February 9, 2026
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चिकित्सा इतिहास में सुनहरा अध्याय:डॉ. अर्चित पंडित ने रचा चमत्कार, स्टेज-IV बोन कैंसर से जूझ रही बच्ची का पैर कटने से बचाया

  • February 7, 2026
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फोर्टिस एस्कॉर्ट्स हॉस्पिटल, ओखला में देश की सबसे जटिल ‘लिंब सेविंग सर्जरी’ सफल नई दिल्ली रिधि दर्पण/ अरुण शर्माभारतीय चिकित्सा जगत में एक ऐतिहासिक और प्रेरणादायक उपलब्धि दर्ज

फोर्टिस एस्कॉर्ट्स हॉस्पिटल, ओखला में देश की सबसे जटिल ‘लिंब सेविंग सर्जरी’ सफल

नई दिल्ली रिधि दर्पण/ अरुण शर्मा
भारतीय चिकित्सा जगत में एक ऐतिहासिक और प्रेरणादायक उपलब्धि दर्ज करते हुए फोर्टिस एस्कॉर्ट्स हॉस्पिटल, ओखला के डॉक्टरों ने वह कर दिखाया, जिसे असंभव माना जा रहा था। स्टेज-IV बोन कैंसर से पीड़ित 11 वर्षीय बच्ची, जिसके दोनों फेफड़ों तक कैंसर फैल चुका था, उसका पैर काटे बिना सफल इलाज कर डॉक्टरों ने न सिर्फ एक जान बचाई, बल्कि भविष्य और आत्मसम्मान भी सुरक्षित किया।


इस असाधारण सफलता के केंद्र में रहे डॉ. अर्चित पंडित,
डायरेक्टर एवं हेड, सर्जिकल ऑन्कोलॉजी, जिन्होंने अपनी टीम के साथ मिलकर अत्याधुनिक लिंब कंजर्वेशन सर्जरी को अंजाम दिया। उनके नेतृत्व में यह केस भारतीय कैंसर सर्जरी के लिए एक मील का पत्थर बन गया है।
जब उम्मीदें टूट चुकी थीं, तब डॉक्टर बने सहारा
बच्ची को पहले बताया गया था कि पैर काटना ही एकमात्र विकल्प है। व्हीलचेयर और बैसाखियों पर निर्भर यह मासूम बच्ची और उसकी मां मानसिक रूप से टूट चुकी थीं। लेकिन फोर्टिस एस्कॉर्ट्स ओखला की मेडिकल टीम ने हार मानने से इनकार कर दिया।
पैर बचा, जिंदगी लौटी
डॉक्टरों ने कैंसरग्रस्त हड्डी को हटाकर उसका पुनर्निर्माण किया, जिससे बच्ची का पैर बच गया। इसके बाद कैंसर के फेफड़ों तक फैलाव को देखते हुए कीमोथेरेपी और दोनों फेफड़ों की सर्जरी की गई।
यह सर्जरी मिनिमली इनवेसिव रोबोटिक और VATS तकनीक से की गई, जिससे बच्ची तेजी से स्वस्थ हुई।
आज बिना सहारे चल रही है बच्ची


इलाज के महीनों बाद आज वही बच्ची बिना किसी सहारे के चलने में सक्षम, कैंसर-मुक्त और सामान्य जीवन की ओर लौट चुकी है। यह सफलता चिकित्सा विज्ञान, साहस और मानवीय संवेदना के अद्भुत संगम का प्रमाण है।
डॉक्टरों के शब्दों में सफलता
डॉ. अर्चित पंडित ने कहा—
“यह केस साबित करता है कि स्टेज-IV कैंसर भी अंत नहीं है। सही समय पर, सही तकनीक और समर्पित टीम से जिंदगी और अंग दोनों बचाए जा सकते हैं। यह कहानी उन परिवारों के लिए उम्मीद है जो एडवांस कैंसर से जूझ रहे हैं।”
डॉ. विनीत गोयल,
कंसल्टेंट, सर्जिकल ऑन्कोलॉजी, फोर्टिस एस्कॉर्ट्स, ओखला ने कहा—
“पैर बचाने का निर्णय सिर्फ सर्जरी नहीं, बल्कि एक बच्चे का भविष्य बचाने का फैसला था। आज उसे चलते देखना हमारी सबसे बड़ी जीत है।”
फोर्टिस की टीमवर्क से मिली जीत
डॉ. विक्रम अग्रवाल,
फैसिलिटी डायरेक्टर, फोर्टिस एस्कॉर्ट्स, ओखला ने इसे टीमवर्क, विशेषज्ञता और प्रतिबद्धता की जीत बताया।
स्वास्थ्य जगत के लिए बड़ा संदेश
यह मामला न सिर्फ एक बच्ची की जान बचाने की कहानी है, बल्कि यह संदेश भी है कि
एडवांस कैंसर में भी अंग बचाए जा सकते हैं
भारत में विश्वस्तरीय कैंसर सर्जरी संभव है
डॉक्टर, तकनीक और संवेदना मिलकर चमत्कार कर सकते हैं
फोर्टिस एस्कॉर्ट्स हॉस्पिटल, ओखला और डॉ. अर्चित पंडित की यह उपलब्धि भारतीय चिकित्सा इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में दर्ज की जाएगी।

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