January 15, 2026
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कोचिंग सेंटर हादसा : उपराज्यपाल ने दो अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की मंजूरी दी

  • November 8, 2025
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तीन छात्रों की मौत के मामले में दिल्ली सरकार के अग्निशमन विभाग के अधिकारी पाए गए दोषी अरुण शर्मा रिधि दर्पण! राजधानी दिल्ली के ऑल्ड राजेंद्र नगर स्थित

तीन छात्रों की मौत के मामले में दिल्ली सरकार के अग्निशमन विभाग के अधिकारी पाए गए दोषी

अरुण शर्मा रिधि दर्पण!

राजधानी दिल्ली के ऑल्ड राजेंद्र नगर स्थित कोचिंग सेंटर की बेसमेंट में हुए दर्दनाक हादसे के मामले में अब बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की गई है।
दिल्ली के उपराज्यपाल वी.के. सक्सेना ने इस घटना के लिए जिम्मेदार पाए गए दिल्ली अग्निशमन सेवा (डीएफएस) के दो अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की मंजूरी प्रदान की है।

जानकारी के अनुसार, दिल्ली सरकार के फायर सर्विस विभाग के डिविजनल ऑफिसर वेदपाल और असिस्टेंट डिविजनल ऑफिसर उदयवीर सिंह को जुलाई 2024 में हुए हादसे में गंभीर लापरवाही का दोषी पाया गया था।
उपराज्यपाल ने दोनों अधिकारियों के खिलाफ सेवा नियमों के तहत कठोर कार्रवाई की स्वीकृति दी है।

27 जुलाई 2024 को ऑल्ड राजेंद्र नगर स्थित एक कोचिंग सेंटर की बेसमेंट में बारिश का पानी भर जाने से तीन छात्रों की दम घुटने से दर्दनाक मौत हो गई थी।
जांच में यह खुलासा हुआ कि बेसमेंट का उपयोग शिक्षण गतिविधियों के लिए किया जा रहा था, जबकि इसकी अनुमति दिल्ली फायर सर्विस द्वारा कभी नहीं दी गई थी।

जांच रिपोर्ट में उजागर हुई गंभीर चूकें

आंतरिक जांच में पाया गया कि संबंधित अधिकारियों ने न केवल फायर सेफ्टी प्रमाणपत्र की वैधता की सही तरीके से जांच नहीं की, बल्कि निरीक्षण रिपोर्ट में भी गंभीर चूकें बरतीं।
दोनों अधिकारियों को इस मामले में सेवा आचरण नियमों के उल्लंघन का दोषी पाया गया।

उपराज्यपाल का सख्त संदेश

उपराज्यपाल वी.के. सक्सेना ने इस घटना को “जनसुरक्षा की असफलता” करार देते हुए कहा “जनसुरक्षा के मामलों में किसी भी स्तर की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
जिन अधिकारियों ने अपनी जिम्मेदारी नहीं निभाई, उन्हें उनके पद की गरिमा के अनुरूप जवाबदेही तय करनी होगी।”

सक्सेना ने निर्देश दिया कि दिल्ली सरकार ऐसे सभी संस्थानों का फायर सेफ्टी ऑडिट दोबारा कराए, विशेष रूप से उन संस्थानों का जो आवासीय इलाकों की बेसमेंट में व्यावसायिक गतिविधियाँ चला रहे हैं।

हादसे ने झकझोर दी थी राजधानी

यह हादसा उस समय राजधानी में भारी आक्रोश का कारण बना था।
परिजनों और स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन पर फायर सेफ्टी व्यवस्था में गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए थे।
सोशल मीडिया पर भी दिल्ली में सुरक्षा मानकों और लाइसेंसिंग सिस्टम को लेकर तीखी बहस छिड़ गई थी।

अब उपराज्यपाल के आदेश के बाद यह मामला एक बार फिर सुर्खियों में है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह कार्रवाई जनसुरक्षा के दृष्टिकोण से एक महत्वपूर्ण और अनुकरणीय कदम है।

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