February 9, 2026
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एम्स दिल्ली में चमत्कारी सर्जरी: प्रो. एम.डी. रे की टीम ने 20 किलो का स्टेज-4 कोलन ट्यूमर हटाकर बचाई महिला की जान

  • January 24, 2026
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@नई दिल्ली हरि सिंह रावत रिधि दर्पण देश की शीर्ष चिकित्सा संस्था अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), नई दिल्ली ने एक बार फिर चिकित्सा क्षेत्र में इतिहास रच

@नई दिल्ली हरि सिंह रावत रिधि दर्पण

देश की शीर्ष चिकित्सा संस्था अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), नई दिल्ली ने एक बार फिर चिकित्सा क्षेत्र में इतिहास रच दिया है। एम्स दिल्ली के सर्जिकल ऑन्कोलॉजी विभाग के प्रोफेसर एम.डी. रे के नेतृत्व में डॉक्टरों की एक विशेषज्ञ टीम ने 43 वर्षीय महिला के शरीर से करीब 20 किलोग्राम का स्टेज-4 कोलन कैंसर ट्यूमर सफलतापूर्वक निकालकर उसे नया जीवन दिया है। यह जटिल और दो-चरणीय सर्जरी चिकित्सा जगत में एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।
पश्चिम बंगाल के दुर्गापुर निवासी महिला मुनमुन जुलाई 2024 में गंभीर पेट फूलने की शिकायत के साथ एम्स पहुंची थीं। जांच में सामने आया कि उन्हें एडवांस्ड मेटास्टेटिक कोलन कैंसर है, जो लिवर, गर्भाशय, ओवरी और पेरिटोनियम तक फैल चुका था।


डॉक्टरों की सलाह पर पहले उन्हें कीमोथेरेपी दी गई। महिला को FOLFOX के छह चक्र (बेवेसिज़ुमैब के साथ) और इसके बाद FOLFIRI का एक चक्र दिया गया, जिससे PET-CT में आंशिक सुधार दर्ज किया गया।
दो चरणों में हुई जटिल सर्जरी
इसके बाद 12 जनवरी 2026 को प्रो. एम.डी. रे के नेतृत्व में एम्स की मल्टी-डिसिप्लिनरी टीम ने साइटो-रिडक्टिव सर्जरी करते हुए लगभग 19.9 किलोग्राम ट्यूमर और प्रभावित अंगों को पूरी तरह निकाल दिया। कैंसर उपचार को अंतिम रूप देने के लिए 15 जनवरी 2026 को दूसरे चरण में HIPEC (हाइपरथर्मिक इंट्रापेरिटोनियल कीमोथेरेपी) की गई।
सर्जरी के बाद मरीज को आईसीयू से सामान्य वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया है और उनकी हालत संतोषजनक बताई जा रही है। आगे उन्हें मेंटेनेंस थेरेपी और टार्गेटेड ट्रीटमेंट दिया जाएगा।
लाइफस्टाइल बना कोलन कैंसर की बड़ी वजह
इस अवसर पर प्रो. एम.डी. रे ने कोलन कैंसर के बढ़ते मामलों पर चिंता जताते हुए कहा कि
“अत्यधिक रेड मीट और फास्ट फूड का सेवन, लंबे समय तक कब्ज, अनियमित दिनचर्या और बैठे-बैठे रहने की जीवनशैली कोलन कैंसर का खतरा तेजी से बढ़ा रही है।”
उन्होंने मानसिक स्वास्थ्य की भूमिका पर भी जोर देते हुए कहा कि
“मजबूत मानसिक स्थिति वाले मरीज इलाज के प्रति बेहतर प्रतिक्रिया देते हैं। योग, ध्यान और नियमित व्यायाम न केवल तनाव कम करते हैं, बल्कि रोग प्रतिरोधक क्षमता भी बढ़ाते हैं।”
एम्स दिल्ली की विशेषज्ञता का प्रमाण
यह सफलता एम्स दिल्ली की उन्नत चिकित्सा क्षमता और समर्पित डॉक्टरों की टीमवर्क का जीवंत उदाहरण है। विशेषज्ञों का कहना है कि जहां आधुनिक चिकित्सा तकनीक जीवन बचा सकती है, वहीं रोकथाम सबसे बड़ा उपाय है।
डॉक्टरों ने आम लोगों से अपील की है कि संतुलित आहार, रेड मीट का सीमित सेवन, नियमित व्यायाम, योग-ध्यान और पेट से जुड़ी समस्याओं को नजरअंदाज न करें।
यह मामला न केवल एक चिकित्सकीय मील का पत्थर है, बल्कि पूरे देश के लिए स्वास्थ्य जागरूकता का संदेश भी है कि समय पर जांच, सही इलाज और स्वस्थ जीवनशैली से कैंसर जैसी गंभीर बीमारी को भी हराया जा सकता है।

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