March 14, 2026
हेल्थ

तीस हजारी कोर्ट में कैंसर जागरूकता की पहलन्यायपालिका और चिकित्सक साथ आए — नारी स्वास्थ्य, नारी सम्मान और कैंसर से बचाव का संदेश

  • March 12, 2026
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@नई दिल्ली, महिलाओं के स्वास्थ्य, नारी सशक्तिकरण और कैंसर से बचाव के उद्देश्य से Delhi State Cancer Institute ने Tis Hazari Courts Complex में कैंसर जागरूकता, रोकथाम और

@नई दिल्ली,

महिलाओं के स्वास्थ्य, नारी सशक्तिकरण और कैंसर से बचाव के उद्देश्य से Delhi State Cancer Institute ने Tis Hazari Courts Complex में कैंसर जागरूकता, रोकथाम और स्क्रीनिंग (CAPS) कैंप का आयोजन किया।
इस विशेष स्वास्थ्य पहल का उद्देश्य कोर्ट स्टाफ के बीच कैंसर के प्रति जागरूकता बढ़ाना, समय पर जांच को प्रोत्साहित करना और विशेष रूप से महिलाओं के स्वास्थ्य की सुरक्षा सुनिश्चित करना था। विशेषज्ञों ने कहा कि स्वस्थ नारी ही स्वस्थ और प्रगतिशील भारत की नींव है।


न्यायपालिका की गरिमामयी उपस्थिति
कार्यक्रम में न्यायपालिका के वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति ने इस स्वास्थ्य अभियान को विशेष महत्व दिया।
कार्यक्रम में उपस्थित रहे:
सुश्री अंजू बजाज चांदना — जिला एवं सत्र न्यायाधीश (मुख्यालय) / चेयरपर्सन, सेंट्रल DLSA
सुश्री अदिति चौधरी — जिला एवं सत्र न्यायाधीश (पश्चिम) / चेयरपर्सन, वेस्ट DLSA
श्री अभितेश कुमार — सचिव, सेंट्रल DLSA
श्री संकल्प कपूर — वेस्ट DLSA
सुश्री रुचिका सिंगला — जिला न्यायाधीश
इन सभी ने इस पहल को न्यायपालिका और समाज के बीच स्वास्थ्य जागरूकता का महत्वपूर्ण सेतु बताया।
कैंप में दी गई प्रमुख स्वास्थ्य सेवाएँ
कैंप के दौरान प्रतिभागियों को कई महत्वपूर्ण स्वास्थ्य सेवाएँ प्रदान की गईं:
मुफ्त कैंसर स्क्रीनिंग
विशेषज्ञ डॉक्टरों से परामर्श
जागरूकता सत्र
मैमोग्राफी जांच
एचपीवी-डीएनए परीक्षण
दोपहर तक कैंप में:
15,मैमोग्राफी जांच
30,एचपीवी-डीएनए टेस्ट
किए जा चुके थे।
महिलाओं को सिखाया गया ब्रेस्ट सेल्फ-एग्जामिनेशन
कार्यक्रम के दौरान महिलाओं को स्तन कैंसर की शुरुआती पहचान के लिए ब्रेस्ट सेल्फ-एग्जामिनेशन के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई, ताकि वे नियमित रूप से स्वयं जांच कर सकें और शुरुआती लक्षणों को पहचान सकें।
कैंप से एक दिन पहले स्तन और सर्वाइकल कैंसर की स्क्रीनिंग प्रोटोकॉल तथा एचपीवी वैक्सीनेशन के महत्व पर एक ऑनलाइन जागरूकता सत्र भी आयोजित किया गया।
विशेषज्ञ का संदेश
डॉ. प्रज्ञा शुक्ला
(प्रमुख, क्लिनिकल ऑन्कोलॉजी विभाग, Delhi State Cancer Institute)
“नियमित स्क्रीनिंग और समय पर जांच ही स्तन और सर्वाइकल कैंसर के बोझ को कम करने का सबसे प्रभावी तरीका है। सेल्फ-एग्जामिनेशन, एचपीवी वैक्सीनेशन और स्क्रीनिंग प्रोटोकॉल का पालन करने से बेहतर परिणाम मिल सकते हैं और कई जिंदगियाँ बचाई जा सकती हैं।”
न्यायपालिका का संदेश
सुश्री अंजू बजाज चांदना
जिला एवं सत्र न्यायाधीश (मुख्यालय) / चेयरपर्सन, सेंट्रल DLSA
उन्होंने कहा कि कई लोग कैंसर की स्क्रीनिंग कराने से डरते हैं क्योंकि उन्हें यह भय रहता है कि कहीं रिपोर्ट पॉजिटिव न आ जाए।
“‘अगर ऐसा हो गया तो?’ का डर ही सबसे बड़ा कारण है जिसकी वजह से लोग समय पर स्क्रीनिंग से बचते हैं। हमें इस मानसिकता को बदलना होगा और लोगों को नियमित जांच के लिए प्रेरित करना होगा।”
न्यायाधीशों का संयुक्त संदेश — नारी स्वास्थ्य और सशक्त भारत
कार्यक्रम में उपस्थित न्यायाधीशों सुश्री अंजू बजाज चांदना, सुश्री अदिति चौधरी, श्री अभितेश कुमार, श्री संकल्प कपूर और सुश्री रुचिका सिंगला ने संयुक्त रूप से कहा:
“नारी का स्वास्थ्य केवल परिवार ही नहीं बल्कि पूरे राष्ट्र के विकास से जुड़ा हुआ है। जब महिलाएँ स्वस्थ, जागरूक और सशक्त होंगी तभी समाज और देश प्रगति की नई ऊंचाइयों को प्राप्त करेगा। कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों से बचाव के लिए जागरूकता, समय पर जांच और स्वास्थ्य सेवाओं तक आसान पहुंच बेहद जरूरी है।”
उन्होंने यह भी कहा कि नारी सम्मान और नारी स्वास्थ्य को मजबूत करना एक प्रगतिशील भारत की पहचान है।
सरकार की स्वास्थ्य पहल की सराहना
विशेषज्ञों ने कहा कि Government of India और Government of Delhi द्वारा स्वास्थ्य जागरूकता, कैंसर रोकथाम और महिला स्वास्थ्य के लिए चलाई जा रही योजनाएँ देश में निवारक स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।
मुख्य संदेश
कैंसर से बचाव के लिए नियमित स्क्रीनिंग बेहद जरूरी
एचपीवी वैक्सीनेशन और शुरुआती जांच से कई जिंदगियाँ बच सकती हैं
महिला स्वास्थ्य ही राष्ट्र की प्रगति का आधार है
स्वस्थ नारी — सशक्त समाज — प्रगतिशील भारत
यही संदेश इस कैंसर जागरूकता और स्क्रीनिंग अभियान के माध्यम से दिया गया।

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