दिल्ली मेट्रो में स्मार्ट और सुरक्षित लास्ट-माइल कनेक्टिविटी की तैयारी
- December 10, 2025
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अरुण शर्मा रिधि दर्पण! दिल्ली मेट्रो अब यात्रियों के लिए लास्ट-माइल कनेक्टिविटी को और अधिक स्मार्ट व सुरक्षित बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रही है।
अरुण शर्मा रिधि दर्पण! दिल्ली मेट्रो अब यात्रियों के लिए लास्ट-माइल कनेक्टिविटी को और अधिक स्मार्ट व सुरक्षित बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रही है।
अरुण शर्मा रिधि दर्पण!
दिल्ली मेट्रो अब यात्रियों के लिए लास्ट-माइल कनेक्टिविटी को और अधिक स्मार्ट व सुरक्षित बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रही है। इसी उद्देश्य से दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (DMRC) ने आईआईटी हैदराबाद के TiHAN इनोवेशन हब के साथ एक महत्वपूर्ण करार किया है, जिसके तहत फीडर और स्टेशन से जुड़े वाहनों में एडवांस्ड ऑटोनॉमस नेविगेशन तकनीक विकसित की जाएगी।
इस तकनीक की खासियत यह होगी कि वाहन अपने रास्ते में आने वाली किसी भी बाधा—चाहे वह वस्तु हो, पैदल यात्री या कोई अन्य वाहन—को खुद पहचानकर स्वतः रास्ता बदलने में सक्षम होंगे। इससे सड़क हादसे कम होने के साथ-साथ यात्रियों की सुरक्षा में भी बड़ा सुधार होगा।
पहले चरण में होगा ट्रायल
शुरुआती चरण में यह तकनीक मेट्रो डिपो और कुछ विशेष गलियारों में प्रयोगात्मक रूप से लागू की जाएगी। सफलता मिलने पर इसे मेट्रो स्टेशनों से चलने वाली लास्ट-माइल कनेक्टिविटी सेवाओं में शामिल किया जाएगा।

अधिकारियों का कहना है कि यह सिस्टम स्टेशनों के आसपास यातायात को सुचारू बनाने के साथ-साथ यात्री सुरक्षा को भी नई ऊंचाई देगा। भविष्य में यह तकनीक दिल्ली को स्मार्ट और सुरक्षित मोबिलिटी समाधान की दिशा में आगे बढ़ाएगी।
आईआईटी हैदराबाद का ड्राइवरलेस मॉडल तैयार
TiHAN इनोवेशन हब की ओर से इस तकनीक से लैस एक गोल्फ-कार्ट प्रोटोटाइप भी पहले ही तैयार किया जा चुका है। यह वाहन पूरी तरह ड्राइवरलेस है और ट्रैफिक व बाधाओं के आधार पर अपनी गति और दिशा स्वयं तय करता है। भीड़भाड़ वाले शहरी इलाकों के लिए यह क्षमता बेहद कारगर मानी जा रही है।
DMRC का कहना है कि इस तकनीक की शुरुआत राजधानी में इंटेलिजेंट ट्रांसपोर्ट इंटीग्रेशन के नए दौर का संकेत है, जिससे मेट्रो यात्रियों को स्टेशन से घर तक की यात्रा और अधिक सुरक्षित, सहज और सुविधाजनक अनुभव होगी।