डॉ. रविंदर सिंह ने सार्वजनिक-निजी भागीदारी की अहमियत पर जोर देते हुए कहा,
“DSCI सामाजिक उत्तरदायित्व और स्वास्थ्य सेवा विकास के प्रति IOCL की प्रतिबद्धता का सम्मान करता है। इस हाई-एंड लीनियर एक्सेलेरेटर से मरीजों की प्रतीक्षा अवधि घटेगी और सुरक्षित, प्रभावी तथा प्रमाण-आधारित रेडियोथेरेपी संभव हो सकेगी। इस तरह की साझेदारियां देश में कैंसर उपचार के परिणाम सुधारने के लिए अत्यंत आवश्यक हैं।”
स्वास्थ्य अधिकारियों का कहना है कि यह परियोजना सरकारी अस्पतालों को अत्याधुनिक चिकित्सा तकनीक से लैस करने की सरकार की व्यापक सोच को दर्शाती है, जिससे गुणवत्तापूर्ण कैंसर इलाज तक समान पहुंच सुनिश्चित होगी और दिल्ली आधुनिक कैंसर उपचार के एक मजबूत केंद्र के रूप में उभरेगी।

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