March 2, 2026
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कैलाश दीपक अस्पताल में कैंसर पर जागरूकता का संदेश — विशेषज्ञ बोले, प्रदूषण और जीवनशैली बन रहे कैंसर के मुख्य कारण

  • November 3, 2025
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पूर्वी दिल्ली अरुण शर्मा रिधि दर्पण ! सर्जिकल फोरम के सहयोग से कैलाश दीपक अस्पताल में “सीएमई ऑन ऑन्कोलॉजी” का आयोजन किया गया। इस अवसर पर देशभर के

पूर्वी दिल्ली अरुण शर्मा रिधि दर्पण !

सर्जिकल फोरम के सहयोग से कैलाश दीपक अस्पताल में “सीएमई ऑन ऑन्कोलॉजी” का आयोजन किया गया। इस अवसर पर देशभर के नामी ऑन्कोलॉजी और सर्जिकल विशेषज्ञों ने कैंसर की बढ़ती गंभीरता, नई सर्जिकल तकनीकों और उपचार के आधुनिक उपायों पर अपने विचार साझा किए।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य कैंसर के उपचार और शुरुआती पहचान के प्रति चिकित्सकों व समाज में जागरूकता फैलाना था।
कैंसर के बढ़ते मामले और इसके प्रमुख कारण
विशेषज्ञों के अनुसार, भारत में हर वर्ष करीब 14 लाख नए कैंसर मरीज सामने आते हैं, जिनमें से एक बड़ा हिस्सा शहरी क्षेत्रों का है।


डॉ. अजय जैन ने बताया कि,

“वायु प्रदूषण, तंबाकू सेवन, असंतुलित खानपान और तनाव कैंसर के बढ़ते मामलों के प्रमुख कारण हैं। हवा में मौजूद सूक्ष्म कण फेफड़ों और रक्त के जरिए शरीर के अन्य हिस्सों में कोशिकाओं को नुकसान पहुंचाते हैं, जिससे कैंसर का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।”
डॉ. जी.एस. ग्रेवाल ने कहा कि आज कैंसर केवल एक रोग नहीं बल्कि लाइफस्टाइल डिसऑर्डर बन चुका है।
“फेफड़े, मुंह, स्तन, प्रोस्टेट और लिवर कैंसर के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। समय पर जांच और शुरुआती इलाज से 70 प्रतिशत तक मरीज पूरी तरह स्वस्थ हो सकते हैं।”
वहीं, डॉ. शुभम गर्ग ने बताया कि तकनीकी प्रगति ने ऑन्कोलॉजी उपचार को और सटीक बनाया है।
“नई सर्जिकल तकनीकों, रेडिएशन थेरेपी और इम्यूनोथैरेपी के संयोजन से अब कई प्रकार के कैंसर का इलाज पहले की तुलना में ज्यादा प्रभावशाली हो गया है।”
कैलाश दीपक अस्पताल बनेगा पूर्वी दिल्ली का ऑन्कोलॉजी हब
कैलाश दीपक अस्पताल के प्रतिनिधि ने बताया कि अस्पताल जल्द ही पीईटी-सीटी स्कैन, गामा कैमरा, हीमैटोलॉजी यूनिट और बोन मैरो ट्रांसप्लांट यूनिट जैसी आधुनिक सुविधाएं शुरू करने जा रहा है।
इन सुविधाओं से न केवल पूर्वी दिल्ली बल्कि पूरे एनसीआर के मरीजों को विश्वस्तरीय कैंसर उपचार मिलेगा।
कैंसर के शुरुआती लक्षण — इन्हें न करें नजरअंदाज
विशेषज्ञों ने बताया कि कैंसर धीरे-धीरे शरीर में बढ़ता है, इसलिए शुरुआती संकेतों को पहचानना जरूरी है
लगातार थकान या कमजोरी महसूस होना
बिना वजह वजन घटना
त्वचा या तिल में बदलाव
लंबे समय तक खांसी या गले में खराश
किसी भी अंग में असामान्य सूजन या गांठ
शरीर से असामान्य रक्तस्राव
प्रदूषण से बचाव करें, मास्क का प्रयोग करें।
धूम्रपान और तंबाकू से पूरी तरह दूरी बनाएं।
नियमित व्यायाम और पौष्टिक आहार लें।
साल में एक बार पूर्ण स्वास्थ्य जांच कराएं।
परिवार में किसी को कैंसर का इतिहास हो तो स्क्रीनिंग टेस्ट कराना न भूलें।
कार्यक्रम के समापन सत्र में आयोजकों ने कहा
“कैंसर के खिलाफलड़ाई सिर्फ दवाओं से नहीं, बल्कि जागरूकता और समय पर जांच से जीती जा सकती है। हमारा प्रयास है कि हर व्यक्ति अपने स्वास्थ्य को लेकर सतर्क और सजग बने।”
कैंसर के मामलों में हर साल 10–12% की वृद्धि।
प्रदूषण और लाइफस्टाइल कैंसर के प्रमुख कारक।
शुरुआती पहचान से उपचार की सफलता दर 70% तक।
कैलाश दीपक अस्पताल में जल्द शुरू होगी बोन मैरो ट्रांसप्लांट यूनिट।

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