January 15, 2026
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दिल्ली सरकार का बड़ा फैसला: 1984 दंगा पीड़ित परिवारों को मिलेगी सरकारी नौकरी, नई नीति लागू

  • November 14, 2025
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नई दिल्ली अरुण शर्मा रिधि दर्पण! दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बुधवार को 1984 के सिख विरोधी दंगों से प्रभावित परिवारों के लिए एक ऐतिहासिक और भावनात्मक

नई दिल्ली अरुण शर्मा रिधि दर्पण!


दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बुधवार को 1984 के सिख विरोधी दंगों से प्रभावित परिवारों के लिए एक ऐतिहासिक और भावनात्मक निर्णय की घोषणा की है। मुख्यमंत्री ने बताया कि अब उन सभी पीड़ित परिवारों के आश्रितों को सरकारी नौकरी दी जाएगी, जिन्हें वर्षों से न्याय और पुनर्वास का इंतजार था।

करुणा, न्याय और सम्मान—तीनों आधारों पर बनी नई नीति

सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह नियुक्ति “दयालु आधार” और “अनुकंपा आधार” पर दी जाएगी। नई नीति के तहत न केवल दंगा पीड़ितों के आश्रित, बल्कि उनके पुत्र, पुत्री, बहू, दामाद या पोते-पोती तक सरकारी नौकरी के पात्र होंगे। इससे हजारों परिवारों को नए सिरे से जीवन आगे बढ़ाने का अवसर मिलेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि “यह फैसला सिर्फ प्रशासनिक कदम नहीं, बल्कि उन परिवारों के प्रति संवेदनशीलता, न्याय और सम्मान की प्रतीक है जिन्होंने अपने परिजनों को खोया और दशकों तक पीड़ा झेली।”

लंबित मामलों का होगा तत्काल निपटारा

2007 में पूर्ववर्ती कैबिनेट के निर्णय के बाद कई मामले रोजगार सहायता योजना के तहत लंबित पड़े थे। अब नई नीति में यह प्रावधान किया गया है कि उन सभी लंबित फाइलों का निर्धारित समय सीमा में निपटारा होगा।

सरकार ने यह भी कहा कि आयु सीमा और शैक्षणिक योग्यता में जरूरत के अनुसार छूट दी जाएगी, ताकि योग्य परिवारों को नौकरी पाने में किसी प्रकार की बाधा न आए।

सरकार ने बनाया पारदर्शी तंत्र

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि नौकरी वितरण की पूरी प्रक्रिया पारदर्शी होगी और किसी तरह की देरी या भ्रांति की गुंजाइश नहीं छोड़ी जाएगी। इसके लिए एक विशेष तंत्र बनाया जा रहा है, जिससे पात्र परिवारों को जल्द से जल्द सरकारी विभागों में नियुक्ति दी जा सके।

राजधानी में राहत और उम्मीद की नई किरण

इस फैसले से उन हजारों परिवारों में उम्मीद की लहर दौड़ गई है, जो वर्षों से सरकारी सहायता और स्थायी रोजगार की प्रतीक्षा कर रहे थे। सरकार का दावा है कि यह कदम दिल्ली में सामाजिक न्याय और पुनर्वास के क्षेत्र में एक मील का पत्थर साबित होगा।

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