क्लाउड सीडिंग निकली क्लाउड चीटिंग!
- October 29, 2025
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रोहित नेगी रिधि दर्पण ! राजधानी दिल्ली में बुधवार को जिस कृत्रिम बारिश (Artificial Rain) के ट्रायल की चर्चा पूरे दिन रही, वह फिलहाल फुस्स साबित होती नजर
रोहित नेगी रिधि दर्पण ! राजधानी दिल्ली में बुधवार को जिस कृत्रिम बारिश (Artificial Rain) के ट्रायल की चर्चा पूरे दिन रही, वह फिलहाल फुस्स साबित होती नजर
रोहित नेगी रिधि दर्पण !
राजधानी दिल्ली में बुधवार को जिस कृत्रिम बारिश (Artificial Rain) के ट्रायल की चर्चा पूरे दिन रही, वह फिलहाल फुस्स साबित होती नजर आ रही है। दोपहर में किए गए इस क्लाउड सीडिंग ट्रायल के तीन घंटे बीत जाने के बाद भी दिल्ली के किसी भी इलाके से बारिश की कोई खबर नहीं आई।
अधिकारियों ने दावा किया था कि ट्रायल के बाद 15 मिनट से लेकर 4 घंटे के भीतर बारिश शुरू हो जाएगी, लेकिन तीन घंटे गुजरने के बाद भी दिल्ली का आसमान धूल और धूप से चमक रहा है। न बादल, न बूंदें — यानी ‘कृत्रिम वर्षा’ का नामोनिशान तक नहीं।दोपहर बाद क्लाउड सीडिंग के कई प्रयोग किए गए, जिनमें हवा में विशेष रसायन छोड़े गए ताकि बादलों को बरसाया जा सके। लेकिन रेखा सरकार का यह ‘वैज्ञानिक प्रयोग’ अब सवालों के घेरे में है।

इसी बीच विपक्ष ने सरकार पर निशाना साधना शुरू कर दिया है। आम आदमी पार्टी (AAP) के नेता सौरभ भारद्वाज ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर तंज कसा — “बारिश में भी फर्ज़ीवाड़ा! कृत्रिम वर्षा का कोई नामोनिशान नहीं दिख रहा। लगता है सरकार ने सोचा था — इंद्र देव करेंगे वर्षा और सरकार दिखाएगी खर्चा!”
लोगों ने भी सोशल मीडिया पर मीम्स की बरसात शुरू कर दी है। किसी ने लिखा — “दिल्ली में बादल नहीं, बस सरकार के दावे उड़ रहे हैं।” तो किसी ने मजाक में कहा — “शायद बादलों को भी अनुमति पत्र का इंतज़ार है।”अब देखना यह है कि आने वाले घंटों में क्या सचमुच कुछ बूंदें गिरेंगी या यह ‘क्लाउड सीडिंग’ प्रयोग दिल्ली की नई राजनीतिक बहस बनकर रह जाएगा।