January 15, 2026
दिल्ली दिल्ली-एनसीआर

दिल्ली नगर निगम उपचुनाव में 38.51% मतदान — चांदनी महल बना केंद्रबिंदु, शोएब इक़बाल की बगावत से बढ़ी सियासी सरगर्मी

  • December 1, 2025
  • 0

नई दिल्ली अरुण शर्मा रिधि दर्पण!दिल्ली नगर निगम उपचुनाव में इस बार मतदाताओं का उत्साह अपेक्षा से कम रहा। चुनाव आयोग के अनुसार कुल 38.51% मतदान दर्ज किया

नई दिल्ली अरुण शर्मा रिधि दर्पण!
दिल्ली नगर निगम उपचुनाव में इस बार मतदाताओं का उत्साह अपेक्षा से कम रहा। चुनाव आयोग के अनुसार कुल 38.51% मतदान दर्ज किया गया। यह आंकड़ा दिल्ली की तीनों बड़ी पार्टियों—आप, भाजपा और कांग्रेस—के लिए महत्वपूर्ण संकेत देता है।
इन उपचुनावों के नतीजे 3 दिसंबर को आएंगे और निगम को 12 नए पार्षद मिलेंगे।
चांदनी महल वार्ड बना राजनीतिक हलचल का केंद्र — 55.93% मतदान

12 वार्डों में सबसे अधिक मतदान चांदनी महल (55.93%) में हुआ।
लेकिन अधिक वोटिंग से भी बड़ा कारण है वह राजनीतिक हलचल, जिसने पूरे चुनाव का फोकस इस वार्ड पर केंद्रित कर दिया।
शोएब इक़बाल की बगावत ने बदल दिया चुनावी गणित

चांदनी महल में आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व विधायक शोएब इक़बाल ने पार्टी लाइन से हटकर अपने समर्थित उम्मीदवार को स्वतंत्र प्रत्याशी के रूप में मैदान में उतारा।
उनकी इस खुली बगावत ने वार्ड को अचानक बेहद हाई-प्रोफाइल बना दिया है।

चांदनी महल में शोएब इक़बाल की पकड़ क्यों अहम?

यह इलाका दशकों से उनका मजबूत राजनीतिक गढ़ माना जाता है।

स्थानीय स्तर पर उनकी सामाजिक पकड़ इतनी प्रभावशाली है कि उनकी नाराज़गी किसी भी दल का समीकरण बिगाड़ सकती है।

आप नेतृत्व के लिए यह बगावत एक बड़ा झटका मानी जा रही है।

अधिक मतदान इस बात का संकेत है कि शोएब इक़बाल के प्रभाव ने मतदाताओं को सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया है।

चांदनी महल का परिणाम तय करेगा कि—
आम आदमी पार्टी के भीतर असंतोष कितना गहरा है और शोएब इक़बाल की स्थानीय पकड़ किस स्तर तक कायम है।

किस वार्ड में कितना मतदान — पूरा विवरण

वार्ड मतदान प्रतिशत

चांदनी महल 55.93%
मुंडका 44.50%
संगम विहार-ए 44.40%
नारायणा 42.76%
दक्षिणपुरी 40.23%
शालीमार बाग-बी 37.53%
टिगांव कला 37.20%
विनोद नगर 36.47%
चांदनी चौक 35.65%
अशोक विहार 33.82%
द्वारका-बी 29.76%
ग्रेटर कैलाश 26.76% (सबसे कम)

ग्रेटर कैलाश में मात्र 26.76% मतदान — आप के लिए चिंता

ग्रेटर कैलाश वार्ड में सबसे कम मतदान दर्ज हुआ।
यह वार्ड आम आदमी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज का प्रभाव क्षेत्र माना जाता है।
कम मतदान ने आप के बूथ प्रबंधन और संगठनात्मक क्षमता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

राजनीतिक विश्लेषण — तीनों पार्टियों पर असर

. आम आदमी पार्टी — दोहरी चुनौती

एक ओर सौरभ भारद्वाज के क्षेत्र में सबसे कम मतदान

दूसरी ओर चांदनी महल में शोएब इक़बाल की खुली बगावत

दोनों घटनाएँ पार्टी नेतृत्व के लिए गंभीर संकेत हैं।
यदि चांदनी महल में परिणाम आप के खिलाफ जाता है, तो यह संगठन के भीतर बढ़ते असंतोष की ओर संकेत करेगा।

कांग्रेस — चुनाव से मिल सकती है संजीवनी

कम मतदान वाले चुनाव कांग्रेस के लिए पारंपरिक रूप से अनुकूल माने जाते हैं।
अगर पार्टी 12 में से 2–3 सीटें भी जीत लेती है, तो यह दिल्ली में उसके पुनर्जीवन का संकेत होगा।
चांदनी महल में त्रिकोणीय मुकाबला कांग्रेस को अप्रत्याशित फायदा दे सकता है।

भाजपा — शांत, लेकिन सतर्क

भाजपा के लिए यह चुनाव बड़ा जोखिम वाला नहीं था, परंतु कम मतदान उसे अपने कोर वोटरों के सक्रियता स्तर का आकलन करने पर मजबूर करेगा।
चूंकि पूरे चुनाव का फोकस AAP की अंदरूनी उथल-पुथल पर रहा, भाजपा अपेक्षाकृत बेहतर स्थिति में दिखाई देती है।
3 दिसंबर के परिणाम तय करेंगे दिल्ली की राजनीति की दिशा

इस उपचुनाव की राजनीति इसलिए और महत्वपूर्ण हो गई है क्योंकि—

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के वार्ड में मतदान हुआ,

AAP प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज के क्षेत्र में सबसे कम मतदान दर्ज हुआ,

और चांदनी महल में पार्टी के भीतर खुली बगावत देखने को मिली।

इन परिस्थितियों के बीच 3 दिसंबर को आने वाला परिणाम तय करेगा कि—

आप की आंतरिक स्थिति मजबूत होगी या कमजोर,

शोएब इक़बाल की पकड़ कितनी कायम है,

और दिल्ली की त्रिकोणीय राजनीति का संतुलन किस ओर झुकेगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *