छतरपुर मंदिर में संपन्न हुआ सामूहिक विवाह
- November 17, 2025
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बेटी फाउंडेशनका सामाजिक उपक्रम—मुख्य अतिथि डॉ. बसंत गोयल ने कहा: “सनातन धर्म ही विश्व कल्याण का आधार” नई दिल्ली अरुण शर्मा रिधि दर्पण ! छतरपुर मंदिर में फाउंडेशन
बेटी फाउंडेशनका सामाजिक उपक्रम—मुख्य अतिथि डॉ. बसंत गोयल ने कहा: “सनातन धर्म ही विश्व कल्याण का आधार” नई दिल्ली अरुण शर्मा रिधि दर्पण ! छतरपुर मंदिर में फाउंडेशन
बेटी फाउंडेशन
का सामाजिक उपक्रम—मुख्य अतिथि डॉ. बसंत गोयल ने कहा: “सनातन धर्म ही विश्व कल्याण का आधार”
नई दिल्ली अरुण शर्मा रिधि दर्पण !
छतरपुर मंदिर में फाउंडेशन बेटी फाउंडेशन द्वारा आयोजित भव्य सामूहिक विवाह समारोह सामाजिक समरसता और सनातन धर्म की मूल भावनाओं को साकार करता दिखा। इस आयोजन में सर्वधर्म, निर्धन, असहाय एवं दिव्यांग परिवारों की कन्याओं का विवाह वैदिक सनातन विधि-विधान के अनुसार संपन्न कराया गया।

इस आयोजन की विशेषता यह रही कि जिन परिवारों में कोई दूसरा सदस्य नहीं था, उन कन्याओं के विवाह की संपूर्ण जिम्मेदारी—विवाह से लेकर सभी आवश्यक प्रबंध तक—बेटी फाउंडेशन ने उठाई।

परिवार चलाने के लिए सभी कन्याओं को दिया गया गृहस्थी का पूरा सामान
सभी नवविवाहित कन्याओं को फाउंडेशन द्वारा भविष्य के परिवार संचालन हेतु आवश्यक सभी वस्तुएँ प्रदान की गईं, जिनमें शामिल थीं—
बिस्तर
बर्तन
कपड़े
घर-परिवार चलाने के आवश्यक उपकरण
रोजमर्रा की उपयोगी सामग्री
इस पहल का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना रहा कि नए परिवार को किसी भी प्रकार की प्रारंभिक आर्थिक परेशानी का सामना न करना पड़े। यह कदम महिलाओं के सम्मान, स्वावलंबन और सुरक्षित भविष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास साबित हुआ।
मुख्य अतिथि डॉ. बसंत गोयल का उद्बोधन:
“सनातन धर्म सबको साथ लेकर चलता है”
समारोह में समाज सुधारक और सनातन संस्कृति के प्रबल संवाहक डॉ. बसंत गोयल मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने कहा—
“सनातन धर्म ही एकमात्र ऐसा धर्म है जिसका स्पष्ट उल्लेख प्राचीन शास्त्रों में मिलता है। यह धर्म हमें दया, करुणा, परोपकार और सर्व समाज को समान अधिकार देने की सीख देता है।”
उन्होंने आगे कहा—
“प्रकृति प्रेम, जीव-जीव में एकता, और दया धर्म—ये सभी मूल्य सनातन धर्म की जड़ों में निहित हैं। सामूहिक विवाह जैसे आयोजन समाज को जोड़ते हैं, गरीब परिवारों को संबल देते हैं और मानवता को मजबूत बनाते हैं।”
कार्यक्रम को सफल बनाने में बेटी फाउंडेशन के सतीश लोहिया, संयोजक पवन कुमार भूत व कई सामाजिक संस्थाओं का उल्लेखनीय योगदान रहा।
विवाह रस्में वैदिक रीति से सम्पन्न
हवन, मंत्रोच्चार, फेरे और पूर्ण वैदिक रीति-विधान के साथ सभी जोड़ों ने वैवाहिक जीवन की नई शुरुआत की। वातावरण में आध्यात्मिकता और सनातन परंपराओं की झलक स्पष्ट दिखाई दी।
31 जोड़ों ने नई जिंदगी की शुरुआत की
इस भव्य सामूहिक विवाह समारोह में 31 लड़के-लड़कियों ने सहभागिता की और 31 नए वैवाहिक जोड़ों ने नई उम्मीद और नए सपनों के साथ अपना गृहस्थ जीवन प्रारंभ किया।