January 15, 2026
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अंकिता भंडारी हत्याकांड: दिल्ली में प्रवासी उत्तराखण्डियों का विरोध प्रदर्शन, धामी के इस्तीफे व सीबीआई जांच की मांग

  • January 5, 2026
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नई दिल्ली रिधि दर्पण हरि सिंह रावत! अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर देश की राजधानी दिल्ली में रविवार को प्रवासी उत्तराखण्डियों का आक्रोश सड़कों पर दिखाई दिया। जंतर-मंतर

नई दिल्ली रिधि दर्पण हरि सिंह रावत!

अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर देश की राजधानी दिल्ली में रविवार को प्रवासी उत्तराखण्डियों का आक्रोश सड़कों पर दिखाई दिया। जंतर-मंतर पर आयोजित धरना-प्रदर्शन में बड़ी संख्या में उत्तराखण्ड के प्रवासी नागरिकों, सामाजिक संगठनों और विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। प्रदर्शनकारियों ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देने तथा पूरे मामले की सीबीआई से जांच कराने की मांग की।

धरने में शामिल संगठनों ने आरोप लगाया कि अंकिता हत्याकांड में प्रभावशाली लोगों को बचाने का प्रयास किया जा रहा है और राज्य सरकार निष्पक्ष जांच कराने में विफल रही है। वक्ताओं ने मांग की कि मामले की जांच सर्वोच्च न्यायालय के किसी सिटिंग जज की निगरानी में सीबीआई से कराई जाए, ताकि सच्चाई सामने आ सके और पीड़िता को न्याय मिल सके।

धरना समाप्त होने के बाद भू-कानून संयुक्त संघर्ष समिति के प्रतिनिधिमंडल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को ज्ञापन सौंपते हुए निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच की मांग की।

इस अवसर पर वरिष्ठ कांग्रेस नेता धीरेन्द्र प्रताप ने केंद्र और राज्य सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि दस दिनों के भीतर दोषियों के खिलाफ ठोस कार्रवाई नहीं की गई, तो उत्तराखंड समेत देशभर में व्यापक जन आंदोलन किया जाएगा।

भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के वरिष्ठ नेता नरेंद्र सिंह नेगी ने कहा कि अंकिता हत्याकांड को लेकर जनआंदोलनों को और व्यापक व मजबूत करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर सीबीआई जांच को लेकर सभी विपक्षी दल एकजुट हैं।

जेएनयू छात्र संघ की अध्यक्ष अदिति मिश्र ने सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि महिलाओं के प्रति सरकार का रवैया असंवेदनशील है। उन्होंने कहा कि यह लड़ाई केवल अंकिता की नहीं, बल्कि समाज की हर बेटी की सुरक्षा और सम्मान से जुड़ी हुई है।

प्रसिद्ध समाजसेवी एवं बलात्कार विरोधी कार्यकर्ता योगिता भयाना ने कहा कि वह बेटियों के साथ हो रहे अन्याय के खिलाफ लगातार संघर्ष करती रहेंगी। उन्होंने आरोप लगाया कि उत्तराखंड सरकार इस मामले में मौन ही नहीं, बल्कि दोषियों को संरक्षण दे रही है।

समाजसेवी और वरिष्ठ कांग्रेस नेता हरिपाल रावत ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी अपनी जिम्मेदारी से नहीं बच सकते। राज्य के मुखिया होने के नाते वे इस मामले में जवाबदेह हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार वीआईपी समेत सभी आरोपियों को बचाने का प्रयास कर रही है। रावत ने मुख्यमंत्री से तत्काल इस्तीफा देने की मांग की।

उन्होंने यह भी मांग की कि सीबीआई जांच सर्वोच्च न्यायालय के किसी सिटिंग जज की निगरानी में कराई जाए तथा दुष्यंत गौतम को तत्काल गिरफ्तार कर गंभीर आपराधिक धाराओं में मुकदमा चलाया जाए।

धरने में शामिल लोगों ने कहा कि जब तक अंकिता भंडारी को न्याय नहीं मिल जाता, तब तक उनका संघर्ष जारी रहेगा।

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